बैंकों को प्रीमियम देने के बाद भी किसान की हालत है खराब

बैंकों को प्रीमियम देने के बाद भी किसान की हालत है खराब

Gopal Swaroop Bajpai | Publish: Aug, 12 2018 01:13:49 PM (IST) Nagda, Madhya Pradesh, India

मामला: बीमा राशि के लिए मोहताज हो रहे किसानों का

नागदा. किसानों द्वारा प्रीमियम देने के बाद भी मुआवजा नहीं मिल रहा है। हजारों किसान राशि के इंतजार में बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं। किसानों का सर्वे सूची में नाम शामिल होने के बाद भी बीमा राशि नहीं मिली है।
किसाानों ने बताया कि बीमा राशि जमा करवाते समय बैंकों के पास हमारे सभी दस्तावेज मौजूद है, लेकिन मुआवजा राशि वितरण के समय दस्तावेज क्यों नहीं उपलब्ध हो पा रहे हैं। इस परेशानी से उज्जैन कलेक्टर मनीषसिंह को 15 दिन पूर्व नागदा तहसील के दर्जनों गांवों के किसानों ने ज्ञापन सौंपा था। इस विकासखंड क्षेत्र में करीब 18 हजार कृषक है। इन किसानों से लाखों रुपए की बीमा राशि वसूली जाती है।

क्यों आ रही परेशानी-निजी बीमा कंपनी द्वारा किसानों से फसलों में नुकसान के लिए प्रीमियम राशि लेते है। वर्ष 2017 में प्रति बीघा 200 रुपए राशि कृषकों से वसूली गई। इस समस्या को लेकर महिदपुर विधायक बहादुरसिंह चौहान बैंक प्रबंधक से मिलकर विधानसभा के किसानों की समस्या के बारे में चर्चा की। इस पर बैंक प्रबंधक ने जल्द समस्या के निराकरण का आश्वासन दिया।

नागदा-खाचरौद विकासखंड के फसल बीमा राशि से वंचित किसानों की रिपोर्ट एसडीएम कार्यालय से मांगी गई है। बैंकों द्वारा बीते सालों के आंकलन के आधार पर राशि वितरण हो रही है। फसलों की अनावरी रिपोर्ट मांगी गई है।
दिलीपसिंह शेखावत, विधायक, नागदा-खाचरौद


10 हजार रुपए बीमा प्रीमियम की राशि चुकाई है, लेकिन दूसरा सीजन आने के बाद भी मुआवजा नहीं मिला है। स्वयं के हक का पैसा यदि विरोध प्रर्दशन करने के बाद उपलब्ध मिले तो क्या मतलब।
धर्मेंद्र सिंह

बीमा राशि के लिए राजस्व अधिकारियों व पटवारियों की बैठक आयोजित की है। बैठक में विधायक ने बाकि बचे किसानों की सूची मांगी है। प्रयास किए जा रहे है कि जल्द से जल्द किसानों को बीमा राशि प्राप्त हो सकें।
नेहा भारतीय, एसडीएम, नागदा

निजी कंपनी बीमा राशि जमा करवाती है। कृषकों द्वारा २०० रुपए प्रति बीघा प्रीमीयम राशि जमा की जाती है। जब कंपनी द्वारा संबंधित बैंकों में नुकसानी सर्वे सूची नहीं भेजी जाती तो परेशानी आती है। चार हजार रुपए प्रीमीयम राशि चुकाई गई है।
जगदीश सिंह, निंबोदियाकलां निवासी


19 बीघा उत्पादित फसल के लिए 3800 रुपए बीमा राशि बैंक में जमा किए। नुकसान का पटवारी ने सर्वे भी किया है, लेकिन मुआवजा नहीं मिला। बैंक में बताया कि फिलहाल कंपनी से कुछ कृषकों की सूची उपलब्ध नहीं हो सकी है। सूची आते ही भगुतान किया जाएगा।

लाखन सिंह, निंबोदियाकला

बीमा कंपनी ने सर्वे रिपोर्ट के आधार पर संबंधित तहसील का एवरेज निकालकर मुआवजा राशि वितरण करती है। जिन किसानों द्वारा अधिक प्रीमियम राशि चुकाई है उनके साथ परेशानी आ सकती है। लेकिन जिनके पास १० बीघा से भी कम भूमि है, उन्हें राशि मिलने में क्यों परेशानी आ रही है।

-राजेंद्र सिंह

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