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नागदा

सर्द मौसम में भी होती है पेयजल की समस्या

नलजल योजना तो है, कब शुरू होगी पता नहीं

नागदाNov 19, 2018 / 12:22 am

Lalit Saxena

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नागदा. सर्द मौसम अभी ठीक से शुरू ही नहीं हुआ है लेकिन मारुति नगर के रहवासियों को पेयजल के लिए परेशाान होना पड़ता है। यह परेशानी बीते कई सालों से बनी हुई है। पेयजल के नाम पर क्षेत्र में केवल एक टंकी है। उक्त टंकी पर बायपास मार्ग व अंजनी नगर के रहवासी भी पानी के लिए पहुंचते है।
जिम्मेदारों ने क्षेत्र में पेयजल लाइन तो उपलब्ध करा दी लेकिन नलजल योजना शुरू कब होगी, इस बारे में रहवासियों को कुछ नहीं पता। पेयजल टंकी के समीप एक बोरिंग मौजूद है। उक्त बोरिंग से टंकी को दिन में चार बार भरा जाता है, तब जाकर रहवासियों को पेयजल उपलब्ध हो पाता है। रविवार को पत्रिका टीम क्षेत्र में पहुंची तो रहवासी खुलकर कुछ बोल नहीं पाए। हालांकि इस बात का इशारा जरूर किया कि आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान प्रत्याशियों से यह जवाब जरूर मांगेंगे कि रहवासियों की परेशानियों के बारे में केवल उन्हें चुनाव में ही क्यों याद आती है।
पानी के लिए दिनभर करना पड़ती है मेहनत
घरेलू कार्य के लिए पानी ले जा रही निर्मला बताती है कि दिन में दिन से चार बार पानी लेने के लिए टंकी पर पहुंचना पड़ता है। इतनी मात्रा में पानी स्टोर करके रखने पर पानी उपयोग विहिन हो जाता है। घर के सदस्यों को जैसे-जैसे समय मिला है। वह पानी लेने के लिए टंकी पर पहुंचते है। हालांकि क्षेत्र में पेयजल लाइन डाली गई है लेकिन नल जल योजना अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। योजना के शुरू होने के बाद ही राहत मिल सकेगी। वर्ष के 12 माह क्षेत्र में जलसंकट की स्थिति बनी रहती है, जिम्मेदारों द्वारा किसी प्रकार के कोई सफल प्रयास नहीं किए गए।
बायपास मार्ग से पहुंचते हैं मारुति नगर
मारुति नगर स्थित टंकी पर अंजनी नगर व बायपास के समीप स्थित मलीन बस्तियों के लोग भी पहुंचते है। बायपास से पानी भरने साइकिल से पहुंचे मुकेश बताते है कि उन्हें दिन में चार से पांच बार राउंड लगाना पड़ता है। जिसके बाद उन्हें पेयजल उपलब्ध हो पाता है। पेयजल उपलब्धता की दौड़ में उनके दैनिक कार्य भी प्रभावित होते है लेकिन उनके पास दूसरा कोई रास्ता ही नहीं है। क्षेत्र के जिम्मेदारों का कहना है कि क्षेत्र का वाटर लेवल गिरने से स्थिति पेयजल संकट की स्थिति निर्मित होती है। परेशानी तब खड़ी होती है, जब बोरिंग की मोटर खराब हो जाए।
छुट्टी के दिन भरना पड़ता है पानी
मारुति नगर स्थित टंकी पर साइकिल लेकर एक बालिका पानी भरने पहुंची, हालांकि उससे नाम पूछे जाने पर कुछ कहा नहीं। हां इतना जवाब जरूर दिया कि छुट्टी के लिए पानी लेने पहुंचना पड़ता है।

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