वीडियो : योग शिविर में नागौरवासियों ने जाना तंदरुस्ती का राज

Shyam Lal Choudhary | Updated: 12 Oct 2019, 05:37:45 PM (IST) Nagaur, Nagaur, Rajasthan, India

आयुर्वेद विभाग एवं राजस्थान पत्रिका की ओर से ताऊसर रोड हाउसिंग बोर्ड स्थित योग केन्द्र में तीन दिवसीय ध्यान योग एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा शिविर शुरू, आयुर्वेदिक विशेषज्ञों ने देखे मरीज, नि:शुल्क दवाओं का वितरण

Citizens know the secret of fitness in yoga camp नागौर. अलसुबह की गुलाबी ठंड में लोगों के कदम ताऊसर रोड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित प्राकृतिक चिकित्सा एवं ध्यान योग केन्द्र की ओर मुड़ चले। योग के माध्यम से शारीरिक एवं मानसिक तंदरुस्ती के प्रति लोगों में उत्साह नजर आया। शुक्रवार को आयुर्वेद विभाग एवं राजस्थान पत्रिका की ओर से शुरू हुए तीन दिवसीय आयुर्वेदिक चिकित्सा शिविर एवं ध्यान योग कार्यक्रम में शहरवासियों को दैनिक जीवन में स्वस्थ रहने के आसान गुर बताए। साथ ही बीमारियों से पीडि़त लोगों का आयुर्वेदिक विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उपचार भी किया।

पतंजलि के योग प्रशिक्षक महेन्द्र सोनी ने योग के विभिन्न प्रकार के आसनों के माध्यम से स्वस्थ जीवन जीने के सूत्र बताए। कार्यक्रम का शुभारंभ आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक वासुदेव सिखवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर सिखवाल ने योग एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के लाभ बताए। योग के निरंतर करते रहने से शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ्य रहता है। मिर्धा कॉलेज महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शंकरलाल जाखड़ ने कहा कि योग एवं आयर्वुेद परस्पर पर्याय हैं। योग भी आयुर्वेद का एक अंग है। यह मनुष्य जीवन जीने की शैली का आधार स्तम्भ है। डॉक्टर ओमप्रकाश पूनिया ने कहा कि योग करना सभी के लिए बेहद आवश्यक है। इससे शरीर के अंदर न केवल रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, बल्कि वह मानसिक रूप से काफी सुदृढ़ भी होता है।

किराणा व्यापार मंडल अध्यक्ष धर्माराम भाटी ने कहा योग ऐसा विज्ञान है जो लोगों को पूरी तरह से सुव्यवस्थित रखता है। इसे करते रहने से जीवनशैली अव्यवस्थित नहीं हो पाती है। राजस्थान पत्रिका के संपादकीय प्रभारी रुद्रेश शर्मा ने योग एवं आयुर्वेद के साथ ही कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। योग शिविर में शहरवासियों के साथ संस्कार एकेडमी के निदेशक प्रदीप ग्वाला के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने भी भाग लेकर योग क्रियाएं की।

पहली बार सीखा योग
ध्यान एवं योग शिविर में आए लोगों से बातचीत की गई तो पता चला कि इनमें से कई विद्यार्थी एवं प्रबुद्धजन पहली बार किसी ध्यान-योग शिविर में आए थे। इसमें अनुलोम-विलोम, भस्त्रिका आसन, कपाल भारती, उज्जई एवं भ्रामरी प्राणायाम के ही अंग है, इसका पता नहीं था इन्हें। शिविर में आए तो पहली बार ही करीब एक घंटे तक चले इस कार्यक्रम में योग किया तो उनके मनोस्तिष्क में तरोताजगी की स्फूर्ति नजर आई। शिविर में आए लोगों में विद्यार्थियों ने पहली बार ताड़ासन, वृक्षासन एवं त्रिकोणासन किया तो बेहद अच्छा महसूस हुआ।

विशेषज्ञों की जांच, दी नि:शुल्क दवाएं
योग शिविर के बाद सुबह आठ बजे से दोपहर में एक बजे आयुर्वेद के विशेषज्ञ चिकित्सकों में डॉ. ओमप्रकाश पूनिया एवं डॉ. हरेन्द्र भाकल ने लोगों की जांच की। जांच करने के साथ ही मौके पर ही लोगों को नि:शुल्क दवाओं का भी वितरण किया गया। शुक्रवार को 50 लोगों की जांच कर उनको दवाएं दी गई। इसमें कंपाउण्डर सतीश कुमार यादव, नर्स बबिता माथुर एवं परिचारक देवकिशन रामावत ने भी अपनी सेवाएं दी।

रविवार को समापन पर होगा श्रमदान
रविवार को शिविर के समापन के बाद ताऊसर रोड, हाउसिंग बोर्ड स्थित ध्यान एवं प्राकृतिक चिकित्सा योग केन्द्र में श्रमदान किया जाएगा। शिविर में बीआर मिर्धा कॉलेज के एनएसएस के स्वयंसेवक भाग लेंगे। साथ ही स्थानीय कॉलोनीवासी भी श्रमदान में भाग लेंगे। श्रमदान में भाग लेने वाले लोगों से आह्वान है कि वे अपने साथ औजार अवश्य लाएं, ताकि झाड़-झंकाड़ साफ करने में परेशानी ना हो।

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