नियम दरकिनार, खोद दिए पहाड़

नियम दरकिनार, खोद दिए पहाड़
Bypassing rules, dug mountains

Narendra Shrivastava | Publish: Mar, 24 2019 12:03:52 AM (IST) Narsinghpur, Narsinghpur, Madhya Pradesh, India

पत्थर खनन में क्रेशर संचालक कर रहे मनमानी, विभाग कर रहा अनदेखी

गोटेगांव। जिस प्रकार रेत का उत्खनन नर्मदा नदी में हो रहा है। उसी प्रकार गोटेगांव की पहाड़ी इलाके की जमीनों से भारी तादाद में गिट्टी का उत्खनन हो रहा है जिसका कोई हिसाब किताब माइनिंग विभाग के पास नहीं है। के्रशर मशीन पर पत्थरों की खुदाई करके पहुंच रहे हैं और यहां पर गिट्टी तैयार होकर जगह-जगह सप्लाई होकर जा रही है। यहां पर मौजूद के्रशर वाले गिट्टी की मांग को पूरा नहीं कर पाते हैं तो यहां पर मुंगवानी एवं सिवनी जिले की सीमा में लगे गिट्टी के क्रेशर से भारी तादाद में गिट्टी आ रही है। गिट्टी की सप्लाई करने वाले ट्रक वालों के पास किसी प्रकार की रायल्टी रसीद माइनिंग विभाग की नहीं होती है। जिस प्रकार रेत का गोरखधंधा इलाके में पनप रहा है उसी प्रकार काली गिट्टी का गोरखधंधा व्यापक स्तर पर चल रहा है।
वर्तमान समय में जहां तहां सीसी कांक्रीट की सडक़ से लेकर प्रधानमंत्री सडक़ योजना के माध्यम से बनने वाली रोडों का निर्माण हो रहा है। वहीं आवासों के निर्माण में गिट्टी लग रही है इसके कारण काली गिट्टी की मांग रेत की तरह बनी रहती है। नर्मदा नदी से रेत का उत्खनन करने के बाद वह जिले के बाहर जाती है। इसी प्रकार काली गिट्टी की मांग गोटेगांव के क्रेशर संचालक पूरी नहीं कर पाते हैं तो पड़ोसी जिले से ट्रकों से गिट्टी गोटेगांव आ रही है।
लाठगांव की पहाडिय़ों में अनेक गिट्टी के के्रेशर संचालित हैं जो यहां पर मौजूद जमीन की खुदाई करके गिट्टी को के्रशर पर ले जाते हैं और तरह तरह की गिट्टी तैयार करके बाजार में विक्रय करते हैं। इस इलाके में मौजूद जमीन से निकाली गई गिट्टी के कारण भारी भरकम गड्ढे हो गए हैं गिट्टी निकालने के बाद इन गड्ढों को भरने का कार्य नहीं किया गया है जिसके कारण जगह जगह पर घातक गड्ढे मौजूद हैं। लाठगांव की जमीन गिट्टी की खुदाई से कई जगह पर खोखली तक हो चुकी है।
वर्तमान समय में गिट्टी की मांग इतनी अधिक हो गई है कि उसकी पूर्ति करने के लिए सिवनी जिले के धूमा इलाके में लगाए गए गिट्टी के क्रेशर से भारी तादाद में गिट्टी गोटेगांव आ रही है। वहीं मुंगवानी इलाके से बरहटा होकर गिट्टी के भरे डम्पर निकलते रहते हैं। इन वाहनों पर किसी की नजर नहीं रहने से उक्त कार्य से शासन को जिस तादाद में आमदनी होना चाहिए वह नहीं हो पा रही है। माइनिंग विभाग के नियमों के अनुसार खुदाई करके जिस हिस्से से गिट्टी निकालने का कार्य किया जाता है उसको बाद में मिट्टी से भर कर गड्ढे को भरना आवश्यक रहता है। मगर नियमों को ताक पर रख कर उक्त स्थल से इतनी तादाद में गिट्टी निकाल ली जाती है कि वहां पर भारी भरकम गड्ढे निर्मित हो जाते हैं कुछ स्थल पर जमीन में ब्लास्ट करके गिट्टी की खुदाई होती है जिससे आस पास गांव के टयूबवैल धंसक रहे हैं। छोटा कुंडा इलाके के लोग होने वाले ब्लास्ट से हलाकान भी रहते हैं।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned