scriptThe use of pesticide in vegetables is not reduced even after consultation. | समझाइश के बाद भी सब्जियों में पेस्टीसाइड का प्रयोग कम नही | Patrika News

समझाइश के बाद भी सब्जियों में पेस्टीसाइड का प्रयोग कम नही

Nagaur. उद्यानिकी विभाग का दावा, विशेष तौर पर कार्यक्रम कर किसानों को समझाते हैं पेस्टीसाइड उपयोग की विधियां, किसानों ने अधिकारियों के दावों को नकारा

नागौर

Published: October 21, 2021 10:01:20 pm

नागौर. जिले में सब्जियों का उत्पादन कुल खपत की अपेक्षा महज 10 से 15 प्रतिशत ही रहता है। इसमें भी विशेषकर कुचामन क्षेत्र में प्याज, थांवला क्षेत्र में फूलगोभी, मटर एवं गोभी आदि का होता है। सब्जियों में अस्सी प्रतिशत से ज्यादा सब्जियों की आपूर्ति बाहर से की जाती है। उद्यानिकी विभाग की माने तो उनकी ओर से तहसीलवार काश्तकारों को इस संबंध में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से समझाने का प्रयास करते हैं। किसानों को बताया जाता है कि दुकानों से पेस्टीसाइड लिए जाने के बाद भी संबंधित विभाग के अधिकारी या कर्मी से उनके कार्यालयों में संपर्क कर ही इसका प्रयोग करें, ताकी उचित मात्रा में इसके प्रयोग होने पर दुष्प्रभावकारी स्थिति से बचा जा सके।इसके बाद भी पेस्टीसाइड के प्रयोग की स्थिति नगण्य होने के बजाय बढ़ी है। इधर काश्तकारों में मनोहरसिंह राठौड़, प्रभुराम, किसनाराम, केवलराम, दुलाराम, भगवानाराम, हनुमानाराम आदि से बातचीत हुई तो इनका कहना था कि चाहे कुचामन क्षेत्र हो या फिर नागौर! उद्यानिकी विभाग के अधिकारी व कर्मी ग्राम पंचायत स्तरीय कार्यालयों में मिलते ही नहीं हैं। किसान सेवा केन्द्रों में जाने पर भी इन लोगों से संपर्क नहीं हो पाता है। अब ऐसे में किसान भी दुकान से पेस्टीसाइड लिए जाने के बाद दुकानदार के बताए अनुसार उसका खेतों में प्रयोग कर लेते हैं। जबकि उद्यानिकी विभाग का कहना है कि ज्यादा उत्पादन एवं अच्छी फसल के साथ इसे बीमारियों से बचाने के चक्कर में मात्रा से अधिक पेस्टीसाइड का प्रयोग कर लिया जाता है। यही अधिकाधिक प्रयोग उपज के लिए कई बार घातक सिद्ध होता है। इसके लिए खुद किसानों को भी जागरुक होना पड़ेगा।

The use of pesticide in vegetables is not reduced even after consultation.
The use of pesticide in vegetables is not reduced even after consultation.

क्या कहते हैं उद्यानिकी अधिकारी....

.उद्यानिकी विभाग के कृषि अधिकारी अर्जुनराम मुडेल से बातचीत हुई तो कहा कि हालांकि नागौर जिला क्षेत्र में सब्जियों का उत्पादन औसतन बेहद कम कम होता है। फलों में अनार की स्थिति जरूर बेहद अच्छी है, और प्याज का उत्पादन भी यहां काफी बेहतर रहता है। थांवला क्षेत्र की गोभी आदि तो काफी प्रसिद्ध है। इसकी बुवाई के दौरान ही किसानों से सीजन के अनुसार बातचीत का कार्यक्रम किया जाता है। इसके अलावा विभाग की ओर से अधिकारी एवं कर्मचारी भी ग्राम पंचायतवार कार्यक्रमों का निर्धारण कर किसानें से मुलाकात कर जागरुक करने का प्रयास करते हैं। किसानों को आर्गनिक खेती करने के तरीके एवं इसके फायदे बताने के लिए विशेष तौर पर विभाग की ओर से कार्यक्रम निर्धारित कर सीधा किसानों से बातचीत की जाती है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Numerology: कम उम्र में ही अच्छी सफलता हासिल कर लेते हैं इन 3 तारीखों में जन्मे लोगहो जाइये तैयार! आ रही हैं Tata की ये 3 सस्ती इलेक्ट्रिक कारें, शानदार रेंज के साथ कीमत होगी 10 लाख से कमइन 4 राशि वाले लड़कों की सबसे ज्यादा दीवानी होती हैं लड़कियां, पत्नी के दिल पर करते हैं राजमां लक्ष्मी का रूप मानी जाती हैं इन नाम वाली लड़कियां, चमका देती हैं ससुराल वालों की किस्मतShani: मिथुन, तुला और धनु वालों को कब मिलेगी शनि के दशा से मुक्ति, जानिए डेटइन नाम वाली लड़कियां चमका सकती हैं ससुराल वालों की किस्मत, होती हैं भाग्यशालीweather update: राजस्थान के इन जिलों में हुई बारिश, जानें आगे कैसा रहेगा मौसमतत्काल पैसों की जरुरत है? तो जानिए वो 25 बैंक जो दे रहे हैं सबसे सस्ता Personal Loan

बड़ी खबरें

UP Assembly Elections 2022 : पलायन और अपराध खत्म अब कानून का राज,चुनाव बदलेगा देश का भाग्य - गृहमंत्री शाहराजपथ पर पहली बार 75 एयरक्राफ्ट और 17 जगुआर का शौर्य प्रदर्शन, देखें फुल ड्रेस रिहर्सल का वीडियोहेट स्पीच को लेकर हिन्दू संगठन पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, कहा-मुस्लिम नेताओं की भी हो गिरफ्तारीCovid-19 Update: देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 3.37 लाख नए मामले, ओमिक्रॉन केस 10 हजार पारPriyanka Chopra Surrogacy baby: तस्लीमा ने वेश्यावृत्ति, बुरका से की सरोगेसी की तुलनाफौजी पिता की मुहिम को 377 बेटियों को गोद लेकर आगे बढ़ा रहा किसान बेटापोस्ट ऑफिस ग्राहकों के लिए नया नियम, बिना पासबुक रुक जाएंगे आपके यह काम, जानें पूरी डिटेलघने कोहरे की वजह से तेजस एक्सप्रेस हुई लेट, रेलवे देगा 544 यात्रियों को भारी मुआवजा
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.