प्रधानमंत्री आवास योजना बनी समस्या, जानें क्या है मामला...

Lalit Saxena

Publish: May, 18 2018 08:02:02 AM (IST)

Nagda, Madhya Pradesh, India
प्रधानमंत्री आवास योजना बनी समस्या, जानें क्या है मामला...

पानी की मांग 20 लाख लीटर, खपत 25 लाख लीटर

उन्हेल. बारिश आने का समय अभी शेष बचा है और उन्हेल में जल संकट की घंटी बज चुकी है उधर नगर पंचायत प्रशासन इस आए अचानक संकट से पेयजल व्यवस्था बनाने में हाथ पैर फुल रहे है। यह सब कुछ केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना के कारण समस्या पैदा हो रही है।
नगर परिषद ने नगर का सर्वे कराकर 310 हीतग्राही को आवास योजना से जोड़ा है जिसमें सभी के खातों में आवास योजना की राशि भी डाल दी गई है हितग्राहियों ने आवास निर्माण का कार्य भी शुरू कर दिया है। गरीब व मध्यम वर्गीय परिवार होने के कारण आवास योजना से जुड़े लोगों का मकान निर्माण में पानी का स्त्रोत भी नल के अलावा कुछ नहीं है आवास निर्माण ही पेयजल संकट का कारण बन रहा है जो नल मात्र टोटी के माध्यम से चलते थे उन पर अब छोटी-बडी मोटर लगाई जा रही है जिससे पानी की मांग बढ़ गई है निरंतर तीन वर्ष से नगर परिषद प्रशासन ने टेंकर प्रथा बंद कर एक दिन छोड़कर पेयजल सप्लाई कर रहा है यहां पर एक बार सप्लाई में नगर को 20 लाख लीटर पानी की खपत की आवश्यकता होती है और आवास योजना के शुरू हेाने से 5 लाख लीटर पानी की खपत ओर अधिक बढ़ गई है।
सभी जल स्त्रोत बोल गए
ऐसे तो नगर की पेयजल व्यवस्था गंभीर नदी से संचालित होती है पर इस नदी पर किसानो का कोई हक नही है। यहां पर मात्र पेयजल व्यवस्था के लिए ही शासन ने निर्देश दे रखे है पर राजनीति दबाव से चलते किसान व नगर परिषद प्रशासन के बीच पेयजल का बंटवारा होता है, जिसमें जिला प्रशासन भी मौन स्वीकृति देता है जो पेयजल संकट का कारण बनता है। गंभीर नंदी में पानी समाप्त हो चुका है। अब पेयजल की व्यवस्था किसानो से संग्रहित कर पेयजल व्यवस्था संचालित हो रही है। बड़ा तालाब का भी जल स्तर गिर चुका है जो जल संकट का कारण बन रहा है।
मांग 20 लाख की खपत 25 की
नगर की 20 हजार आबादी में 3 हजार 300 नल कनेक्शन है एक दिन छोड़कर 20 लाख लीटर पानी की मांग रहती है और 5 लाख लीटर पानी नगर की जनता अपने नलों में टोटी न लगाने व सड़क धोने के साथ गटरों में पानी व्यर्थ बहा देती है और अब आवास योजना के चलते यह खपत 25 लाख लीटर हो गई है जबकि नगर परिषद प्रशासन ने स्वच्छता अभियान के लिए कर्मचारी तैनात कर रखे है। उसी तरह व्यर्थ पानी बहाने वाले व नलों मे टोटी नहीं लगाने वालों के खिलाफ कार्यवाही करती है तो करीब 3 लाख लीटर पानी प्रशासन की शक्ति से बचाया जा सकता है।
आवास योजना से पानी की खपत बड़ी है जिससे जलसंकट की स्थिति बन रही है। किसानों का सहयोग मिल रहा है। उनसे पेयजल उपलब्ध कराकर व्यवस्था चला रहे है। जनता का सहयोग भी मिल रहा है, पर व्यर्थ पानी में जागरूकता का अभाव देखा जा रहा है उसके लिए मुनादी कराई जाएगी।
छाया सचिन पाटनी, अध्यक्ष, नगर परिषद
पेयजल संकट पैदा होने की स्थिति में कर्मचारियों का दल गठित कर दिया है जिस क्षेत्र में पेयजल सप्लाई किया जाएगा और उस क्षेत्र में जिस किसी का भी नल बिना टोटी का मिला उसे तत्काल काट दिया जाएगा व जिस कनेक्शन पर व्यर्थ पानी बहाते हुए देखा जाएगा, उस पर जुर्माना कार्यवाही करते हुए वह राशि उसके खाते में जोड़ दी जाएगी।
अशोक तिवारी, मुख्य अधिकारी, नगर परिषद

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