scriptTired family waiting for gallantry medal, If Faiz got it, why was he a | वीरता पदक के इंतजार में थका परिवार, फैज को मिला तो खुमाराम पर क्यों रार | Patrika News

वीरता पदक के इंतजार में थका परिवार, फैज को मिला तो खुमाराम पर क्यों रार

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

नागौर . आंसू सूख चुके, जुबान तालू के चिपक गई। कागजी गुहार पता नहीं फाइलों में कहां गुम हो गई। वीरता पदक पर किसी ने गौर नहीं फरमाया। तकरीबन छह बरस गुजरने के बाद भी शहादत का इनाम नहीं मिल पाया। शहीद के माता-पिता के साथ भाई-बहन की आंखें इंतजार करते-करते थक चुकी है। शहीद का सम्मान अधूरा है, आश्वासन पर आश्वासन दिए गए पर मिला कुछ नहीं।

नागौर

Published: April 04, 2022 09:46:30 pm


ह्यूमन स्टोरी

यह पीड़ा शहीद खुमाराम के परिजनों की है। सरकार भी बदली, लेकिन शहीद का सत्कार नहीं हो पाया। वीरता के लिए राष्ट्रपति पदक को तत्कालीन एसपी तक ने अभिशंसा की, नेताओं ने भी खूब वादे और भाषण दिए पर यह सब धरा का धरा रह गया। शहीद के पिता मोहनराम से जब इस बाबत पूछो तो सुबकते-सुबकते अपने नसीब को कोसने लगते हैं। इतने बरस बीतने के बाद भी वो थके नहीं हैं न ही उम्मीद खोई है। आंखों में चमक बरकरार है तो अपने शहीद बेटे के राष्ट्रपति वीरता पदक देखने के लिए।
खुमाराम
राष्ट्रपति पदक कई बार गुहार और अभिशंसा पर न जाने क्यों रुका सम्मानकी तत्कालीन एसपी ने की थी अभिशंसा
फैज मोहम्मद को तो इसे क्यों नहीं

सूत्र बताते हैं कि खुमाराम के पिता मोहनराम ने कई बार पुलिस के आला अधिकारियों को पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2013-14 में जब पुलिसकर्मी फैज मोहम्मद आनंदपाल गैंग के हाथों शहीद होने के बाद राष्ट्रपति वीरता पदक हासिल कर सकता है तो खुमाराम को आखिर क्यों इससे वंचित किया जा रहा है। बताया जाता है कि तत्कालीन एसपी परिस देशमुख ने इसकी अभिशंसा भी की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। देशमुख ने तो अपने पत्र में अजमेर रेंज आईजी को वर्ष 2016 में ही आने वाले गणतंत्र दिवस पर वीरता पदक से सम्मानित करने की अपील की थी। यहां तक कि उन्होंने अपने पत्र में यह भी लिखा कि खुमाराम की शहादत के बाद वहां मिली अपराधियों की गाड़ी से कई महत्वपूर्ण सुराग मिले जो आनंदपाल गैंग के कई बदमाशों की गिरफ्तारी का आधार बने।
करना तो सरकार को ही है...

शहीद के पिता मोहनराम कहते हैं कि अब तो बार-बार जाकर गुहार करना भी अच्छा नहीं लगता। छह साल होने के बाद भी कई पत्र आगे गए, लेकिन पदक मिलने की खुशी लेकर कोई खत हमारे पास नहीं आया। पता नहीं आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? हम तो चाहते हैं कि खुमाराम को शौर्य सम्मान भी मिले। अब इंतजार तो है, लेकिन देखते हैं कब तक मिलेगा। करना तो सरकार को ही है..।
अब सारे चुप क्यों?

खुमाराम की शहादत पर कई दिनों तक हंगामा बरपा। शहीद के लिए खूब बड़ी-बड़ी बातें हुई। उसके सम्मान के लिए बड़ी से बड़ी, घोषणाएं भी पर सबकुछ धरा का धरा रह गया। शुरुआत में तो सब बोले, फिर किसी ने कोई रुचि नहीं दिखाई। अब तो शहीद के परिवार को कोई संभालने भी नहीं जाता। गौरतलब है कि 21 मार्च 2016 को आनंदपाल गैंग से मुठभेड़ में कांस्टेबल खुमाराम शहीद हो गया था।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

इन बर्थ डेट वालों पर शनि देव की रहती है कृपा दृष्टि, धीरे-धीरे काफी धन कर लेते हैं इकट्ठाLiquor Latest News : पियक्कडों की मौज ! रात एक बजे तक खरीदी जा सकेगी शराबशुक्र देव की कृपा से इन दो राशियों के लोग लाइफ में खूब कमाते हैं पैसा, जीते हैं लग्जीरियस लाइफMorning Tips: सुबह आंख खुलते ही करें ये 5 काम, पूरा दिन गुजरेगा शानदारDelhi Schools: दिल्ली में बदलेगी स्कूल टाइमिंग! जारी हुई नई गाइडलाइनMahindra Scorpio 2022 का लॉन्च से पहले लीक हुआ पूरा डिजाइन और लुक, बाहर से ऐसी दिखती है ये पावरफुल कारबैड कोलेस्‍ट्राॅल और डिमेंशिया को कम करके याददाश्त को बढ़ाता है ये लाल खट्‌टा-मीठा फल, जानिए इसके और भी फायदेAC में लगाइये ये डिवाइस, न के बराबर आएगा बिजली बिल, पूरे महीने होगी भारी बचत

बड़ी खबरें

दिल्ली-NCR में सुबह-सुबह खतरनाक आंधी के साथ बारिश, कई जगह उखड़े पेड़, फ्लाइट्स प्रभावितज्ञानवापी मामले के बीच गोवा के सीएम का बड़ा बयान, प्रमोद सावंत बोले- 'जहां भी मंदिर तोड़े गए फिर से बनाए जाएं'BJP को सरकार बनाने के लिए क्यों जरूरी है काशी और मथुरा? अयोध्या से बड़ा संदेश देने की तैयारीबेल्जियम, पहला देश जिसने मंकीपॉक्स वायरस के लिए अनिवार्य किया क्वारंटाइनएशिया कप हॉकी: पहले ही मैच में भिड़ेंगे भारत और पाकिस्तान, ऐसा है दोनों टीमों का रिकॉर्डआख़िर क्यों असदुद्दीन ओवैसी बार-बार प्लेसेज ऑफ़ वर्शिप एक्ट की बात कर रहे हैं, जानें क्या है यह एक्टकपिल देव के AAP में शामिल होने की चर्चा निकली गलत, सोशल मीडिया पर पूर्व कप्तान ने खुद साफ की स्थितिआक्रांताओं द्वारा तोड़े गए मंदिरों के बारे में बात करना बेकार है: सद्गुरु
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.