अष्टमी पर परिवार में एक साथ आई तीन देवियां

लाडनूं. बेटी के जन्म को अभिशाप मानना पुराने समय से चला आ रहा है। बदलते दौर में भी इस संकीर्ण मानसिकता में बदलवा नहीं आया है। आज भी कन्या के जन्म पर उसे फेंक दिया जाता है या फिर पेट में ही भ्रूण हत्या कर दी जाती है। सरकार भी कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए ‘बेटी बचाओ बेटी पढाओ’ अभियान चला रही है। लेकिन कुछ परिवार ऐसे भी हैं जिनमें बेटी को बेटे से कम नहीं आंका जाता और बेटी के जन्म पर भी उत्सव मनाया जाता है। तो बेटी के बारे में अच्छी सोच रखने वाले को माता का आशीर्वाद भी मिलता है।

By: Ravindra Mishra

Published: 21 Apr 2021, 12:37 AM IST

- महिला ने दिया तीन बेटियों को जन्म

- परिवार ने माना नवरात्र में मिला माता का आशीर्वाद

नवरात्रा में ऐसी ही एक घटना हुई लाडनूं इलाके में, जहां एक महिला ने एक साथ तीन कन्याओं को जन्म दिया। परिवार इसे माता का आशीर्वाद मान कर खुशियां मना रहा है।

जानकारी के अनुसार ग्राम खोखरी निवासी प्रियंका कंवर पत्नी जितेन्द्रसिंह को प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार शाम छह बजे लाडनूं के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। शाम साढ़े सात बजे प्रियंका ने तीन कन्याओं को जन्म दिया। माता सहित तीनों बेटियां स्वस्थ है। एक बच्ची को नर्सरी में रखा गया है। प्रियंका के यह पहला प्रसव था। आमतौर पर एक अथवा दो जुड़वा बच्चे होते हैं, लेकिन प्रियंका के नवरात्रा में दुर्गा अष्टमी से पूर्व एक साथ तीन बेटियों का जन्म होना शहर में चर्चा का विषय बना रहा। परिवार में एक साथ आई इस खुशी से दादा पाबूसिंह व दादी गौरा कंवर भी फूले नहीं समा रहे हैं। उनका कहना है कि समाज में बेटियों को भी बेटों के समान लाड़ प्यार मिलना चाहिए।

Ravindra Mishra
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