भारतीय संस्कृति एवं ज्योतिष व योग के उत्थान का प्रयास है वेद विद्यालय

महर्षि दधीचि वेद विद्यालय में प्रवेश सत्र 15 से, बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा

By: Jitesh kumar Rawal

Published: 14 Jun 2020, 08:28 PM IST

नागौर. महर्षि दधीचि वेद विद्यालय की वार्षिक बैठक संस्था परिसर में शनिवार को डॉ. महेश दाधीच की अध्यक्षता में हुई। इसमें प्रवेश सत्र को लेकर विचार-विमर्श किया गया।

संस्था अध्यक्ष डॉ. महेश दाधीच ने बताया कि नागौर का एकमात्र प्राचीन पद्धति से संचालित वैदिक शिक्षा का दूसरा पंचवर्षीय सत्र 15 जून से प्रारंभ हो रहा है। प्रवेश की अंतिम तिथि 28 जून रहेगी। इसके बाद किसी छात्र को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। विद्यालय में सभी वैदिक बटुकों का भोजन, आवास, शिक्षा निशुल्क रहेगी। इस सत्र में 15 छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। प्रत्येक छात्र को 5 वर्ष की शिक्षा पूर्ण होने पर संस्थान की ओर से 11 हजार की छात्रवृति दी जाती है। उन्होंने बताया कि महर्षि दधीचि वेद विद्यालय में सम्पूर्ण वैदिक शिक्षा, जिसमें चारों वेद, सम्पूर्ण कर्मकांड पूजन, ज्योतिष, योग, प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षा, संगीतमय कथा ज्ञान दिया जाएगा। भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति, ज्योतिष, योग के उत्थान के लिए यह प्रयास है। इससे बालक विद्वान होने के साथ रोजगारोन्मुखी होता है। साथ ही वर्तमान में हमारी लुप्त हो रही संस्कृति से भी हर व्यक्ति रूबरू हो सके यह प्रयास रहता है। संस्थान कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश भट्टड, व्यवस्थापक दिनेश राठी, अंजनीकुमार माहेश्वरी, अरुण व्यास, राधेश्याम वैष्णव, अजय तिवाड़ी, ओमप्रकाश सांखला, कुलदीप जालान, आनंद विजयवर्गीय आदि उपस्थित रहे।

सामाजिक व संस्कृति के उत्थान को अग्रसर
संस्था सचिव बालकिशन दाधीच ने बताया की संस्था गत 9 वर्षों से सामाजिक व संस्कृति के उत्थान के लिए अग्रसर है। संस्था की यह एक अनूठी पहल होगी। वैदिक विद्यालय में समय समय पर ज्ञान गोष्ठी कार्यक्रम, चिकित्सा शिविर, यज्ञ, धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। विद्यालय में दी जाने वाली निशुल्क सुविधाओं का पूरा व्यय भामाशाह कर रहे हैं।

Jitesh kumar Rawal
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