इस ट्रेन में फैली आग लगने की अफवाह, मची अफरा-तफरी

घबराए यात्री, चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

By: Lalit Saxena

Published: 27 Oct 2018, 08:02 AM IST

नागदा. शुक्रवार सुबह कामख्या गांधीधाम एक्सप्रेस के यात्रियों में उस समय हड़कंप मच गया जब कुछ यात्रियों ने ट्रेन के एक कोच में चिंगारी के साथ धुआं निकलते देखा। यह नजारा देख ट्रेन में सफर कर रहे यात्री घबरा गए। हालांकि ट्रेन के चालक की सूझ-बूझ के कारण बड़ा हादसा होने से बच गया।
चलती ट्रेन के कोच से धुआं निकलते देख ड्राइवर ने ट्रेन को इमरजेंसी ब्रेक लगा कर रोक दिया। ट्रेन के रुकने के बाद सभी यात्री नीचे उतर गए और राहत की सांस ली। 10 मिनट के बाद स्थिति सामान्य होने के बाद ट्रेन अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गई। दरअसल ट्रेन क्रमांक 15668 कामख्या-गांधीधाम एक्सप्रेस जो साप्ताहिक बताई जा रही है। सुबह करीब 10.30 बजे अपनी रफ्तार के साथ कोटा से रतलाम की ओर जा रही थी। नागदा रेलवे स्टेशन के पूर्व आउटर पर कुछ यात्रियों ने ट्रेन के एक कोच से चिंगारी के साथ धुआ उठते देखा।
चालक की नजर ट्रेन के कोच से उठ रही चिंगारी और पर पड़ गई और उसने तत्काल आपातकालीन ब्रेक का इस्तेमाल कर ट्रेन को रोक दिया। जानकारी मिली की इंजन के पास वाले एक जनरल कोच के ब्रेक शू जाम होने से यह स्थिति बनी थी। ट्रेन कोटा के बाद सीधे रतलाम रेलवे स्टेशन पर ही रुकती है। आरपीएफ थाना प्रभारी एमआर अंसारी ने घटना की पुष्टि की है।
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बिना रेलवे फाटक का वीडियो वायरल होने पर डीआरएम पहुंचे जांच के लिए, उनके सामने ही ट्रैक पर फंसा ऑटो
नागदा. शहर में वर्ष 1954 से स्थानीय उद्योग स्थापना के बाद से बिना फाटक के ट्रेनों का आवागमन जारी था, लेकिन अमृतसर ट्रेन हादसे के बाद ज्वलंत समस्या को प्रमुखता से उठाया गया, जिसको लेकर स्थानीय से लेकर केंद्र तक बैठे रेलवे के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया। शुक्रवार को डीआरएम के साथ अधिकारियों का दल मौके पर पहुंचा और बिरलाग्राम पेट्रोल पम्प के समीप मेन्युअल फाटक लगवाई। वर्ष 1954 से शहर में उद्योगों की स्थापना के बाद से बिना फाटक के ट्रेनों का आवागमन जारी था। अमृतसर ट्रेन हादसे के बाद शुक्रवार को डीआरएम आरएन सुनकर के निर्देशन में रेलवे के उच्च अधिकारियों का दल मौके पर पहुंचा। ग्रेसिम रेलवे फाटक का एक विडियो परवेज खान नामक युवक ने सोश्यल मीडिया पर वायरल किया था। डीआरएम ने स्पष्ट निर्देश दिए जब तक स्थानीय उद्योग द्वारा रेलवे क्रांसिग पर फाटक का निर्माण कर कर्मचारी की नियुक्ति नहीं की जाएगी, तब तक ट्रेन का प्रवेश उद्योग परिसर में नहीं होगा। बिरलाग्राम पेट्रोल पम्प के समीप डीआरएम ने तत्काल मेन्युअल फाटक लगवाई। केमिकल डिवीजन के समीप जब डीआरएम अमले के साथ पहुंचे तो लैंक्सेस उद्योग में जाने वाले भूसे के तीन ट्रक गुजरे, ओव्हरलोड़ के कारण रेलवे के सेफ्टी वाल से टकराने से बचे, इसी दौरान एक ऑटो पटरियों में फंस गया।
उद्योग में जाने वाले ट्रेनों के लिए निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने एक समिति गठित की, जिसमें आरपीएफ, रेलवे अधिकार, स्टेशन मास्टर एवं उद्योग अधिकारी को शामिल किया है। चारों की एनओसी होने के बाद ही अब उद्योग परिसर में ट्रेन प्रवेश करेगी। अधिकारियों को एनओसी देने के पूर्व रेलवे क्रासिंग पर लगी फाटक बंद हुई के नहीं यह सुनिश्चित करना होगा।
उद्योग परिसर में जाने वाले ट्रेनों की सुरक्षा का जिम्मा उद्योग अधिकारियों का होता है। हाल ही में एक वीडियो वायरल होने के बाद मामला केंद्र तक पहुंचा, जिसको लेकर अब एक समिति का गठन किया गया है। इनकी एनओसी मिलने के बाद ही ट्रेन उद्योग परिसर में जाएगी। बिरलाग्राम पेट्रोल पम्प के समीप मेन्युअल फाटक लगा दी गई है।
एमआर सुनकर, डीआरएम

Lalit Saxena
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