scriptWildlife wandering in search of fodder and water due to lack of rain, | बारिश की कमी से चारे-पानी की तलाश में भटक रहे वन्यजीव, जिंदगी पर संकट | Patrika News

बारिश की कमी से चारे-पानी की तलाश में भटक रहे वन्यजीव, जिंदगी पर संकट

locationनागौरPublished: Sep 20, 2023 11:59:38 pm

Submitted by:

Ravindra Mishra

- ना खाने को चारा ना ही पीने को पानी

- कमजोर हुए वन्यजीवों को शिकारी श्वान बना रहे निवाला

 बारिश की कमी से चारे-पानी की तलाश में भटक रहे वन्यजीव, जिंदगी पर संकट
कुचेरा. बारिश की कमी के चलते चारे की तलाश में भटकते हरिण।
कुचेरा. नागौर जिले के वन्यजीव बाहुल्य कुचेरा क्षेत्र के कई गांवों में लम्बे समय से बारिश नहीं होने से इस यहां स्वच्छंद विचरण करने वाले वन्यजीवों को चारे व पानी की कमी के कारण भूखा- प्यासा भटकना पड़ रहा है। क्षेत्र के बुटाटी, मालों की ढाणी, राहड़ों की ढाणी, सूर्यनगर, विष्णुनगर, चकढाणी, बिचपुड़ी, पोलास, मालास, नेणास, खारिया, राजोद सरहद के क्षेत्र में दुर्लभ कृष्ण मृग, नीलगाय, लोमड़ी, खरगोश, गोह, झाऊ चूहा सहित कई वन्यजीव स्वच्छन्द विचरण करते हैं। भोजन के लिए हरी घास, चारे, अंगोर व गोचर भूमि व खेतों की मेड़ पर उगे हरे चारे पर यह निर्भर रहते हैं। मूंग, बाजरा, ग्वार, मोठ की फसलें भी इनकी पसन्द होती है। ये वन्यजीव बारिश के मौसम में भरने वाले नाडी तालाबों में से पानी पीते हैं । गर्मी के मौसम में वन्यजीव प्रेमी टेंकरों से खेळियों में पानी भरवाते हैंं।
डेढ़ महीने से क्षेत्र में बारिश नहीं होने से सूखी घास व चारा
क्षेत्र में कमजोर मानसून के कारण पहले भी मामूली बारिश हुई। एक भी तेज बारिश नहीं होने व पिछले डेढ़ महीने में बारिश नहीं होने से घास व हरा चारा सूख गया। इसके चलते वन्यजीवों को हरे चारे व घास की तलाश में भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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