दो साल में 277 नशा विरोधी शिविर फिर भी बढ़ा नशे का कारोबार

जिला मुख्यालय पर खुले आम बिक रही ढाबों पर अवैध शराब,पुलिस आबकारी नहीं कर रहे कार्रवाई

By: ajay khare

Published: 25 Apr 2018, 09:10 PM IST

नरसिंहपुर। जिले में पिछले दो साल से पुलिस विभाग के तत्वावधान में नशा मुक्ति के लिए शिविर और अभियान चलाए जा रहे हैं । इसके बावजूद जिले में नशीले पदार्थ खुलेआम बिक रहे हैं । एक ओर जहां नशे की गिरफ्त में आने से युवा पीढ़ी का जीवन संकट में आ रहा है वहीं कार्रवाई न होने से पुलिस और आबकारी विभाग पर भी अंगुलियां उठ रही हैं । नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाली संस्थाओं का कहना है कि पुलिस विभाग नशे से संबंधित मामलों में मामले दर्ज न कर कागजों पर ग्राफ कम करने में लगी है जबकि नशे का कारोबार साल दर साल बढ़ता जा रहा है।

जिले में दो साल पहले लोगों को नशे के दुष्परिणाम के प्रति जागरूक करने और नशे से दूर करने के लिए शिविर अभियान चलाया गया था। इसमें आंगनबाड़ी आशा और उषा कार्यकर्ताओं को भी शामिल किया गया था ताकि गांव में नशे से संबंधित गतिविधियों की जानकारी मिलती रहे। इस कवायद के बाद भी कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आए। जानकारी के अनुसार अभियान शुरू होने से लेकर अभी तक जिले भर में विभिन्न थानांतर्गत करीब २७७ शिविर लगाए जा चुके हैं लेकिन न तो नशे का कारोबार थमा और न ही नशा करने वालों की संख्या में कमी आई।

खुलेआम बिक रही अवैध शराब
अभियान के बावजूद हालात यह हैं जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में नशे का कारोबार बढ़ता जा रहा है । इतना ही नहीं पुलिस और शिक्षा विभाग से जुड़े लोग भी इस कारोबार में लिप्त हो गए हैं। जिला मुख्यालय पर टट्टा पुल के पास एक होमगार्ड द्वारा ढाबे पर अवैध रूप से शराब बेची जा रही है तो वहीं शिक्षा विभाग से जुड़े एक व्यक्ति द्वारा भी ढाबे पर शराब का अवैध कारोबार किया जा रहा है। होमगार्ड के अवैध शराब के धंधे में लिप्त होने की वजह से उसे कोतवाली थाना से हटा दिया गया पर अवैध शराब का धंधा बंद नहीं हुआ। जबकि शिक्षक से संबंधित ढाबे पर एक बार पुलिस द्वारा छापा मारे जाने के बावजूद अवैध शराब का कारोबार बंद नहीं हुआ । बताया गया है कि यहां पर अवैध शराब की सप्लाई राजमार्ग क्षेत्र से की जा रही है। स्टेशनगंज थाना के सामने खुले आम अवैध देसी शराब परोसने का कारोबार चल रहा है यहां रेलवे के आउटर पर बनी झोपडिय़ों में शराब बनाई और बेची जा रही है पर आबकारी और पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही।
------------------
नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई
वर्ष - स्मैक- गांजा- डोडा चूरा
२०१६-५९-१९-३
२०१७-३२-५-०
२०१८-७-६-०
---------------------------------
पुलिस द्वारा लगाए गए नशा मुक्ति शिविर
२०१६-९०
२०१७-१७४
२०१८-१३
---------------------------
वर्जन
शिविर लगाकर लोगों को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है। होमगार्ड के एक जवान द्वारा ढाबे पर शराब बेचने की शिकायत मिली थी उसे थाने से हटा दिया गया। शिक्षक के ढाबे पर शराब बिकने पर पूर्व में कार्रवाई की जा चुकी है। यदि फिर भी शराब बिक रही है तो एक बार फिर कार्रवाई की जाएगी।
अभिषेक राजन, एडी.एसपी
---------------
इनका कहना है
नशा मुक्ति के खिलाफ अभियान चलाने वाले भारत विकास परिषद के प्रदेश संयोजक डॉ.अनंत दुबे का कहना है कि जिले भर में खुले आम अवैध शराब, स्मैक और अन्य नशीले पदार्थों का कारोबार चल रहा है। पुलिस इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही। कार्रवाई को लेकर जो आंकड़े पेश किए जाते हैं वे झूठे हैं।
-----------
इनका कहना है
महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष शोभा डॉली सिंघई का कहना है कि पुलिस और आबकारी विभाग के संरक्षण में नशे का कारोबार बढ़ता जा रहा है। शिकायतों के बावजूद पुलिस एक्शन नहीं लेती। कम मामले दर्ज कर पुलिस यह साबित करती है कि नशे के कारोबार में कमी आई है जबकि स्थिति इससे उलट है। हमने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर पुलिस को ज्ञापन सौंपने के साथ ही आबकारी विभाग को चूडिय़ां भेंट की थीं।

 

ajay khare
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned