वीडियो : ऊंटों के लिए लगाएंगे कल्याण शिविर, पशुपालकों को दिलाएंगे राज्य स्तरीय सम्मान: डॉ. मलिक

पशुपालन विभाग की शासन सचिव डॉ. आरुषि मलिक ने कहा - श्रीरामदेव पशु मेला मैदान की 211 बीघा जमीन को करेंगे सुरक्षित
- अब पशुओं के लिए भी मेडिकेयर रिलीफ सोसाइटी

By: shyam choudhary

Published: 28 Feb 2021, 03:54 PM IST

नागौर. पशुपालन विभाग की शासन सचिव डॉ. आरुषि मलिक ने कहा कि पशुपालन का व्यवसाय सदियों से चला आ रहा है और ये लुप्त न हो जाए, इसके लिए पशु मेलों को बढ़ावा दें, ताकि पशुपालकों का जुड़ाव निरंतर बना रहे। इसका भरसक प्रयास राज्य स्तर पर किया जाएगा। शासन सचिव डॉ. मलिक शनिवार को नागौर के राज्य स्तरीय श्री रामदेव पशु मेले के पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थीं।
डॉ. मलिक ने कहा कि मेले हमारी पुरातन लोक संस्कृति के द्योतक हैं, इनका आयोजन नई पीढ़ी के लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि मेलों में नागौर को विशेष पहचान दिलाने वाले श्रीरामदेव पशु मेले के आयोजन को लेकर संभावनाएं कम थीं लेकिन यहां के जिला कलक्टर, अतिरिक्त जिला कलक्टर सहित प्रशासन की टीम के प्रयासों और पशुपालकों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस मेले के आयोजन का निर्णय लिया गया।

मेला मैदान की जमीन करेंगे सुरक्षित
शासन सचिव मलिक ने कहा कि अतिरिक्त जिला कलक्टर मनोज कुमार द्वारा दिए गए प्रस्ताव पर श्री रामदेव पशु मेला मैदान की 211 बीघा भूमि को सुरक्षित और विकसित करने का पूरा प्रयास किया जाएगा, ताकि यहां पशुपालकों को मेले के दौरान बेहतर सुविधाएं दी जा सकेंगी। उन्होंने कहा कि श्रीरामदेव पशु मेले में जिस तरह से प्रगतिशील पशुपालकों का जिला स्तर का सम्मान किया गया है, उसी तर्ज पर राज्य स्तर पर भी मंत्री जी व मुख्यमंत्री जी की उपस्थिति में पशुपालकों के सम्मान का कार्यक्रम आयोजित करने का प्रयास करेंगे।

ऊंटों के लिए होंगे विशेष प्रयास
डॉ. मलिक ने राज्य पशु ऊंट की घटती संख्या पर चिंता जताई और कहा कि इस समस्या को दूर करने के लिए उष्ट्र कल्याण एवं समस्या समाधान शिविर लगाए जाएंगे, जिसमें पशुपालक उष्ट्र वंश की वृद्धि के लिए आ रही समस्याओं से निजात पा सकेंगे। उन्होंने एक फरवरी से पूरे राज्य में ढाई हजार से अधिक पशु शिविरों का आयोजन करने की जानकारी दी, जिसमें सैकड़ों पालको को लाभान्वित किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए दुग्ध संग्रहण केन्द्र अधिक से अधिक बनाए जाएंगे। इसके लिए किसान और पशुपालक अपने सुझाव देकर अपने यहां दुग्ध संग्रहण केन्द्र खोलने के प्रस्ताव भी दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर जिला स्तर पशुपालकों के ग्रुप विकसित करेंगे और उस पर आने वाली प्रत्येक समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।

हर घर में पालें गाय - भाम्भू
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि पद्मश्री हिम्मताराम भाम्भू ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हर घर में गाय को पाला जाना चाहिए, तब जाकर हमारी युवा पीढ़ी मजबूत होगी और गायों की कीमत बढ़ेगी। एडीएम मनोज कुमार ने कहा कि श्रीरामदेव पशु मेले के आयोजन की सफलता में पशुपालन विभाग सहित अन्य विभागों के प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि पशुपालन वर्तमान में एक बार फिर से प्रासंगिक हो रहा है, युवाओं को इस संबंध में संचालित सरकारी योजनाओं का लाभ लेना चाहिए।

पशुपालकों, चिकित्सकों व अन्य कार्मिकों को किया सम्मानित
श्रीरामदेव पशु मेला में शनिवार को आयोजित पारितोषिक वितरण समारोह में शासन सचिवडॉ. मलिक सहित जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जवाहर चौधरी, एडीएम मनोज कुमार तथा पद्मश्री भाम्भू ने पशु प्रतियोगिता में विजेता रहे पशुपालकों को नगद राशि एवं प्रशंसा पत्र के साथ समृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस अवसर उन्होंने गो सेवा के क्षेत्र में नन्दकिशोर ओझा, सुखराम सोलंकी (नन्दीशाला में योगदान), मंशाराम देवासी, भंवरलाल सारण बाजोली, रामनिवास खदाव, बाबुसिंह राजपूत, गणपतलाल सोनी खींवसर, कचरूराम गोदारा, अर्जुनराम मेघवाल, पेमाराम कड़वा, उमाराम भाबूं, हुक्माराम खडक़ाली, सुखराम, पूजा विश्नोई पुत्री रामरतन विश्नोई, मानाराम जाखड़, हरकरण बेड़ा जायल, नरेश सैन पशु-पक्षी प्रेमी, बलदेव सांखला, भींयाराम जावला, ओमाराम सांगवा व शिवकरण डेलू को प्रशंसा-पत्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।

पशुपालकों को 57 लाख की आय
कार्यक्रम में मेला रिपोर्ट का पठन पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक जगदीश प्रसाद बरवड़ ने किया। बरवड़ ने बताया कि पशुओं की बिक्री से पशुपालकों को करीब 57 लाख रुपए की आय हुई है। कार्यक्रम में मेले में सुव्यवस्था बनाने एवं विभिन्न आयोजनों में पशुपालन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों, मेलें में पशुपालकों को राज्य गतिविधियों की जानकारी के लिए सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी के लिए उनके कार्मिक मितेश सोनी व मुनिराम को प्रशस्ति-पत्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. मनोज बरवड़ (जयपुर), उपनिदेशक पशुपालन डॉ. जयपाल सिंह, पशु चिकित्सक डॉ. शौकत अली, वरिष्ठ पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेन्द्र चौधरी, सुखदेव चौधरी को भी सम्मानित किया गया। समारोह में एएसपी राजेश मीणा, जिला परिषद सदस्य ओमप्रकाश सेन, जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक सुशील छाबड़ा, वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. गुलजार सहित पशुपालन विभाग के अन्य अधिकारी व कार्मिक मौजूद रहे।

shyam choudhary Reporting
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