टिकैत ने कहा - पार्लियामेंट बड़ी मंडी, एमएसपी पर माल नहीं बिके तो दिल्ली ले आना

संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में आयोजित किसान महापंचायत में जिलेभर से पहुंचे किसान
- भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, महासचिव युद्धवीरसिंह, कॉमरेड अमराराम, राजाराम मील सहित कई नेताओं ने किया संबोधित

By: shyam choudhary

Updated: 04 Mar 2021, 10:11 AM IST

नागौर. ‘किसान आंदोलन से हमें एक बड़ी मंडी का पता चल गया है, जहां किसान के जिंस की एमएसपी पर खरीद होगी और वो मंडी है दिल्ली की पार्लियामेंट। अगले दस दिन में सफलें कट जाएंगी। अपनी-अपनी फसलें निकालने के बाद एमएसपी पर नहीं बिके तो ट्रेक्टर-ट्रॉली में भरना और दिल्ली आ जाना। रास्ते में कोई रोके तो बोलना, मोदी ने कानून बनाया है, या तो आगे जाने दे या फिर एमएसपी पर खरीद ले।’

यह बात भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बुधवार को नागौर में आयोजित किसान महापंचायत में बड़े गंभीर अंदाज में कही। हालांकि उनकी बात पर कुछ लोग हंसने लगे, जिस पर उन्होंने कहा कि मेरी बात को मजाक में मत लो, यह करना है। ताकि आपको भी पता चल जाए कि कानून क्या है और मोदी को भी पता चल जाए कि एमएसपी पर जिंसों की खरीद हो रही है या नहीं। उन्होंने उत्तरप्रदेश व मध्यप्रदेश के दो उदाहरण भी दिए।

नागौर के बैलों से हमारा रिश्ता
टिकैत ने अपने भाषण की शुरुआत तेजाजी के जयकारे से करते हुए कहा कि नागौर से हमारा वर्षों पुराना रिश्ता है और वो रिश्ता नागौर के मजबूत बैलों से हैं। उन्होंने कहा कि पहले हमारे गांव के किसान ट्रक भरकर यहां से बैल खरीदकर ले जाते थे, लेकिन इन ठेकेदारों ने रोक लगवाकर किसानों को रास्ते में परेशान करना शुरू कर दिया। परिवहन पर रोक लगने से हमारा और आपका दोनों का नुकसान हुआ है। टिकैत ने कहा, ‘जो ठेकेदार बन रहे हैं, इन्होंने देश को लूट लिया है। इनके कारण गांव बर्बाद हो रहे हैं। इसलिए लडऩा सीख लो, नहीं तो भुगतना पड़ेगा।

बिल वापसी नहीं तो किसान वापसी नहीं
टिकैत ने कहा कि जब तक बिल वापसी नहीं होगी, तब तक किसानों की वापसी नहीं होगी। सरकार कह रही है कि किसान बिजली चोरी कर रहे हैं, हमने कहा कनेक्शन दे दो, लेकिन नहीं दे रहे। कनेक्शन नहीं देंगे तो जनरेटर चलेगा, लेकिन किसान वापस नहीं आएगा। उन्होंने नागौर के किसानों को न्यौता देते हुए कहा कि दिल्ली के एक बॉर्डर की जिम्मेदारी राजस्थान की है। फसल कटाई के बाद आ जाओ ट्रैक्टर लेकर, कपड़े-लते साथ लेकर आना, ताकि मोदी की गलतफहमी दूर हो।

बेरिकेड तोडऩा आंदोलन का हिस्सा
महापंचायत स्थल से दो-दो किलोमीटर दूर वाहन खड़े करवाने पर टिकैत काफी नाराज हुए और आते ही मंच पर जाकर कहा - लडऩा सीखो। इसके बाद उन्होंने अपने संबोधन के दौरान भी इस बात का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस ने बेरिकेड लगा दिए, किसानों को पैदल आना पड़ रहा है। ऐसा क्यों, बेरिकेड तोडकऱ गाडिय़ा अंदर आनी चाहिए, बेरिकेड तोडऩा आंदोलन का हिस्सा है। अगली बार ऐसा न हो।

इन मुद्दों पर भी बोले
टिकैत ने कर्मचारियों की पेंशन योजना, गैस सिलेंडर व पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर भी लड़ाई लडऩे की बात कही। बोले- मैं कर्मचारियों का दर्द जानता हूं, क्योंकि मैंने पुलिस की नौकरी की है।

