409  लाख किए खर्च, बदल गई सरकार पर गायों को अभी तक नहीं मिला ठिकाना

एक साल पहले तत्कालीन प्रदेश सरकार ने पूरे प्रदेश में एक हजार गौशालाओं के निर्माण का कार्य जोर शोर से शुरू कराया था। सरकार बदल गई और गौशालाओं के निर्माण के लिए 409लाख रुपए से ज्यादा की राशि भी प्रशासन ने खर्च कर दी पर एक साल बाद भी गायों को सर्दी, बारिश और धूप से बचाने अपनी गौशाला नसीब नहीं हो सकी।

By: ajay khare

Published: 04 Jul 2020, 08:55 PM IST

अजय खरे.नरसिंहपुर. एक साल पहले तत्कालीन प्रदेश सरकार ने पूरे प्रदेश में एक हजार गौशालाओं के निर्माण का कार्य जोर शोर से शुरू कराया था। सरकार बदल गई और गौशालाओं के निर्माण के लिए ४०९ लाख रुपए से ज्यादा की राशि भी प्रशासन ने खर्च कर दी पर एक साल बाद भी गायों को सर्दी, बारिश और धूप से बचाने अपनी गौशाला नसीब नहीं हो सकी। गौशालाओं के निर्माण कितनी मंथर गति से चल रहा है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिले के ६ विकासखंडों में ३० गौशालाएं का निर्माण शुरू किया गया था पर अभी तक महज ९ गौशालाएं ही बन सकी हैं। इस बारिश में गौवंश हवा पानी की मार सहने और तेज बारिश मेें ठंड से ठिठुरने को मजबूर हो रहे हैं।
जिले में जिन 9 गौशालाओं का निर्माण पूर्ण हो चुका है उनमें से सभी का संचालन भी पूरी व्यवस्थाओं के साथ शुरू नहीं हो सका है। कहीं पानी के लिए ट्यूबवैल की व्यवस्था की गई है तो बिजली सप्लाई नहीं हो सकी है तो कहीं सरपंचों ने अभी तक इन्हें शुरू कराने में अपनी रुचि नहीं ली है। जानकारी के अनुसार जिले में जो गौशालाएं बनाई जा रही हैं उनका संचालन ग्राम पंचायतों के अधीन गौसेवा समितियों, गौ सेवकों, गौ संरक्षकों व स्व सहायता समूहों के द्वारा किया जाना है। गौशालाओं से स्वसहायता समूह के सदस्यों और एनजीओ को जोड़ा जायेगा इससे स्वसहायता समूह के सदस्यों को रोजगार मुहैया हो सकेगा।
फैक्ट फाइल
यह है गौशालाओं के निर्माण की वस्तुस्थिति
३० में से ९ गौशालाएं तैयार
२ में प्लंथ स्तर तक
१ में दीवार तक
18 में छत स्तर तक का काम पूरा

प्रत्येक जनपद में ५ गौशालाएं
कुल स्वीकृत राशि-८३१.५१ लाख
एक गौशाला की लागत-२७.७१९१ लाख
अब तक मजदूरी पर व्यय-५४.५१ लाख से ज्यादा
सामग्री पर व्यय-३५५.४२ लाख से ज्यादा
कुल व्यय राशि-४०९.९३ लाख से ज्यादा

यहां बनाई जा रही हैं गौशालाएं
विकासखंड नरसिंहपुर के ग्राम देवरीकलां, नयागांव, बम्हौरी, नयाखेड़ा व तिंदनी, विकासखंड गोटेगांव के ग्राम बगासपुरए बेलखेड़ी शेढ़, बरहटा, लाठगांव व श्रीनगर, विकासखंड करेली के ग्राम घूरपुर, ग्वारीकलां, गिधवानी, रातीकरारकलां व बरमानकलां, विकासखंड चांवरपाठा के ग्राम उमरपानी, पीपरपानी, चांवरपाठा, बिलहेरा व सडूमर, विकासखंड चीचली के ग्राम कुड़ारी, नयाखेड़ा, शाहपुर, प्रेमपुर व गोलगांवखुर्द और विकासखंड सांईखेड़ा के ग्राम कीरखेड़ा, संदूक, डुंगरिया, निवारी व चामचौन में।

गौशालाओं की व्यवस्थाओं में शामिल हैं ये काम
गौशालाओं की भूमि पर चारागाह विकास, गौशालाओं के पंजीयन, गौशालाओं के संचालन, गौशालाओं में नवाचार के अंतर्गत गोबर से गमले, गौकाष्ठ का निर्माण, गौमूत्र से कीटनाशक, गोबर से कंडे, जैविक खाद, वर्मी कम्पोस्ट, निराश्रित गौवंश को गौशाला में भेजना, गौशालाओं के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक फंड की व्यवस्था। गौशालाओं में रहने वाले गौवंश के टीकाकरण, टैगिंग एवं उपचार की समुचित व्यवस्था।

ajay khare Bureau Incharge
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