महिलाओं एवं बालिकाओं को जगाएगा आवाज अभियान...!

Nagaur. महिला अपराधों के खिलाफ एवं कानूनी जागरुकता व अधिकारों को बताने के लिए आवाज अभियान का आगाज, पोस्टर का विमोचन, ग्राम पंचायत स्तर पर छह विभाग एक साथ मिलकर महिलाओं को जागरुक करने का करेंगे काम.Nagaur

By: Sharad Shukla

Published: 16 Oct 2020, 10:50 PM IST

नागौर. पुलिस महकमे सहित एक छह साथ विभाग मिलकर महिलाओं, बालिकाओं की सुरक्षा एवं कानूनी जानकारी के साथ उनके अधिकारों को बताने का कार्य करेंगे। इसके लिए शुक्रवार को आवाज अभियान का आगाज किया गया। जिला पुलिस अधीक्षक श्वेता धनखड़ ने यह जानकारी पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। एसपी धनखड़ ने बताया कि यह सभी विभाग परस्पर समन्वय बनाते हुए संयुक्त रूप से पंचायत स्तर तक अपनी बात कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं के सामने रखेंगे। महिलाओं एवं बालिकाओं को यह बताया जाएगा कि सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही उनकी गरिमा की रक्षा के लिए पुलिस कटिबद्ध है। इसके लिए पोस्टर एवं बैनर्स आदि के माध्यम से विभिन्न जगहों पर प्रसारित किया जाएगा। इसमें जिला कंट्रोल रूम नंबर एवं गरिमा हेल्प लाइन नंबर का अधिकाधिक प्रसार किया जाएगा। ताकी किसी भी प्रकार की दिक्कतें होने पर महिलाएं एवं बालिकाएं सीधे पुलिस से संपर्क कर सकें। इनकी समस्याओं का न केवल समाधान किया जाएगा, बल्कि इनकी सुरक्षा पर भी सुव्यस्थित तरीके से किए जाने के साथ ही लैंगिक समानता के प्रति जागरुक करने पर ध्यान दिया जाएगा।
आवाज अभियान पोस्टर विमोचन
एसपी श्वेता धनखड़ ने आवाज अभियान को जागरुक करने वाले पोस्टर का विमोचन किया। इसमें जिला कंट्रोल रूम एवं गरिमा हेल्प लाइन नंबर लिखे हुए हैं। इस प्रकार के दो पोस्टर्स बने हैं अलग-अलग। एक पोस्टर्स में पॉक्सो, बलात्कार, दहेज प्रताडऩा, घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर यौन उत्पीडऩ, सोशल मीडिया पर अशिष्ट चित्रण महिलाओं का, कानूनी जागरुकता, सुविधाएं आदि प्रकार के अपराधिक कृत्य के विषयों को बिंदुवत दर्शाते हुए नीचे जिला कंट्रोल रूम वाटसअप एवं गरिमा हेल्प लाइन लाइन के नंबर दिए गए हैं।
आंकड़े भारी भरकम, कार्रवाई कितनी हुई...?
जिला पुलिस अधीक्षक श्वेता धनखड़ ने बलात्कार से जुड़े दर्ज प्रकरणों की जानकारी दिए जाने के साथ ही महिलाओं को जागरुक करने के लिए चलाए जाने वाले अभियान की जानकारी तो दी, लेकिन पुलिस की ओर से की जाने वाले कार्रवाइयों की लेटलतीफी के चलते पीडि़ताओं को होने वाली मुश्किलों पर न तो कोई चर्चा हुई, और न ही कोई ठोस जवाब मिले। सोशल मीडिया पर अश्लील चित्रण एवं महिला व बालिकाओं पर होने वाली अभद्र टिप्पणियों के संदर्भ में हुई कार्रवाइयों के आंकड़े भी बता देते हैं कि पुलिस विभाग महिलाओ एवं बालिकाओं के प्रकरणों में कार्रवायों के लिए कितना सजग है। महिला अत्याचार को लेकर नागौर जिले में गत वर्ष कूल 1250 प्रकरण दर्ज किए गए थे इस वर्ष सितंबर माह तक 855 प्रकरण दर्ज हो चुके हैं । एसपी के बताया कि जागरुकता के पोस्टर,बैनर और अन्य प्रचार सामग्री को हर आंगनबाडी केन्द्र,पंचायत भवन,स्कूल,पीएचसी,अस्पताल,बस स्टेण्ड,मुख्य मार्ग और पुलिस थानों पर लगाया जाएगा। नागौर जिले की 500 ग्राम पचांयतो के बडे इलाके में महिलाओं को जागरूक किया जाएंगा। अभियान चलने पर जागरुकता आएगी, और महिलाओं के कॉल करने पर पुलिस कितनी तत्परता से कार्रवाइयां करती है, या करेगी का अंदाजा पूर्व में हुए आनलाइन शिकायतों की निराकरण होने वाली संख्या से खुद-ब-खुद लगाया जा सकता है।

Sharad Shukla Reporting
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