यहां अहाते को प्रशासन ने उखाड़ा, तो कार्रवाई पर उठे यह सवाल

यहां अहाते को प्रशासन ने उखाड़ा, तो कार्रवाई पर उठे यह सवाल

Lalit Saxena | Publish: May, 18 2018 08:02:02 AM (IST) Nagda, Madhya Pradesh, India

ठेकेदार ने की पुलिस में शिकायत

नागदा. खाचरौद क्षेत्र के विधायक दिलीपसिंह शेखावत ने बुधवार को शहर के तीन क्षेत्रों से शराब की दुकानों को हटाने का मुद्दा जिला योजना समिति की बैठक में उठाने के २४ घंटे बाद ही प्रशासन अलर्ट हो गया है। गुरुवार को नपा एवं राजस्व विभाग का अमला, पुलिस बल के साथ प्रकाश नगर स्थित शराब दुकान पर पहुंचा और शराब पीने के लिए बनाया गया बांस बल्ली के अहाते को उखाड़ फेंका। हालांकि अब प्रशासन की इस कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए है। शराब ठेकेदार की कंपनी संतोषी ट्रेडर्स के मैनेजर संतोषसिंह ने प्रशासन की कार्रवाई को गैर कानूनी बताते हुए मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस में शिकायती आवेदन दिया है।
विधायक की मंशा पर भी उठे सवाल : शहर में दो अलग-अलग ठेकेदारों द्वारा देशी व अंग्रेजी की पांच शराब की दुकानें संचालित की जा रही है। लेकिन विधायक दिलीपसिंह शेखावत ने मात्र एक ही ठेकेदार की कंपनी संतोषी ट्रेडर्स की दुकानें जो प्रकाश नगर, मेहतवास व दयानंद कॉलोनी में संचालित की जा रही है, उन्हें ही हटाने का मुद्दा जिला योजना समिति की बैठक में उठाया। लेकिन मुख्य बाजार जवाहर मार्ग एवं महात्मा गांधी मार्ग पर संचालित दुकानों का जिक्र नहीं किया गया। जवाहर मार्ग एवं महात्मा गांधी मार्ग दोनों की दुकानें भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष धर्मेश जायसवाल एवं परिवार के स्वामित्व वाली दुकानों में संचालित की जा रही है। जिसका किराया लाखों रुपए है। जवाहर मार्ग स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान के १०० मीटर के दायरे में गल्र्स स्कूल, गल्र्स कॉलेज व शासकीय अस्पताल मौजूद है। कई बार शराबियों द्वारा उत्पाद व महिलाओं के साथ छेडख़ानी जैसी घटनाएं हो चुकी है। वहीं महात्मा गांधी मार्ग पर संचालित हो रही देशी शराब की दुकान को हटाने की मांग भी स्थानीय नागरिकों द्वारा कई बार की जा चुकी है। बावजूद इसके विधायक द्वारा दोनों शराब की दुकानों को हटाने का जिक्र तक नहीं करना विधायक की मंशा पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
यह है शिकायत
शराब ठेकेदार ने अपने आवेदन में लिखा है कि प्रकाश नगर स्थित देशी शराब की दुकान निजी स्वामित्व के भूखंड पर संचालित की जा रही है। जिसका कंपनी के पास विधिवत लायसेंस भी है। बावजूद इसके गुरुवार दोपहर को राजस्व विभाग के आरआई मदनलाल उलके, पटवारी अनिल शर्मा, नपा इंजीनियर शाहिद मिर्जा, आबिद अली, दो दर्जन नपा कर्मचारियों के साथ जेसीबी डंपर आदि लेकर दुकान पहुंचे और बिना किसी सक्षम अधिकारी लिखित आदेश दुकान में तोड़ फोड़ करने का प्रयास किया गया। आवेदनकर्ता ने यह पूरी कार्रवाई तहसीलदार के इशारे पर होना बताया है। शराब ठेकेदार की ओर से यह बात भी कही गई है, कि राजनीतिक दबाव के चलते प्रशासनिक अधिकारी गलत ढंग से इस्तेमाल कर भय और आंतक फैला कर हमें भयभीत करने का प्रयास कर रहे हैं। ठेकेदार ने अपनी शिकायत में शराब विक्रय का कार्य शासकीय बताते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्य में बाधा उत्पन्न करने का प्रकरण दर्ज करने की मांग पुलिस प्रशासन से की है।
विधायक ने उठाया था मुद्दा
विधायक दिलीपसिंह शेखावत ने बुधवार को जिला मुख्यालय पर आयोजित जिला योजना समिति की बैठक में शहर में संचालित प्रकाश नगर, मेहतवास एवं दयानंद कॉलोनी स्थित देशी एवं अंग्रेजी शराब की दुकानों को हटाने की मांग प्रभारी मंत्री भूपेंद्रसिंह से की थी, हालांकि प्रभारी मंत्री की ओर से प्रशासन को शराब दुकान को हटाने संबंधी कोई आदेश या निर्देश जारी नहीं किए गए थे। बावजूद इसके स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने शराब दुकान को हटाने का प्रयास किया गया।
मुझसे पूछने के पहले आप शराब ठेकेदार से पूछे कि उसने किसकी अनुमति से निजी भूमि पर आहता बनाकर लोगों को शराब पिला रहा हैं। यदि उसके पास जमीन को लेकर दस्तावेज हो तो उसे प्रस्तुत करें। रही पुलिस शिकायत की बात तो उसे कानूनी रूप से निपटा जाएगा।
विवेक सोनकर, तहसीलदार, नागदा

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