आसान नहीं रहेगा जयपुर से नागौर का सफर, समय बर्बाद करने को होंगे लाचार

सरकारी व निजी कर्मचारियों के लिए बढ़ेगी मुसीबत, लीलण एक्सप्रेस का रूट बदलने से समय पर नहीं होंगे काम

By: Jitesh kumar Rawal

Published: 07 Sep 2020, 09:12 PM IST

नागौर. जयपुर से चले और शाम तक काम-काज निपटाकर वापस घर लौट सकते थे। कुछ ऐसा ही हाल नागौर के बाशिंदों का भी था, जो सुबह यहां से चले और शाम तक जयपुर का दौरा कर लौट सकते थे। लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा। नागौर होते हुए जयपुर तक चलने वाली लीलण एक्सप्रेस का रूट बदलना हर किसी के लिए मुसीबत भरा है। यह सारी व्यथा सरकारी कर्मचारी और निजी कंपनियों में काम करने वाले लोगों की है। लीलण एक्सप्रेस का रूट परिवर्तित करने से अब जयपुर और नागौर के बीच सफर करना आसान नहीं होगा। ऐसे में समय व धन बर्बाद करने को लाचार होंगे। समय पर नहीं पहुंचेंगे तो समय पर काम पूरा नहीं होने की समस्या सामने आएगी, सो अलग।

इसी से तय करते हैं घर का रास्ता
ऐसा नहीं है कि नागौर के लोग ही इस ट्रेन से जयपुर का सफर करते हैं। जयपुर के लोग भी नागौर तक का आसान सफर इसी में करते हैं। आसपास के क्षेत्र में नौकरी करते हुए साप्ताहिक अवकाश के समय वे आसानी से घर पहुंच सकते हैं। इस रूट पर बसे गांव और कस्बों में कई ऐसे कर्मचारी हैं, जो इस ट्रेन से घर का रास्ता तय करते हैं।

कारगर साबित होता है सफर
निजी कंपनियों के प्रतिनिधि नागौर और जैसलमेर तक के इस रूट पर अपना काम करने आते हैं। अधिकतर इसी ट्रेन पर निर्भर है। सुबह आते हैं और काम निपटाने के बाद लौटती ट्रेन से वापस चले जाते हैं। ऐसे में उनको यहां रात्रिकालीन प्रवास की आवश्यकता नहीं रहती। कम भत्तों में काम करने वाले प्रतिनिधियों के लिए यह सफर कारगर साबित होता है। कमोबेश यही स्थिति नागौर से जयपुर जाने वालों के लिए है।


लीलण नहीं देंगे...
लीलण एक्सप्रेस लाखों नोखावासियों के लिए महज एक ट्रेन नहीं थी। यह कर्मचारियों और रोजाना जयपुर आने-जाने वालों के लिए एक जीवन रेखा का पर्याय थी। आम आदमी राजधानी में अपना कार्य निपटा कर शाम को वापस घर आ सकता था। लीलण का रूट बदल कर केंद्र सरकार ने ना सिर्फ नोखा बल्कि नागौर, मेड़ता रोड, डेगाना, मकराना, कुचामन सिटी, नावां एवं फुलेरा के आमजन पर कुठाराघात किया है। बीकानेर और नागौर की स्वाभिमानी जनता यह अन्याय बर्दाशत नहीं करेगी। लीलण की घर वापसी के लिए बातचीत से लेकर सड़क पर संघर्ष तक, जो भी करना पड़ेगा वह करेंगे और न्याय मिलने तक डटा रहूंगा।
- रामेश्वर डूडी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष, राजस्थान विधानसभा

Jitesh kumar Rawal
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned