एलईडी और दोना पत्तल बेचकर चंद्रकला ने सुधारी आर्थिक स्थिति

एलईडी और दोना पत्तल बेचकर चंद्रकला ने सुधारी आर्थिक स्थिति

By: ajay khare

Published: 24 Jul 2018, 06:52 PM IST

एलईडी और दोना पत्तल बेचकर चंद्रकला ने सुधारी आर्थिक स्थिति

नरसिंहपुर- आजीविका मिशन के स्वसहायता समूह से जुड़कर नरसिंहपुर जिले के ग्राम मोहद की चंद्रकला सराठे ने एलईडी और दोना पत्तल का विक्रय कर अपनी आय बढ़ाई और रोजगार पाया। इससे प्रेरित होकर उनके पति अजय सराठे ने भी मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना से ऋण लेकर हेयर कटिंग सैलून शुरू कर दी। अब इनकी पारिवारिक मासिक आय 23 हजार रूपये से अधिक हो गई है। आजीविका मिशन से जुड़कर इनके परिवार की आर्थिक स्थिति में बहुत सुधार हुआ है।
चंद्रकला बताती हैं कि सरस्वती स्वसहायता समूह से जुडऩे के पहले बीए तक शिक्षित होने के बावजूद वे बेरोजगार थी। उनके पति के पास भी कोई रोजगार नहीं था। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। इसके बाद मध्यप्रदेश दीनदयाल अंत्योदय राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वसहायता समूह से जुड़ी और इससे ऋण लेकर एलईडी बल्ब और अन्य विद्युत उपकरण की दुकान शुरू की। मेरे पति ने आर्थिक कल्याण योजना से लोन लेकर हेयर कटिंग सैलून शुरू की। साथ ही दोना पत्तल बिक्री का काम भी शुरू किया। इस तरह परिवार की आजीविका के तीन साधन होने से परिवार की आय बढ़ी और हर महिने 15 हजार रूपये की आय होने लगी। मेरा आत्म विश्वास बढ़ा और मैने एमएसडब्ल्यू की शिक्षा ली। इससे परिवार का सम्मान बढ़ा और रहन. सहन का स्तर बेहतर हुआ। इसके साथ. साथ करेली विकासखंड में मुझे आजीविका मिशन में सीआरपी की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। मैंने गांव. गांव जाकर एलईडी की बिक्री की और गरीब परिवार की महिलाओं को समूहों से जोड़ा। जिले के करीब 150 गांवों में मेरा जीवंत सम्पर्क महिलाओं से होने लगा। सैलून की दुकान से होने वाली बचत को मिलाकर अब हमारे परिवार की मासिक आय 23 हजार रूपये से अधिक हो गई है। मैं चाहती हूं कि मेरे गांव के गरीब परिवारों की अन्य महिलायें भी समूह से जुड़कर और राज्य शासन की योजनाओं के माध्यम से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार लायें।

ajay khare
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