रात के अंधेरे में बनाया कानून काला ही होगा - युद्धवीर सिंह
भारतीय किसान यूनियन के महासचिव युद्धवीरसिंह ने किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि जब देश कोरोना की महामारी से लड़ रहा था, तब इन्होंने रात के अंधेरे में तीनों कृषि कानून बनाए। ये कह रहे हैं कि कानूनों में काला कुछ नहीं है, मैं कहता हूं, रात के अंधेरे में बनाया गया कानून काला ही होता है। युद्धवीर ने कहा कि अध्यादेश इमरजेंसी में लाए जाते हैं, जब देश पर संकट हो, इनमें इन कानूनों में ऐसा कुछ नहीं है, फिर भी बिना चर्चा किए सदन में रखे और पास करवा दिए। इनको अफरा तफरी में पास किया, यदि कानूनों में कुछ गलत नहीं था तो फिर ऐसा क्यों किया। इससे यह साफ जाहिर होता है कि सरकार के मन में खोट थी।

अमली बना दिया है आपको
युदवीरसिंह ने बलदेवराम मिर्ध का जिक्र करते हुए कहा कि अब दुबारा खेती पर संकट है, उसकी लड़ाई आपको लडऩी है। यह जमीन हमारी नहीं है, हम इसके केवल केयर टेकर हैं, इसलिए बुजुर्गों से जो मिली है, उसे अपने बच्चों के लिए छोडकऱ जाएं। यदि बचेगी नहीं तो बच्चों को क्या दोगे? उन्होंने कहा कि हम पांच साल किसान की बात करते हैं, लेकिन जब चुनाव आता है तो जाती और धर्म में बंट जाते हैं। इन्होंने धर्म की अफीम चटा दी आपको, अमली बना दिया है आपको।

एकजुट होकर लडऩा होगा - आजाद
भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि ये देश को बचाने की लड़ाई है, इसलिए हमें एकजुट होकर लडऩा होगा। देश को गुलामी की तरफ धकेला जा रहा है, जिस प्रकार ईस्ट इंडिया कम्पनी ने कब्जा किया था, उसी प्रकार चंद पूंजीपति इस देश पर कब्जा करने की साजिश रच रहे हैं, इसके खिलाफ किसानों ने शुरुआत की है, हमें चाहिए कि हम इनका सहयोग करें। ये किसी एक की लड़ाई नहीं है, हम सब की लड़ाई है। इसलिए जरूरी है कि इस लड़ाई को गांव-गांव पर तक ले जाएं। आजाद ने कहा कि सरकार ने हमारी एकता को तोडऩे के लिए कई षडय़ंत्र किए हैं, लेकिन इन्हें पता नहीं कि किसान जब उठ खड़ा होगा तो उसकी पीठ तोड़ देगा।

इन्होंने भी किया संबोधित
किसान महापंचायत को जाट महासभा एवं आरक्षण अधिकार मंच के अध्यक्ष राजाराम मील ने संबोधित करते हुए कहा कि न तो किसी के खाते में 15 लाख आए और न ही दो करोड़ नौकरियां मिली। यह लड़ाई लम्बी है, जिसे हम सब को मिलकर लडऩा है। अखिल भारतीय अनुसूचित जाति परिषद के डॉ. आरपी सिंह ने कहा कि सरकार ने सोए हुए शेर किसान को जगा दिया है। सरकार कहती है कि भीड़ से कानून नहीं बदलते। हम कहते हैं कि भीड़ से कानून नहीं बल्कि सरकार बदल जाती है। सज्जनकुमार दीपलाना ने कहा कि कानून के पीछे गुंडा पावर खड़ा है, जो किसान को थकाने की सोच रहे हैं। जमीअत उलेमा ए हिन्द के प्रदेश उपाध्यक्ष हाफिज मंजूर अली खान ने कहा कि आंदोलन में 200 से अधिक किसानों की मौत के बावजूद प्रधानमंत्री के मुंह से एक शब्द नहीं निकला है और धीरे-धीरे हर वर्ग के खिलाफ कानून बना रहे हैं। किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कॉमरेड अमराराम, बहुजन संघर्ष दल के शिवदान मेघवाल, नरेश मीणा, किसान नेता विजय पूनिया, सुखदेवसिंह भूपाल, स्थानीय नेता रिद्धकरण लोमरोड़, अर्जुनराम लोमरोड़ आदि ने संबोधित करते हुए कृषि कानूनों का विरोध करते हुए केन्द्र सरकार को निशाना बनाया। साथ ही कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा को मजबूत बनाना होगा। कृषि मंडी के व्यापारी महावीर बांठिया ने कहा कि हम किसानों के साथ हैं।

shyam choudhary Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned