Tiger Boy राजधानी के जंगल सफारी में भी है मशहूर, लेकिन निवास जिले में बन गया है सपना

ajay shrivastav

Publish: Sep, 16 2017 11:23:35 (IST)

Narayanpur, Chhattisgarh, India
Tiger Boy राजधानी के जंगल सफारी में भी है मशहूर, लेकिन निवास जिले में बन गया है सपना

सालों बाद भी नहीं बन पाया स्टेचू, प्रतिमा स्थापित करने प्रशासनिक नूमांइदे नहीं दिखा रहे रूचि, मंत्री की घोषणा  के  बाद भी नहीं हो पाया अमल।

नारायणपुर. देश से लेकर विदेशों में जंगल ब्वाय के नाम से ख्याति प्राप्त करने वाले टाइगर ब्वॉय चेन्दरू मण्डावी का निधन 18 सितम्बर 2013 हो गया था। इसके बाद चेन्दरू मण्डावी की याद को संजोए रखने के लिए जिले में उसकी प्रतिमा को स्थापित करने का निर्णय लिया गया था। लेकिन चार साल का समय बीत गया। इसके बावजूद टाइगर ब्वॉय चेन्दरू की प्रतिमा स्थापित करने के लिए जनप्रतिनिधि से लेकर प्रशासनिक नूमांइदे कोई पहल करते नजर नहीं आए।

Tiger Boy is famous in forest safari of capital, but residence district a dream

चेंदरू की याद में संजोए रखने का सपना बस रह गया सपना
वहीं प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री भी अपनी घोषणा पर अमल करते नजर नहीं आ रहे है। जिससे चेन्दरू की याद को संजोए रखने का सपना बस सपना बनते नजर आ रहा है। जिस पर किसी का ध्यान नहंी जाना समझ से परे जान पड रहा है। जानकारी के अनुसार 60 के दशक में लंदन से आई टीम ने मुख्यालय से 5 किमी दूर ग्राम पंचायत गढ़बेगाल का निवासी चेन्दरू मंडावी के दिनचर्या पर आधारित एक डाकुमेन्ट्री फिल्म बनाई थी। इसके बाद देश से लेकर विदेश में लोग चेन्दरू को टाइगर ब्वॉय के नाम से जानने लगे थे।

यादें भी उसके साथ दफन होते आ रही नजर
देश से लेकर विदेश में अपनी कला का लोहा मनवा चुके टाइगर ब्वॉय चेन्दरू मण्डावी 23 सितम्बर 2011 को लकवा से पीडित हो गया था। इस दौरान तंग हाली में जिंदगी गुजार रहे चेन्दरू मण्डावी के परिजनों ने उसका ईलाज करवाना शुरू किया था। लेकिन उसके हालात में कोई सुधार नहीं हो पाया था। जिसके कारण करीब तीन साल तक लकवा बीमारी से पीडित चेन्दरू ने 18 सितम्बर 2013 की दोपहर करीब 1 बजे दम तोड दिया था। जिसके बाद 19 सितम्बर 2013 को टाईगर ब्वॉय चेन्दरू का अंतिम संस्कार किया गया था। चेन्दरू मण्डावी काल के गाल में समा जाने के बाद उसकी यादे भी उसके साथ दफन होते नजर आ रही है। चार साल बितने के बाद भी उसकी याद को संजोए रखने के लिए शासन-प्रशासन कोई कारगर कदम उठाते नजर नहीं आ रहा है। इस लापरवाही के कारण शेर दिल चेन्दरू को लोग धीरे-धीरे भूलते नजर आ रहे है।

