scriptVIDEO..गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत से बचने के लिए जलदाय विभाग बनाई आपातकालीन योजना | Water supply department made emergency plan to avoid water shortage during summer season | Patrika News

VIDEO..गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत से बचने के लिए जलदाय विभाग बनाई आपातकालीन योजना

locationनागौरPublished: Mar 04, 2024 10:10:04 pm

Submitted by:

Sharad Shukla

गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत से बचने के लिए जलदाय विभाग बनाई आपातकालीन योजना

Nagaur news

Water supply department made emergency plan to avoid water shortage during summer season

-नोखादैया डेम में प्रतिगर्मी के मौसम में पानी की किल्लत से बचने के लिए जलदाय विभाग बनाई आपातकालीन योजनादिन निर्धारित लक्ष्य के अनुसार जलापूर्ति नहीं होने से बढ़ी मुश्किल
-गर्मी के दौरान जिले के कुल 166 ग्रामीण क्षेत्रों में जल परिवहन कराने का भेजा प्रस्ताव
नागौर. जिले में नहर बंदी के साथ ही गर्मी का मौसम इस बार पेयजल के हिसाब से काफी मुश्किलभरा रहेगा। इसको ध्यान में रखते हुए जलदाय विभाग ने बंदी व पूरी गर्मी में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त रूप से जल उपलब्धता कराने की कवायद शुरू कर दी है। बताते हैं कि नए जिले के हिसाब से कुल 829 गांवों में से से 50 से ज्यादा गांव और 100 से ज्यादा ढाणियों की स्थिति सही नहीं है। यहां पर गर्मी के दौरान स्थिति बिगड़ सकती है। इसका खुलासा विभाग की ओर से हुए सर्वे में हुआ है। इसको ध्यान में रखते हुए 26 करोड़ से ज्यादा का प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजा है। यह राशि आचार संहिता लागू होने के बाद स्वीकृति होकर मिल गई तो ठीक है, नहीं तो फिर लगभग दो सौ ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति बिगड़ सकती है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि वह एक भी ग्राम या क्षेत्र को पेयजल से वंचित नहीं रहने देंगे।
जिले में इस वर्ष अप्रैल एवं मई माह में पेयजल व्यवस्था की स्थिति को संतुलित करने के लिए जलदाय विभाग की ओर से अभी से ही प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इसके लिए विभाग की ओर से जिले के सभी ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में हैंडपम्पों, नलकूपों आदि की जांच कराई गई। इसमें हालांकि ज्यादातर सही बताए जाते हैं, लेकिन लंबे समय से कुछ हैंडपम्प एवं नलकूपों की स्थिति बहुत ज्यादा बेहतर नहीं है। इसलिए प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेज दिया गया है।
जलदाय की ओर से यह प्रस्ताव भेजा गया है
108 नए नलकूपों को लगाने के लिए 26.56 करोड़ भेजा है। इसमें नए नलकूपों को लगाने के साथ ही पुराने चल रहे नलकूपों की सर्विसिंग आदि भी बेहतर तरीके से करा दी जाएगी। इसी तरह कुल 64 नए हैंडपम्प लगाने के लिए 1.94 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है। यह नए हैंडपम्प ऐसी जगह लगेंगे, जहां पर पानी उपलब्धता का संकट उत्पन्न हो सकता है। अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए विभाग की ओर से तकरीबन एक दर्जन से ज्यादा गठित टीमों का गठन कर सर्वे कराया गया था। इसलिए प्रस्ताव भी आवश्यकतानुसार ही भेजा गया है।
इन क्षेत्रों में लगाए जाएंगे नलकूप
जलदाय विभाग के अनुसार जिले में मेड़ता क्षेत्र में 41, , डेगाना में 14, खींवसर में 37, नागौर में 11 और जायल में तीन नलकूपों को लगाए जाने की योजना प्रस्तावित है। इन जगहों पर इतनी ही संख्या में सर्वे के अनुसार नलकूप लगाए जाने की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिल जाती है तो फिर गर्मी के दौरान भी इन क्षेत्रों में जल संकट की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा। सर्वे में 34 हैंडपम्प पूरी तरह से सूखे मिले हैं। यानि की अब इनकी मरम्मत कराने के बाद भी इनसे पानी प्राप्त नहीं किया सकता है। इसलिए प्रस्ताव मंजूर होने पर सूखे हैंडपम्प वाले क्षेत्रों में नए हैंडपम्प लगाए जाएंगे।
166 ग्रामीण क्षेत्रों में कराएंगे जल परिवहन
जलदाय विभाग के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन प्रति ग्रामीण 10 लीटर जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। सर्वे में सामने आया कि जिले के कुल 51 गांव और 115 ढाणियों में गर्मी के दिनों में जल संकट की स्थिति आ सकती है। इसलिए कुल 51 गांवों के के लिए 99.76 लाख और 115 ढाणियों में 76.88 लाख का प्रस्ताव जल परिवहन के लिए बनाकर भेजा गया है। प्रस्ताव मंजूर हुए तो फिर इन क्षेत्रों में जल उपलब्धता बनी रहेगी।
प्रतिदिन नहीं मिल पा रहा डेम को पानी
जलदाय विभाग के अनुसार नोखादैया डेम में फिलहाल 5900 एमएल पानी अभी तक एकत्रित किया जा चुका है। कुल 10 हजार 110 एमएल पानी का संग्रह करना है। फिलहाल जिले केा अभी प्रतिदिन केवल 260 एमएलडी पानी दिया जा रहा है। जबकि कुल 300 एमएलडी के हिसाब से देना चाहिए। यानि की प्रतिदिन 40 एमएलडी पानी कम मिल रहा है। पानी आपूर्ति भी प्रतिदिन नहीं किए जाने से मुश्किल हो रही है। इस संबंध में प्रोजेक्ट के अधिकारियों की ओर से उच्चस्तर पर बातचीत की गई है, लेकिन अभी तक फिलहाल समस्या का समाधान नहीं हुआ है। अधिकारियों का मानना है कि पूर्ण बंदी शुरू होने तक डेम में जल संग्रह के लिए निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
यहां की स्थिति भी चिंताजनक
जलदाय विभाग के अधिकारियों के अनुसार सर्वे के दौरान सामने आया कि डेगाना के ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगहों पर जल संकट की स्थिति ज्यादा है। इसके साथ ही रिया और भैरूंदा में भी जल उपलब्धता की स्थिति सही नहीं है। इसलिए प्रस्तावित हैंडपम्पों में 90 प्रतिशत डेगाना एवं शेष भैरूंदा व रिया में लगाने की योजना है। ताकि जल उपलब्धता का संतुलन बना रहे।

