आपदा को अवसर में बदला, गर्मी की मूंग का लिया बंपर उत्पादन

यहां के किसानों ने कोरोना संक्रमण काल की आपदा को अवसर पर बदल डाला। लॉक डाउन के दौरान यहां के किसानों ने गत वर्षों की तुलना में इस साल ग्रीष्म कालीन मूंग का सर्वाधिक उत्पादन प्राप्त किया।

By: ajay khare

Published: 26 Jun 2020, 09:42 PM IST

नरसिंहपुर. यहां के किसानों ने कोरोना संक्रमण काल की आपदा को अवसर पर बदल डाला। लॉक डाउन के दौरान यहां के किसानों ने गत वर्षों की तुलना में इस साल ग्रीष्म कालीन मूंग का सर्वाधिक उत्पादन प्राप्त किया। वैसे तो हर साल यहां के कई किसान ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल लेते हैं और उससे अच्छी खासी आय प्राप्त करते हैं पर इस साल लॉक डाउन में जब सभी को घरों में कैद रहने की हिदायत दी गई तो यहां के किसानों ने इसका दूसरी तरह से सदुपयोग किया। घरों में कैद रह कर समय काटने की बजाय किसानों ने अपने खेतों में डेरा डाल लिया। और अपना पूरा ध्यान मूंग की फसल की देखभाल पर लगा दिया। जिसका परिणाम उनके लिए फलदायी रहा। किसानों को पिछले सालों की तुलना में अधिक उत्पादन मिला जिससे उनके घर समृद्धि आई। पिछले सालों तक किसान औसतन एक हेक्टेयर में १२ क्विंटल की पैदावार लेते रहे पर इस बार उन्होंने अधिकतम १८ क्विंटल तक का उत्पादन प्राप्त किया। अधिक उत्पादन का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले साल जहां २५ हजार २०० हेक्टेयर में मूंग लगाई गई थी वहीं इस साल ३० हजार २०० हेक्टेयर में मूंग लगाई। किसान बाबू भाई पटेल ने बताया कि इस लॉक डाउन में किसानों को जब घर से निकलने को नहीं मिला तो हर साल की तरह रिश्तेदारों के यहां आने जाने में व्यतीत होने वाले समय का सदुपयोग खेती किसानी में किया गया।दूसरी ओर तापमान कम रहने और आर्द्रता का प्रतिशत अच्छा रहने का भी मूंग की फसल को भरपूर फायदा मिला। कुछ किसानों ने नई किस्में भी लगाईं थीं जिनसे ६० दिन में अच्छी फसल मिली। किसानों ने समय पर दवा आदि डालकर फसलों को कीट व्याधि से बचाया और समय पर जरूरी अन्य उपचार भी करते रहे।
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Corona virus
ajay khare Bureau Incharge
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