बडऩगर पर मेहरबान हुए इंद्र, भर दी पूरी झोली

तहसील में अब तक 29 इंच से अधिक बारिश हो चुकी है, जो गत वर्ष की तुलना में दोगुनी है। पिछले वर्ष इस समय तक तहसील में 15 इंच बारिश हुई थी।

By: Ashish Sikarwar

Published: 10 Aug 2019, 10:00 AM IST

बडऩगर। तहसील में अब तक 29 इंच से अधिक बारिश हो चुकी है, जो गत वर्ष की तुलना में दोगुनी है। पिछले वर्ष इस समय तक तहसील में 15 इंच बारिश हुई थी। बारिश के कारण तहसील की अधिकांश पुलिया जलमग्न हो गईं या उन तक पानी पहुंच गया।
गुरुवार-शुक्रवार दरमियान रात्रि में हुई बारिश से नगर के नयापुरा बायपास स्थित 20 निचले मकान जलमग्न हो गए। लोहाना रोड स्थित बड़ी पुलिया, नगर का नूरियाखाल, रूनीजा मार्ग स्थित उतावली पुलिया पर बाढ़ आने से मार्ग बंद हो गए।
तहसील में 24 घंटों से झमाझम हो रही है। आंकड़ों की मानें तो गुरुवार को 2 एवं शुक्रवार को 3 इंच बारिश हुई। बारिश के कारण रेलवे स्टेशन मार्ग स्थित नूरिया खाल पूर होने से शुक्रवार सुबह से मार्ग बंद रहा। इससे कई लोगों की ट्रेनें छूट गईं। स्टेशन जाने के लिए लोगों ने डायवर्शन मार्ग का सहारा लिया। बारिश के कारण लोहाना रोड स्थित बड़ी पुलिया का पानी केसूर रोड स्थित बस स्टैंड तक आ पहुंचा। यहां इस मार्ग पर स्थित करीब एक दर्जन दुकानों में पानी भरा गया। ऐसी ही स्थिति रूनीजा रोड स्थित उतावली पुलिया पर देखी गई। लगातार हो रही बारिश के कारण चामला नदी पर बना पुराने बैराज के ऊपर से पानी जा रहा है। लिखोदा, कजलाना डैम भी लबालब भरे हुए हैं और इन पर से पानी जा रहा है।
लोहाना रोड स्थित बड़ी पुलिया पर 16 भेड़ बही
लोहाना रोड स्थित बड़ी पुलिया के समीप डेरा डाल राजस्थान से आए गोकुल 53 भेड़ लेकर रुका था। गुरुवार-शुक्रवार दरमियान हुई बारिश के कारण जब वह सुबह उठे तो चहुंओर पानी ही पानी था। गोकुल ने बताया बाढ़ में 16 भेड़ बह गई और 37 भेड़ों व उन्हें स्वयं को आस-पास रहने वाले लोगों ने बचाया।
नयापुरा बायपास स्थित मकान हुए जलमग्न
नगर के नयापुरा के समीप लोहाना-केसुर बायपास स्थित गोए में बने 20 मकान पूर्णत: जलमग्न हो गए। साथ ही निचली बस्ती टोरंओ, खेप दरवाजा, नटराज टॉकीज के पीछे, शिवघाट रोड आदि स्थित मकानों में पानी भरा गया। इसे यहां रहने वाले लोग निकालते नजर आए।
लतादेवी मेमोरियल गल्र्स हासे में भराया पानी
रेलवे स्टेशन रोड स्थित नूरीया खाल पुलिया के समीप बने लतादेवी मेमोरियल गल्र्स हासे में नूरियाखाल पूर आने से पानी भरा गया। लैब व मैदान पानी से जलमग्न हो गए। लोगों में चर्चा रही की यह स्कूल डूब क्षेत्र में आता है। इसे यहां स्कूल बनाने की अनुमति कैसे मिली और किसके द्वारा दी गई। शुक्रवार को आदिवासी दिवस होने के कारण छुट्टी का दिन था नहीं तो यहां पढऩे वाली छात्राओं को पानी में कैसे पढ़ाई कराई जाती। एसडीएम एकता जायसवाल ने बीआरसी शर्मा को तीन दिन में स्कूल बिल्डिंग के संदर्भ में जानकारी मांगी है।
विधायक नुकसानी का दौरा कर राहत राशि की मांग के लिए भोपाल रवाना
तहसील में हो रही लगातार बारिश को देखते हुए विधायक मुरली मोरवाल ने एसडीएम एकता जायसवाल व नगर पालिका के अधिकारियों के साथ खोप दरवाजा, शिवघाट रोड, नवीन केसुर रोड डायवर्शन, नूरिया खाल आदि स्थानों का दौरा किया। विधायक मोरवाल बाढ़ से हुए नुकसान को देखकर मुख्यमंत्री से एक करोड़ रुपए की राहत राशि की मांग करने के लिए भोपाल रवाना हो गए। इसके पश्चात उनके प्रतिनिधि के रूप में करण मोरवाल ने 3 घंटे तक बाढ़ प्रभावित स्थानों का दौरा किया व पंचनामा मनाया। जिन बस्तियों में भोजन की समस्या थी वहा व्यवस्था कराई।
एसडीएम एकता जायसवाल ने बताया नूरियाखाल, डायवर्शन मार्ग पुलिया, लोहाना रोड पुलिया, उज्जैन रोड पुलिया सहित अन्य डूब क्षेत्रों पर बैरिकेड्स लगाए हैं व पुलिसकर्मी तैनात हैं। सीएमओ एवं जनपद सीईओ को निर्देशित किया है कि पुलियाओं की निगरानी रखें। स्कूलों को चिह्नांकन करके रखें, पंचायत में बचाव के लिए टार्च, रस्सा, छाता आदि जरूरी सामान जरूर रखें। जेसीबी कहां से उपलब्ध होगी और उसके मोबाइल नंबर भी रखें।

Ashish Sikarwar
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