एक नजर इस पर भी…
नागौर जिले के गांवों की संख्या-829
जिले में कुल हैंडपम्पों की संख्या-1406
जिले में कुल नलकूपों की संख्या-1613
जिलें में कुल सूखे हैंडपम्पों की संख्या-34
जल परिवहन के लिए प्रस्तावित ग्रामीण क्षेत्रों की संख्या-166
नोखादेया डेम में जल संग्रह का लक्ष्य-10110 एमएल

इनका कहना है…
बंदी के साथ ही पूरी गर्मी के दौरान जल उपलब्धता का संतुलन बनाए रखने के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजे जा चुके हैं। प्रस्ताव मंजूर होने के बाद तुरन्त काम शुरू करा दिया जाएगा। ताकि जल संकट की स्थिति जिले में कहीं भी न बने।
श्योजीराम वर्मा, अधीक्षण अभियंता, जलदाय नागौर
नोखादैया डेम में अभी प्रतिदिन पानी नहीं मिल पा रहा है। चार से पांच दिनों के अंतराल में डेम में पानी की आपूर्ति होती है। पूर्ण नहरबंदी शूरू होने की अवधि तक 10 हजार 110 लीटर एमएल पानी संग्रह करने का लक्ष्य है। इसे पूरा भी कर लिया जाएगा।
मोहन कड़ेला, अधिशासी अभियंता प्रोजेक्ट, जलदाय
नागौर. नोखादैया डेम में कम जलापूर्ति से बढ़ी मुश्किल

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