प्राथमिक परीक्षा समाप्त, कई स्कूलों में लटका ताला

प्राथमिक परीक्षा समाप्त, कई स्कूलों में लटका ताला

Narendra Shrivastava | Publish: Mar, 17 2019 05:26:52 PM (IST) Narsinghpur, Narsinghpur, Madhya Pradesh, India

नाफरमानी : निर्धारित समय में शालाओं को खोलने के हैं निर्देश

गोटेगांव। शासकीय प्राथमिक शालाओं में परीक्षा का दौर १५ मार्च को पूरा हो गया है। बच्चों की परीक्षा का कार्य पूरा होने के बाद दूसरे दिन ग्रामीण अंचलों की शालाओं का अवलोकन किया गया तो कई स्कूलों में ताला लटके हुए मिले। वहीं कुछ स्कूलों में एक शिक्षक नजर आए जो स्कूल खोल कर उत्तर पुस्तिकाओं को जांचने का कार्य कर रहे थे। मगर शाला में बच्चे नहीं थे। कुछ शालाओं में कुछ बच्चों के साथ शिक्षक भी नजर आए।
शासकीय प्राथमिक शाला डोभ में ताला लटका हुआ मिला। यहां पर गांव के लोगों ने बताया कि शिक्षक आए ही नहीं हैं कुछ बच्चे स्कूल आए थे मगर जब शिक्षक नहीं आए तो वह अपने घर चले गए। इस शाला में पढऩे वाले बच्चों को जो मध्यांह भोजन मिलता था वह शाला में ताला लटका होने के कारण नहीं मिल रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षकों की आदत सुधर तक नहीं रही है जिसके कारण बच्चों की ठीक से पढ़ाई नहीं होती है। शाला के शिक्षक की जब इच्छा होती है तब स्कूल आकर खोल लेते हैं वरना उसमें ताला ही लटका रहता है जिस दिन वह आ जाते हैं दोपहर तक रहते थे इसके बाद वह चले जाते थे।
इसी प्रकार शासकीय प्राथमिक शाला कोरेगांव में भी ताला लटका हुआ था। यहां पर एक भी शिक्षक मौजूद नहीं थे। शासकीय माध्यमिक शाला खुला हुआ था वहां पर दो शिक्षक बैठे थे तभी एक शिक्षक ने कहा कि वह प्राथमिक शाला का शिक्षक है जब उससे कहा कि वह अपनी शाला को खोल कर क्यों नहीं बैठे हैं तो उन्होंने कहा कि उनकी शाला के जो बच्चे आए थे वह घर चले गए इसलिए वह यहां पर ताला लगा कर बैठे हुए हैं।
शासकीय प्राथमिक शाला कुंडा में भी ताला लटका हुआ था। यहां की शिक्षिका माध्यमिक शाला के कक्ष में बैठी थी। शाला में ताला लटका होने का कारण बताया कि पड़ोस में रहने वाले की मौत हो गई थी इसके कारण उक्त शाला में बच्चे नहीं आने पर बंद कर माध्यमिक शाला में बैठ कर कार्य कर रहे थे। शासकीय प्राथमिक शाला पिपरसरा कोरेगांव में शिक्षक अवश्य मौजूद थे मगर यहां पर एक भी बच्चा नहीं था शिक्षक पेपर जांचने का कार्य कर रहे थे। श्यामनगर, झोत, बगासपुर में कुछ बच्चों के साथ शिक्षक अवश्य मौजूद थे जो अपनी शाला को दोपहर में बंद करने का इंतजार कर रहे थे।
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी केके रैकवार का कहना है कि भले ही परीक्षा प्राथमिक शाला की हो गई है मगर शिक्षक अपने निर्धारित समय में शालाओं में अवश्य रहेंगे और आने वाले बच्चों को जब तक मध्यांह भोजन कराने की व्यवस्था करेंगे जब तक शिक्षा सत्र का अवकाश घोषित नहीं हो जाता है। जिन शालाओं में ताला लटके हुए थे उसकी जांच कराई जाएगी कि शिक्षक ने किस कारण से शाला नहीं खोली है।

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