वीडियो : सहकारिता मंत्री के विधानसभा पर को-ऑपरेटिव बैंक 'मेहरबान'

Shyam Lal Choudhary | Publish: Aug, 12 2018 12:21:05 PM (IST) Nagaur, Rajasthan, India

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नागौर. 'अंधा बांटे रेवड़ी, अपने-अपने को देय।' यह कहावत डेगाना विधायक और सहकारिता मंत्री अजयसिंह किलक पर पूरी तरह सटीक बैठती है। किलक पर उनके विभाग का बैंक पूरी तरह मेहरबान रहा है। उन्होंने मंत्री बनने के बाद जितना समय पूरे प्रदेश की जनता को नहीं दिया, उससे अधिक डेगाना क्षेत्र के लोगों को दिया है। यदि यह कहा जाए कि वे डेगाना के मंत्री बनकर रह गए, तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। लेकिन इसके अलावा मंत्री किलक ने अपने विभाग की योजनाओं का लाभ भी सबसे ज्यादा डेगाना विधानसभा क्षेत्र के लोगों को दिलाया है।
इस तरह के कई मामले पहले उजागर हो चुके हैं, लेकिन अब जो मामला सामने आया है, वह और भी चौंकाने वाला है। उनके विभाग से सम्बन्धित नागौर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक द्वारा गत वर्ष किसानों को दिए अल्पकालीन फसली ऋण की सबसे ज्यादा राशि डेगाना विधानसभा क्षेत्र में बांटी गई है। दूसरे विधानसभा क्षेत्र के किसानों को जहां अधिकारी हमेशा नकारात्मक जवाब देते हैं, वहीं डेगाना विधानसभा क्षेत्र में बैंक ने जमकर धन बांटा है। मंत्री एवं उनके विभाग के अधिकारियों द्वारा किए गए भेदभाव का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2017-18 में को-ऑपरेटिव बैंक ने जहां नागौर जिले में 370 करोड़ रुपए का ऋण बांटा, उसमें 100 करोड़ से ज्यादा तो अकेले डेगाना क्षेत्र में दिया गया है, जो कुल ऋण का करीब 30 प्रतिशत है, जबकि जनसंख्या के लिहाज से देखा जाए तो डेगाना की जनसंख्या जिले की कुल जनसंख्या का मात्र 10 प्रतिशत भी नहीं है।

जानिए, वर्ष 2017-18 में कहां कितना ऋण दिया
शाखा - ऋण बांटा
नागौर - 2271.08
मकराना - 3245.42
मेड़ता सिटी - 2720.72
लाडनूं - 1252.39
डीडवाना - 2689.04
कुचामन सिटी - 1563.92
रियांबड़ी - 4106.34
जायल - 1779.03
डेगाना - 3983.73
परबतसर - 854.92
मूण्डवा - 926.61
रोल - 1154.48
खींवसर - 2255.31
नावां सिटी - 1357.54
गोटन - 1987.8
जावला - 1605.17
सांजू - 1804.07
बुटाटी - 1504.02
कुल - 37062.22

 

बैंक भी डेगाना क्षेत्र में ज्यादा
जनसंख्या की दृष्टि से देखा जाए तो डेगाना से ज्यादा जनसंख्या डीडवाना, नागौर, मेड़ता व नावां तहसील क्षेत्र की है, इसके बावजूद इन सभी क्षेत्र में को-ऑपरेटिव बैंक की एक-एक शाखा है, जबकि डेगाना क्षेत्र में बैंक की पांच शाखा है। इसमें डेगाना, सांजू, जावला, बुटाटी व रियां बड़ी शामिल हैं।

70 करोड़ से ज्यादा ऋण माफी
जिस प्रकार डेगाना के किसानों को बैंक से सबसे ज्यादा ऋण दिया है, उसी अनुरूप ऋण माफी की रकम भी अन्य क्षेत्रों की तुलना में काफी ज्यादा है। मोटे आकलन के अनुसार इस बार केवल डेगाना क्षेत्र में 70 करोड़ से अधिक की ऋण माफी हुई है, जबकि पूरे जिले में ऋण माफी की राशि 298 करोड़ है।


डेगाना के नहीं प्रदेश के मंत्री
डेगाना विधायक अजयसिंह किलक केवल डेगाना के नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान के मंत्री हैं, इसलिए उन्हें केवल डेगाना पर मेहरबान न होकर पूरे जिले के किसानों को आनुपातिक प्रक्रिया से ऋण वितरित करवाना चाहिए। मंत्री को डेगाना से ऊपर उठकर जिले के किसानों के बारे सोचना चाहिए। वे किसान कोटे से मंत्री बने हैं, लेकिन डेगाना तक सिमट गए। उन्हें कम से कम जिले के किसानों के साथ तो ऐसा नहीं करना चाहिए।
- हनुमान बेनीवाल, विधायक, खींवसर

जनता सिखाएगी सबक
सरकार ने किसान परिवार से जुड़े होने के कारण उन्हें सहकारिता एवं गोपालन मंत्री बनाया, लेकिन किलक केवल डेगाना के मंत्री बनकर रह गए। पहले मूंग खरीद में परिवार के लोगों को प्राथमिकता दी और अब ऋण में अपनी विधानसभा का ही ध्यान रखा। जबकि मकराना उनकी पड़ौसी विधानसभा है, लेकिन डेगाना की तुलना में मकराना में भी एक चौथाई ऋण ही दिया। यह भेदभाव ज्यादा दिन तक नहीं चलने वाला है, चार महीने बाद चुनाव में जनता सबक सिखाएगी।
- जाकिर हुसैन गेसावत, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस

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