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सरकार के नुमाइंदे ही सरकार को लगा रहे लाखों के राजस्व का चूना....!

Nagaur. अवैध रूप से बजरी खनन से लाखों के राजस्व की रोजाना चोरी
-फर्जी तरीके से रवन्ना के रिकार्डों में हेरफेर कर सरकार को लगाया जा रहा चूना
पड़ताल में सामने आया: रवन्ना नागौर का, बजरी तुलाई रियाबड़ी, गाड़ी पहुंच गई जेतारण बर रोड

नागौर

Published: August 14, 2021 10:49:44 pm

नागौर. जिले में बजरी के खनन को वैध बनाने का गोरखधंधा तेजी से चल रहा है। खनन विभाग की कथित रूप से मिलीभगत के चलते प्रतिदिन लाखों रुपए की राजस्व हानि उठानी पड़ रही है। शुक्रवार को रियाबड़ी क्षेत्र में पड़ताल के दौरान चौंकाने वाली तथ्यात्मक तस्वीर सामने आई। रियाबड़ी क्षेत्र में बजरी भरने के बाद तीन वाहनों का रवन्ना नागौर रेंज से काट दिया गया। रवन्ना में दो की रवानगी कोटपुतली, एक की उदयपुर दिखाई गई, लेकिन तीनों वाहन देखे गए जेतारण बर रोड पर! इससे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा खुद-ब-खुद लगाया जा सकता है।
जिले में अवैध खनन के साथ राजस्व में चूना लगाने का काम तेजी से चल रहा है। वो भी जिम्मेदारों की नाकतले। यह स्थिति तब है, जबकि सुप्रीम कोर्ट की ओर से गत वर्ष अक्टूबर माह में सुप्रीम कोर्ट की ओर से नामित कमेटी ने नागौर परिक्षेत्र में खनन क्षेत्र का दौरा कर विभागीय अधिकारियों को नसीहत भी दी थी। समिति के जाने के हालात फिर से वही हो गए। खनन कहीं का, और रवन्ना कहीं का, यह खेल अब चरम पर पहुंच गया है। सूत्रों के अनुसार विभागीय अधिकारियों की जानकारी होने के बाद भी इस पर कार्रवाई नहीं होने से इस पर सवालिया निशान लगने लगा है।
आंखों देखा हाल
रियाबड़ी खनन क्षेत्र में दोपहर में पहुंचे तो वहां पर तीन गाडिय़ों में बजरी लदी देखी। तीनो में बजरी ओवरलोडेड मिली। इन गाडिय़ों में रवन्ना की जांच की तो पता चला कि इनके रवन्ना तो नागौर के कुचेरा क्षेत्र के हैं। रवन्ना जांच में एक और चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई। तीनों ही गाडिय़ों के रवन्ना में फोटो एक ही ट्रक की लगी मिली। इन गाडिय़ों का पीछा किया गया तो यह जेतारण के बर रोड पर पाई। जबकि इनकी गाडिय़ों में रवानगी कोटपुतली के लिए दिखाई गई है। रियाबड़ी-से कोटपुतली जाने के लिए या तो परबतसर से जोबनेर होता हुए जाना पड़ेग, या फिर पुष्कर का रास्ता जाने पर ही जल्दी गंतव्य तक जाया जा सकता है। पीछा किए जाने के दौरान यह जेतारण में बर रोड पर की ओर ओर मुड़ गई।
रवन्ना नागौर का तो फिर रियाबड़ी कैसे पहुंच गई
पड़ताल में सामने आया कि नागौर के जिस लीज का रवन्ना कटा है। रवन्ना कटने का समय के दौरान यह गाडिय़ां लीज से करीब दो सौ किलोमीटर दूर जेतारण बर रोड पर थी। गाड़ी नंबर आरजे01 जीबी6092 का रवन्ना एक बज कर 24 मिनट पर कटता है, और एक बजकर 25 मिनट पर कनफर्म हो जाता है। इसी तरह इसकी रवानगी उदयपुर दर्शाई जाती है। यह गाड़ी कागजी रिकार्ड में कुचेरा से माल भरती है, और इसकी माल तुलाई रियाबड़ी में दिखाई जाती है। जबकि यह गाड़ी कुचेरा पहुंचती ही नहीं, केवल रवन्ना कागजों में दिखाया जाता है नागौर का। इसकी तुलाई एवं इसमें बजरी रियाबड़ी में ही भरी जाती है। इसी तरह से गाड़ी नंबर आरजे 36 जीए2333 का रवन्ना भी कागजों में नागौर दिखाते हैं, लेकिन वास्तव में इस गाड़ी में बजरी रियाबड़ी में ही भरी जाती है। इसमें रवन्ना कटने का समय एक बजकर 58 मिनट दिखाया जाता है, और दो बजे इसका रवन्ना कनर्फ होता नागौर से। नागौर से रवन्ना कटी यह गाड़ी तुलाई के लिए रियाबड़ी चली जाती है। इसको कुचेरा क्षेत्र में कोई कांटा तुलने के लिए नहीं मिलता है। यह बिलकुल गले नहीं उतरता है। इसकी रवानागी भी छह सौ किलोमीटर दूर कोटपुतली दिखाई जाती है। फिर यह चमत्कारिक अंदाज में कोटपुतली जाने के लिए जेतारण बर रोड की ओर चली जाती है। इसी तरह गाड़ी नंबर आरजे 18जीए 5454 का रवन्ना चार बजकर 28 मिनट पर नागौर से कटता है, और चार बजकर 32 मिनट पर कनफर्म होता है। जबकि इसकी गाड़ी की लोकेशन पांच बजकर 57 मिनट पर जेतारण बर रोड पर मिलती है। इसमें सवाल यह उठता है कि अगर रवन्ना नागौर से कटा और इसमें भरी बजरी तुलाई के लिए 77 से 94 किलोमीटर की दूरी तय कर केवल तुलाने के लिए रियाबड़ी पहुंच जाती है। इसके रवन्ना मे भी रवानगी कोटपुतली दर्शाई गई है। पड़ताल के दौरान रियाबड़ी से ऐसे दर्जनों ट्रक शुक्रवार को बजरी से लदे ओवरलोडेड सडक़ों पर दौड़ते नजर आए।
The representatives of the government are losing the revenue of lakhs to the government....
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इन कहना है...
फर्जी तरीके से रवन्ना काटे जाने या फिर रिकार्ड में हेरफेर कर रवन्ना जारी व अवैध बजरी खनन से जुड़े प्रकरण सामने आएंगे तो फिर विभाग नियमानुसार कार्रवाई करेगा। इस संबंध में विभाग की ओर से आवश्यक कारगर कदम उठाए गए हैं।
धीरज पंवार, एमई, खनन विभाग नागौर

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