सस्ती गाड़ी लेने के लालच में हो गए बरबाद

14 लाख में फॉर्चयूनर गाड़ी खरीदने पहुंचे युवक को बनाया बंधक

By: Dharmendra gaur

Published: 10 Feb 2018, 06:54 PM IST

महंगा पड़ा गाड़ी का सौदा, लूट के बाद परिजनों से वसूले डेढ़ लाख
जायल. पुलिस थाना बड़ीखाटू क्षेत्र के ग्राम बरनेल निवासी युवक को ओएलएक्स पर गाड़ी का सौदा करना महंगा पड़ गया। भरतपुर जिले के नगर कस्बे में युवक को गाड़ी बेचने के बहाने बुलाकर ठगों ने उसे बंधक बना लिया। मारपीट, नकदी लूट के बाद भी ठग नहीं माने और पीडि़त से परिजनों को फोन करवाकर बेटे की जान बचाने के बदले तीन अलग-अलग बैंक खातों में एक लाख 47 हजार रुपए भी जमा करवा लिए।
पीडि़त की जुबानी
बरनेल निवासी पीडि़त 24 वर्षीय हुकमगिरी गोस्वामी ने बताया कि मोबाइल पर ओएलएक्स से फॉरच्यूनर गाड़ी का प्रचार देखा, वर्ष 2013 मॉडल की गाड़ी महज 14 लाख 20 हजार रुपए में मिलने का प्रचार देख उसके साथी ने गाड़ी खरीदने की बात कही। उसके दोस्त ने बताया कि मुझे गाड़ी चाहिए तू देखकर सौदा कर ले। ओएलएक्स पर गाड़ी की सौदेबाजी के बाद भरतपुर के नगर के इमरान नामक युवा ने उसे अलवर बुला लिया। 4 फरवरी को सुबह वह अपने गांव से अकेले ही अलवर के लिए रवाना हो गया। सुबह 10.30 बजे अजमेर से ट्रेन में अलवर पहुंच गया। अलवर पहुंचने केे बाद इमरान ने उसे नगर बस स्टेण्ड बुला लिया। इसी दिन शाम को 7 बजे नगर बस स्टेण्ड पर इमरान अपने एक साथी के साथ बाइक पर बिठाकर उसे गाड़ी दिखाने के बहाने ले गया। बनैनी धौकल रोड ईंट भट्टा के पास पहले से खड़े दो व्यक्ति जिसमें एक शहजाद उसे सरसों के खेत में ले गया। खेत में सभी युवकों ने उस पर देशी कट्टा तानकर मारपीट शुरू कर दी। उनकी जेब में रखे 34 हजार 800 रुपए व मोबाइल छीन लिया। रातभर प्रताडऩा के बाद उसके परिजनों से रुपए मंगवाने पर ही छोडऩे की बात कही। इसी दौरान पीडि़त ने अपने भाई मेगागिरी को फोन करके तीन अलग-अलग खातों में नकदी जमा करवाने अन्यथा उसको जान से मारने की धमकी के बारे में बताया। पीडि़त ने बताया कि आनन फानन में उनके परिजनों ने जायल पीएनबी बैंक शाखा पहुंचकर 49-49 हजार रुपए तीन खातों में कुल एक लाख 47 हजार जमा करवा दिए। जब-तक संबधित बैंक खाते में पैसा जमा नहीं हुआ तब तक आरोपित पीडि़त को प्रताडि़त करते रहे। पीडि़त के अनुसार ठग गिरोहे ने बैंक खाते के बदले संबधित पार्टी को 20 प्रतिशत राशि देने की डील की। खाते में राशि जमा होने के बावजूद भी पीडि़त को छोड़ा नहीं गया, लेकिन दूसरे दिन देर रात को ठग गिरोहे के बदमाशों को नींद आने पर पीडि़त मौके से भाग गया। रातभर खेतों से घूमते हुए अगले दिन सुबह अलवर पहुंचा और अपने परिजनों को रिहा होने की जानकारी दी। पीडि़त के परिजनों ने उसे जयपुर में ही सिन्धी केम्प पुलिस थाने ठहरने को कहकर जयपुर रवाना हुए। जयपुर से पीडि़त को साथ लेकर परिजन भरतपुर के नगर पुलिस थाना पहुंचे। इस दौरान पीडि़त ने थाने में लूट का मामला दर्ज करवाया।
पुलिस भी है ठग गिरोहे से भयभीत
पीडि़त हुकमगिरी ने बताया कि नगर पुलिस घटनास्थल पर जांच करने पहुंची तो ग्रामीणों ने आरोपितों के अपने ही घर में होने की जानकारी देने के बावजूद पुलिस आरोपित को गिरफ्तार करने घर पहुंचने का साहस नहीं कर पाई।

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