ओवरब्रिज के ‘अधूरे ढांचों’ ने बढ़ाई शहरवासियों की परेशानी

ठेकेदार की मनमर्जी के आगे सब बौने, जुलाई के बाद अब अक्टूबर 2021 में काम करने की बात
- निर्माण कार्य पूरा करने को लेकर चार बार अंतिम तिथि बढ़ा चुका ठेकेदार
- नागौर शहर के सी-61 व सी-64 पर आरओबी निर्माण का मामला

By: shyam choudhary

Published: 27 Jun 2021, 10:57 AM IST

नागौर. शहर में रेलवे फाटकों पर बन रहे ओवरब्रिज द्रोपदी का ‘चीर’ बन गए हैं। बीकानेर रोड स्थित फाटक संख्या सी-61 पर ओवरब्रिज का निर्माण शुरू हुए चार साल हो गए, जबकि मानासर फाटक संख्या सी-64 पर पौने तीन साल से चल रहा है, इसके बावजूद दोनों आरओबी का काम अब तक मात्र 60 फीसदी ही पूरा हुआ है, जबकि वर्क ऑर्डर के अनुसार दोनों आरओबी का काम अब तक पूरा हो जाना था। ठेकेदार की लेटलतीफी एवं जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण शहर के दोनों प्रमुख मार्गों पर खड़े किए गए अधूरे कंक्रीट के ढांचे शहरवासियों के लिए परेशानी का सबब बन चुके हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।

तीन महीने पहले 21 मार्च को केन्द्रीय सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त महानिदेशक निर्मल कुमार एवं जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के सामने हाथ जोडऩे वाला ठेकेदार इतना ढीठ हो चुका है कि उसने तीन महीने में 2 प्रतिशत काम भी पूरा नहीं करवाया। ठेकेदार ने 21 मार्च को अधिकारियों की फटकार के बाद 31 जुलाई तक काम पूरा करने का वादा किया था, लेकिन जैसे ही उसे छूट मिली तो अब अक्टूबर 2021 की बात करने लगा है। हालांकि जिस गति से काम चल रहा है, उसको देखते हुए अक्टूबर तक भी काम पूरा होता नहीं दिख रहा है। गौरतलब है कि मानासर रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पी.आर.एल कंस्ट्रक्शन कंपनी तथा बीकानेर रेलवे फाटक पर बन रहे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य गुरु नानक कंस्ट्रक्शन कंपनी के जिम्मे है।

पहले 31 जुलाई, अब अक्टूबर 2021
केन्द्रीय सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त महानिदेशक ने 21 मार्च को दोनों ओवरब्रिज का निर्माण कार्य कर रही कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रतिनिधियों को जल्द से जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए थे। निरीक्षण के दौरान मौजूद कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रतिनिधियों ने अतिरिक्त महानिदेशक व जिला कलक्टर को बताया कि अपने नियत ओवरब्रिज का संपूर्ण निर्माण 31 जुलाई 2021 तक पूरा कर देंगे। लेकिन पिछले तीन महीने 3 फीसदी काम भी पूरा नहीं किया है और अब ठेकेदार 21 अक्टूबर की बात करने लगे हैं।

ये है दोनों आरओबी का लम्बाई व बजट
शहर में मानासर रेलवे फाटक पर निर्माणधीन ओवरब्रिज की कुल लबाई 1.173 किलोमीटर है। 29.23 करोड़ रुपए की लागत से बनाए जा रहे इस ओवरब्रिज का पिछले पौने तीन साल में 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो पाया है।
इसी प्रकार बीकानेर रेलवे फाटक पर बन रहे ओवरब्रिज की कुल लबाई 1.063 किलोमीटर है। 19.37 करोड़ रुपए की लागत से बनाए जा रहे इस ओवरब्रिज का चार बाद मात्र 59 प्रतिशत काम पूरा हुआ है।

अधिकारियों पर भारी ठेकेदार के रसूखात
आरओबी निर्माण में हो रही देरी को लेकर अधिकारियों के पास कहने को कुछ नहीं है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ठेकेदार के रसूखातों के आगे अधिकारी उन्हें खींचकर कुछ कह भी नहीं सकते। पूर्व में एक अधिकारी ने भुगतान रोकने का प्रयास किया तो उसका तबादला हो गया। कुछ अधिकारी दबे स्वर में यह भी कह रहे हैं कि ठेकेदार को खुद सरकार के मंत्री और जनप्रतिनिधि संरक्षण दे रहे हैं, इसलिए अधिकारी उन्हें सख्ताई से कहकर अपनी कुर्सी खतरे में नहीं डालना चाहते। जनता चाहे कितनी परेशान हो। अब तो स्थिति यह है कि एनएच के एक्सईएन मुकेश शर्मा ने संवाददाता का फोन उठाना ही बंद कर दिया है।

shyam choudhary Reporting
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