मजदूरी के बदले मजदूरी, परस्पर सहयोग से काट रहे फसल

संकट के साथी: लॉक डाउन में बढ़ा किसान परिवारों के बीच भाईचारा

By: Jitesh kumar Rawal

Published: 18 Apr 2020, 08:48 PM IST

पादूकलां. फसल कटाई का समय है और मजदूर नहीं मिल रहे। ऐसे में किसान ही एक-दूसरे के मजदूर बन रहे हैं। परस्पर सहयोग से फसल कटाई का कार्य होने से किसान परिवारों में भाईचारा भी बढ़ रहा है।

काम के बदले काम की प्रथा इन दिनों गांवों में साकार हो रही है। एक किसान की फसल कटने के बाद दूसरे किसान के यहां कार्य करने जाते हैं। इसमें मजदूरी के बदले मजदूरी करनी होती है। संकट के दिनों में किसान एक-दूसरे के साथी बन रहे हैं। मजदूरों पर निर्भर रहने वाले किसान इस बार एक दूसरे की मदद पर निर्भर है। किसान धूलाराम, जवानाराम, खींयाराम, अणदाराम सहित किसानों ने बताया कि किसान पुरानी परम्परा में लौट आए हैं।

नुकसान से बचे रहेंगे

हरसौर. फसल कटाई के दौर में मजदूर नहीं मिल रहे हैं। किसान एकजुट होकर एक-दूसरे के खेतों मे कटाई का काम कर रहे हैं। ट्रैक्टर, थ्रेशर जैसी सुविधाएं भी नि:शुल्क मुहैया करवा रहे हैं। मौसम में आ रहे बदलाव के कारण फसल कटाई का कार्य जोर पकड़ चुका है। किसान नाथूराम माली ने बताया कि परस्पर सहयोग से फसल कटाई का कार्य चल रहा है। इससे नुकसान से बचा जा सकता है।

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