ग्राम पंचायत गढबेंगाल बना लापरवाह
देश विदेश में टाइगर ब्वॉय से ख्याति प्राप्त कर चूके गढबेंगाल निवासी चेन्दरू मण्डावी का 18 सितम्बर 2013 को निधन हो जाने के बाद ग्राम पंचायत गढबेंगाल के सरपंच काण्डेराम मण्डावी ने चेन्दरू की याद संजोए रखने के लिए गढबेंगाल मोड में ग्राम पंचायत के माध्यम से चेन्दरू की प्रतिमा स्थापित करने का आश्वासन दिया था। इसके लिए ग्राम पंचायत में प्रस्ताव पारित कर इसको जिला प्रशासन को सौपने निर्णय लिया गया था।

लेकिन चार साल बितने के बावजूद चेन्दरू की प्रतिमा स्थापित करने के लिए न तो ग्राम पंचायत में इसका प्रस्ताव रखा गया न इसके लिए कोई कारगर कदम उठाया गया। ग्राम पंचायत की इस उदासीन कार्यप्रणाली के कारण देश विदेश में ख्याति प्राप्त चेन्दरू मण्डावी को लोग भूलते नजर आ रहे है। वही चेन्दरू मण्डावी नारायणपुर जिले का निवासी होने के बावजूद प्रशासन चार साल बितने के बाद भी उसकी याद को बनाए रखने के लिए कोई कारगर कदम उठाते नजर नहीं आ रहा है। जिससे आने वाली पीढि चेन्दरू मण्डावी के कारनामों से अवगत नहीं हो पायेगी।

मंत्री की घोषणा पर नहीं हो पाया अमल
चेन्दरू मण्डावी के काल के गाल में समा जाने के बाद प्रदेश के आजाकवि एंव स्कूल शिक्षा मंत्री केदार कश्यप ने शासकिय कार्यक्रम में शिरकत करते हुए लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में पत्रवार्ता लेकर चेन्दरू मण्डावी की याद संजोंए रखने के लिए उसकी प्रतिमा जिलें में स्थापित करने की घोषणा की थी। मंत्री केदार कश्यप की घोषणा को तीन साल का समय बित गया है। लेकिन घोषणा पर अमल करने के लिए मंत्री कोई रूचि नहीं दिखा रहे है। जिससे मंत्री की घोषणा बस हवा-हवाई होते नजर आ रही है। टाइगर ब्वांॅय नाम से ख्याति प्राप्त कर चूंके चेन्दरू मण्डावी की प्रतिमा स्थापित करने की घोषणाएं बस घोषनाएं बनकर रह गई है।

जंगल सफारी में प्रतिमा, लेकिन जिले में नहीं
देश-विदेशों में अपनी कला का लोहा मनवा चुके चेन्दरू मण्डावी का निधन होने के बाद प्रदेश सरकार ने नया रायपुर जंगल सफारी में चेन्दरू की प्रतिमा स्थापित की है। लेकिन चेन्दरू मण्डावी नारायणपुर जिले का स्थानीय निवासी होने के बावजूद स्थानीय प्रशासन एंव जनप्रतिनिधी चेन्दरू मण्डावी की प्रतिमा जिले में स्थापित करने के लिए कोई पहल करते नजर नहीं आ रहे है।

गार्डन बनाने के लिए प्रस्ताव देने का झुठा आश्वासन
गढ़बेंगाल ग्राम पंचायत के सरपंच काण्डेराम ने चेन्दरू मण्डावी की याद संजोए रखने के लिए पंचायत के माध्यम से उसकी प्रतिमा गढ़बेंगाल मोड स्थापित करने का आश्वासन दिया था। इस आश्वासन को 4 साल का समय बित गया है। लेकिन चेन्दरू मण्डावी की प्रतिमा गढबेंगाल मोड स्थापित नहीं हो पाई है। इस मामले से पल्ला झाडकर पंचायत के जनप्रतिनिधि अब गढबेंगाल काजू प्लांटेशन को बगीचा का नया रूप देने की बात कह रहे है। जिसको चेन्दरू मण्डावी की याद में बनाया जाएगा। इस बगीचा को बनाने के लिए पंचायत के जनप्रतिनिधि वन विभाग को प्रस्ताव सौपने की बात कह रहे है।

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