कोरोना से लड़ाई में मैदान छोड़ कर भागे 7 डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज

कोरोना जैसी महामारी के बीच मरीजों का उपचार करने की बजाय बिना सूचना के ड्यूटी से गायब ७ डॉक्टरों और तीन स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कलेक्टर दीपक सक्सेना के निर्देश पर थाना कोतवाली नरसिंहपुर में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

By: ajay khare

Updated: 07 Apr 2020, 08:03 PM IST

नरसिंहपुर. कोरोना जैसी महामारी के बीच मरीजों का उपचार करने की बजाय बिना सूचना के ड्यूटी से गायब ७ डॉक्टरों और तीन स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कलेक्टर दीपक सक्सेना के निर्देश पर थाना कोतवाली नरसिंहपुर में एफआईआर दर्ज कराई गई है। संभवत: प्रदेश में यह इस तरह का पहला मामला है।
जिला चिकित्सालय नरसिंहपुर में पदस्थ 7 डॉक्टर शल्य क्रिया विशेषज्ञ डॉ. सीएस शिव 23 मार्च से, नेत्र रोग विशेषज्ञ वीके गर्ग 12 मार्च से, अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. पीसी आनंद 12 मार्च से, चिकित्सा अधिकारी डॉ,आरके सागरिया 26 मार्च से, चिकित्सा अधिकारी डॉ.अखिलेश गुप्ता पूर्व से, चिकित्सा अधिकारी संविदा डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह 26 मार्च से व मेडिसिन चिकित्सक संविदा डॉ. हिमांशु पठारिया 21 मार्च से एवं 3 सिस्टर ट्यूटर मोरिन गुस्ताव 18 मार्च से, अर्चना जयबंत 18 मार्च से और बिंदु काबले 30 मार्च से अनुपस्थित हैं। बिना सक्षम स्वीकृति कर्तव्य से अनुपस्थित रहने के कारण कलेक्टर दीपक सक्सेना के निर्देश पर थाना कोतवाली नरसिंहपुर में मध्यप्रदेश अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि कोरोना वायरस संक्रमण के चलते लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय मध्यप्रदेश ने अधिसूचना जारी कर 23 मार्च 2020 से कोरोना वायरस कोविड 19 को संक्रामक बीमारी घोषित किया है। मप्र अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 की धारा 3 के तहत लोक स्वास्थ्य को अत्यावश्यक सेवा की श्रेणी में रखा गया है। कोरोना के संबंध में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधान भी लागू होते हैं।
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