खाते खोलने पहुंचे लोगों के साथ यह क्या रहा बैंक अधिकारी-कर्मी

राष्ट्रीयकृत बैंकों में, विशेषकर एसबीआई में खाता खोले जाने से खाताधारकों को बैरंग लौटाया जा रहा है। इससे लोग हैरान परेशान नजर आने लगे हैं।

By: Sharad Shukla

Published: 18 Dec 2018, 10:17 AM IST

Nagaur, Nagaur, Rajasthan, India

नागौर. पीडि़त राजकुमार की माने तो वह बैंक में खाता खोलने के लिए बीस रुपए देकर आटो से कृषिमंडी स्थित बैंक के पास पहुंचे, यहां आने पर कह दिया गया कि किले की ढाल स्थित ईमित्र संचालक के पास जाओ। फिर वह दस रुपए देकर ईमित्र संचालक के पास पहुंचा। वहां से फिर आटो से बैंक आया। इस तरह से खाता खोलने से पहले ही उसके सौ रुपए से ज्यादा की राशि व्यय हो गई। कई बार आटो चालक आपात स्थिति में इससे भी ज्यादा पैसे ले लेते हैं। पीडि़त का कहना है कि बैंक को सार्वजनिक रूप से यह घोषणा कर हर जगह बोर्ड लगा देने चाहिए कि यहां बैंकों में खाते नहीं खोले जाते हैं।
योजनाओं की जानकारी भी नहीं देंगे
पीडि़तों की माने तो बैंकों में न तो खाते खोल रहे हैं, और न ही बैंकिंग सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलती है। कृषि उपजमंडी स्थित बैंक की शाखा में भी केन्द्र एवं राज्य सरकार के योजनाओं के बारे में पूछा तो वहां पर बैंककर्मियों व अधिकारियों ने ऐसा व्यवहार किया कि लगा कि जैसे पूछकर कोई गलती कर दी हो। यही नहीं, बैंक कर्मियों के इस व्यवहार से खिन्न होकर बैंक के प्रबंधक से बात करने का प्रयास किया गया तो वहां पर भी कोई तवज्जो नहीं दी गई। जानकारों का कहना है कि बैंकों में जाने पर आए दिन दुव्र्यवहार के मामले सामने आते हैं। विशेषकर कृषि उपजमंडी की बैंक शाखाओं में। लोगों का कहना है केन्द्र एवं राज्य सरकार की बैकिंग के माध्यम से संचालित योजनाओं की जानकारी बैंकों की ओर से नहीं दिए जाने के कारण सरकार की मंशा पर पानी फिरने लगा है।

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