वीडियो : हमें पता होना चाहिए कि जीवन में क्या करना है- ग्वाला

shyam choudhary | Publish: Sep, 11 2018 10:53:41 AM (IST) Nagaur, Rajasthan, India

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नागौर. 'आज सबसे पहली जरूरत यह है कि हमें पता हो कि करना क्या है। हमें प्रेरणा किससे लेनी है, हमारे रोल मॉडल कौन हो। युवाओं के साथ दिक्कत यह आ रही है कि वे रोल मॉडल सही व्यक्ति को नहीं चुन पा रहे हैं। या उन लोगों से प्रेरणा लेते हैं, जो केरियर को गलत दिशा में ले जाते हैं। आज अनुशासनहीनता करने वाले लोग रोल मॉडल बन रहे हैं, लेकिन हमें यह बात समझनी होगी कि कोई भी व्यक्ति चाहे कितना भी बड़ा हो, उसके लिए अनुशासन जरूरी है।'

यह बात संस्कार एकेडमी के निदेशक प्रदीप ग्वाला ने सोमवार को श्री बीआर मिर्धा राजकीय महाविद्यालय में युवा पीढ़ी को केरियर से सम्बन्धित जानकारी देने के लिए राजस्थान पत्रिका की ओर से आयोजित केरियर सेमिनार में कही। ग्वाला ने अंडे का उदाहरण देते हुए कहा कि बाहरी दबाव काम नहीं आए, परिणाम चाहिए तो अपने अंदर से दबाव डालना पड़ेगा। उन्होंने केरियर निर्माण के लिए रोज राजस्थान पत्रिका अखबार पढऩे तथा अखबार से महत्वपूर्ण जानकारी डायरी में नोट करने की बात कही। ग्वाला ने 'हम तुमको विश्वास दें, तुम हमको विश्वास दो...' गीत भी सुनाया।

सिस्टम को दोष देने की बजाए अवेयर बनें

सेवानिवृत्त विंग कमांडर पीएम बेनीवाल ने कहा कि हमारी आदत है, हम सिस्टम में खामियां निकालते हैं, कॉलेज ऐसी है, स्कूल ऐसा था, टीचर नहीं है, सुविधाएं नहीं है, कोई बताने वाला नहीं है आदि, लेकिन हमें यह खुद तय करना है कि क्या सीखना है और किससे सीखना है। मैंने पिछले आठ-दस महीनों में देखा है कि नागौर शहर में सक्षम लोगों की कमी नहीं है, यहां एक से बढ़कर एक बड़े ओहदों पर बैठे हैं, आपको उनसे मार्गदर्शन लेना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आवश्यकता जागरूक रहने की है, भर्तियों को लेकर अवेयर रहें। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए रोज अखबार रोज पढ़ें और अखबार में अपने काम की जानकारी ही पढ़ें। एनसीसी प्रभारी प्रेमसिंह बुगासरा ने युवाओं को सीडीएस के बारे में जानकारी देते हुए इस सेवा में जाने की प्रक्रिया समझाई। इसके साथ फोर्स सर्विस के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान छात्र मुकुल गौड़ व छात्रा स्नेह जांगीड़ ने वक्ताओं से केरियर से सम्बन्धित सवाल भी पूछे।

 

सफलता का कोई शोर्ट कट नहीं
सेमिनार को संबोधित करते हुए कॉलेज प्राचार्य एमपी बजाज ने कॉलेज विद्यार्थियों से कहा कि वे नियमित रूप से कक्षा में आएं और किताबें पढ़ें, परीक्षा के समय सीरीज पढऩे से परीक्षा तो पास कर सकते हैं, लेकिन किसी लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शोर्टकट नहीं है।

विधि महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. शंकरलाल जाखड़ ने पत्रिका के प्रयासों की सराहना करते हुए नियमित रूप से पढऩे एवं केरियर सम्बन्धी कार्यक्रमों का लाभ उठाने की बात कही। कॉलेज व्याख्याता राजेन्द्र ईनाणियां ने खुद के अनुभव बताते हुए कहा कि मेहनत करने वालों के लिए कोई भी परीक्षा कठिन नहीं है। व्याख्याता सुरेन्द्र कागट ने इंटरव्यू के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया। एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष राजेन्द्र डूकिया ने सेमिनार को संबोधित करते हुए कॉलेज पीरियड को टाइम पास का साधन न मानकर केरियर निर्माण की महत्वपूर्ण सीढ़ी बताया। उन्होंने सोशल मीडिया का सकारात्मक काम के लिए उपयोग लेने का आह्वान किया। राजस्थान पत्रिका के संपादकीय प्रभारी रुदे्रश शर्मा ने पत्रिका की मैग्जिन मी-नेक्स्ट के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में व्याख्याता रणजीत पूनिया एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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