जहां था कचरे का ढेर, वहां बिछ गई हरियाली की चादर

अब मिलने लगे अन्य निकायों के ऑफर

By: Lalit Saxena

Published: 20 Jul 2018, 08:00 AM IST

नागदा. शहर से करीब एक किमी दूर महिदपुर रोड स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड को जब नपा ने बगीचे के रूप में विकसित किया तो किसी को पता नहीं था कि नपा का यह प्रयोग देश एवं प्रदेश के अन्य शहरों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बन जाएगा। यह बात हम इसलिए कह रहे कि जिस कचरे के ढेर के पास से गुजरने पर बदबू के कारण लोगों का सांस लेना मुश्किल होती थी। आज वहां हरियाली की चादर बिछी है और लोगों के लिए वह किसी पिकनिक स्पाट से कम नहीं है और यह सब कुछ संभव हो सका है इंदौर निवासी सतीश शेखावत की मेहनत के बूते।
शेखावत बताते हैं कि जब नपा अध्यक्ष अशोक मालवीय सीएमओ ने उनसे संपर्क कर ट्रेंचिंग ग्राउंड को बगीचे के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया तो यह काम किसी चुनौती से कम नहीं था। लेकिन एक माह से भी कम समय में हमने कचरे के ढेर को बगीचे का रूप दे दिया। यह काम असंभव जैसा था लेकिन नागदा नपा के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की इच्छा शक्ति व हमारी मेहनत के चलते संभव हो गया तो इसका नाम भी संभव गार्डन रख दिया गया। अब यही संभव गार्डन प्रदेश की अन्य नगर निकायों के लिए उदाहरण पेश किया है और करीब एक दर्जन से ज्यादा नगर निकायों ने संभव गार्डन बनाने वाले सतीश शेखावत से संपर्क कर अपने शहरों के ट्रैचिंग ग्राउंड को बगीचा बनाने का ऑफर दिया है।
स्कॉच अवार्ड के बाद मिनी पहचान
ट्रैचिंग ग्राउंड को गार्डन के रूप में विकसित करने का संभवत: देश का पहला प्रयोग था, जो नागदा नगर पालिका द्वारा किया गया है। जिसको लेकर पिछले दिनों नागदा नगर पालिका को स्कॉच अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है। सतीश बताते है कि संभव गार्डन को मिले अवार्ड के बाद उनके काम को पहचान मिली है। जिसके चलते अब अन्य शहरों में भी संभव गार्डन जैसे गार्डन बनाने का ऑफर आ रहे हैं।
यहां से मिला ऑफर
सतीश शेखावत की मानें तो अभी तक उन्हें प्रदेश की सीहोर, पंधाना, फिरकिया, नेपानगर, नीमच एवं मंदसौर आदि शहरों से बुलावा आ चुका है। इन सभी शहरों की नगर निकायों के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने शेखावत से संपर्क कर नागदा की तरह उनके शहर के ट्रैचिंग ग्राउंड को भी गार्डन के रूप में विकसित करने का ऑफर मिला है।
अभी तक बना चुके है 80 गार्डन
सतीश की कंपनी पहले बगीचे में लगने वाले झूले चकरी, डस्टबिन आदि बनाने का था लेकिन बाद में गार्डन निर्माण के लिए टेंडर लेने लगे। अभी तक सतीश एंड कंपनी ने प्रदेश के विभिन्न शहरों में 80 गार्डन का काम पूरा कर चुके है। वर्तमान में नागदा नपा के 6 मिनी गार्डनों के सजृन का काम किया जा रहा है, जिसमें 4 गार्डन हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी, आदिनाथ एवं एक विद्यानगर में स्थित है।

Lalit Saxena
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