किसने बनाई बैंक में सुरंग...

मरुधरा ग्रामीण बैंक में चोरी का प्रयास

By: Sandeep Pandey

Published: 11 Dec 2017, 10:10 PM IST

मीण्डा. कस्बे में राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक शाखा में शुक्रवार को देर रात चोरों ने सुरंग बना ली और तिजोरी भी तोडऩे की कोशिश की। हालांकि वो इसमें सफल नहीं हुए। सोमवार सुबह बैंककर्मी पहुंचे तब मामले का खुलासा हुआ। शाखा के सहायक प्रबंधक रमेश चंद रैगर ने बताया कि शुक्रवार को बैंक बंद करने के बाद सोमवार को सुबह दस बजे बैंक को खोला गया। जब बैंक के सेफ रूम में गए तो सेफ रूम में रखी तिजोरी के साथ छेड़छाड़ हुई दिखी तिजोरी को काटने के लिए गैस कटर व ताला तोडऩे की लिए सरिया काम में लिया गया था। चोरों ने सेफ रूम की दक्षिण दीवार में ईंट निकालकर सुरंग भी बनाई। मजे की बात तो ये कि बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे भी बंद पड़े थे। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि चोरों को सेफ रूम, सीसीटीवी कैमरे बंद होने के साथ प्रवेश का रास्ते की भी पूरी जानकारी थी। उन्हें यह भी आभास था कि बैंक कुछ दिन बाद यहां से दूसरी जगह शिफ्ट होगा। बैंक शाखा के सहायक प्रबंधक रमेश चंद रैगर ने बताया कि इस बाबत उच्च अधिकारियों को बता दिया गया है। जल्द ही बैंक दूसरी जगह शिफ्ट होगा। सीओ विद्या प्रकाश ने बताया कि मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा। मारोठ थाना एएसआई श्रवण लाल विश्नोई ने बताया कि चोरों ने सुरंग बनाकर सेफ रूम में तिजोरी तोडऩे का प्रयास किया। मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की जानकारी जुटाई जा रही है। मीण्डा सरपंच कमलेश कंवर ने बताया कि पुलिस चौकी के अभाव में एेसी वारदातें बढ़ रही है। बार-बार अवगत कराने के बाद भी पुलिस की व्यवस्था नहीं की जा रही।

 

लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के निलम्बन की अनुशंसा

मकराना. उपखण्ड अधिकारी मुकेश चौधरी ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद नागौर से कार्य में लापरवाही बरतने वाले दो कर्मचारियों के निलंबन की अनुशंसा की है। चौधरी ने बताया कि ग्राम पंचायत रानीगांव में गत शनिवार को मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के तृतीय चरण का शुभारंभ कार्य प्रस्तावित था। कार्यक्रम में व्यवस्था बनाए रखने को लेकर पंचायत प्रसार अधिकारी एवं ग्राम सेवक को निर्देश दिए थे, लेकिन प्रस्तावित उद्घाटन कार्यक्रम में लिपिक ग्रेड द्वितीय एवं कार्यवाहक पदेन ग्राम सेवक रानीगांव प्रेमाराम ने तय समय तक कोई व्यवस्था नहीं की जिससे आमजन एवं जनप्रतिनिधियों को परेशानी झेलनी पड़ी। इसी तरह कार्यक्रम में पंचायत प्रसार अधिकारी भींवाराम भी उपस्थित नहीं रहे तथा पंचायत समिति विकास अधिकारी महावीर बागड़ा के मोबाइल पर बार-बार बुलाने के बावजूद भी कार्यक्रम के समाप्ति तक भींवाराम कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। जिसके चलते प्रदेश के महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान योजना के उद्घाटन कार्यक्रम में अव्यवस्थाओं से उपस्थित अधिकारियों एवं आमजन पर प्रतिकूल असर पड़ा जिसको देखते हुए प्रेमाराम एवं भींवाराम के विरुद्ध राजस्थान सीविल सेवाएं तहत निलम्बन किए जाने की अभिशंसा की गई है।

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