दानदाताओं की मदद से 20  दिन लगातार हाइवे पर प्रवासी श्रमिकों को बांटे भोजन के पैकेट

लॉक डाउन के वे कड़वे दिन प्रवासी श्रमिकों के लिए काफी मुश्किल भरे थे। इस दौरान न तो आने जाने का कोई साधन था और न ही रास्ते में भोजन की कोई व्यवस्था थी। ऐसे में समाजसेवी संस्थाएं उनका बड़ा सहारा बनीं।

By: ajay khare

Published: 29 Jun 2020, 08:38 PM IST

नरसिंहपुर. लॉक डाउन के वे कड़वे दिन प्रवासी श्रमिकों के लिए काफी मुश्किल भरे थे। इस दौरान न तो आने जाने का कोई साधन था और न ही रास्ते में भोजन की कोई व्यवस्था थी। ऐसे में समाजसेवी संस्थाएं उनका बड़ा सहारा बनीं। गाडरवारा क्षेत्र में हाइवे पर समाजसेवी माया विश्वकर्मा ने अपनी टीम के साथ प्रवासी श्रमिकों को भोजन उपलब्ध कराने का बड़ा काम किया। उन्होंने स्टेट हाइवे क्रमांक २२ पिपरिया- गाडरवारा के ग्राम नांदनेर में एक शिविर लगाया और हर दिन करीब एक हजार से १५०० श्रमिकों के लिए फूड पैकेट तैयार कर निशुल्क उपलब्ध कराए। हाइवे से गुजरने वाले श्रमिकों, ट्रक चालकों और उनमें सवार लोगों को भोजन के पैकेट देकर कोरोना काल में बड़ा सहारा दिया। सुकर्मा फाउंडेशन के बैनर तले करीब २० दिन तक यह सिलसिला चला। इसके अलावा उनकी टीम ने गांव गांव जाकर राशन सामग्री के पैकेट भी बांटे। कुछ दिन यह परोपकारी कार्य अपने चार पहिया वाहन से किया पर जब प्रशासन ने चार पहिया वाहन के उपयोग पर रोक लगा दी तो बाइक से गांव गांव राशन पहुंचाया। हाइवे पर भोजन व्यवस्था में नांदनेर गांव के लोगों ने उनका भरपूर साथ । दीक्षित एवं शुक्ला परिवार के ढाबे पर श्रमिकों के लिए भोजन तैयार किया जाता रहा। मजदूरों को चप्पल, दवाई व सत्तू आदि भी उपलब्ध कराया गया। हिमांशु दीक्षित, अर्पित कटारे,निशंात बड़ेनिया, नवीन पटेल,यशपाल लोधी, धर्मेंद्र लोधी, अनुज शुक्ला, नितिन दीक्षित सहित अन्य कई सेवाभावी युवकों ने इस काम में उनकी मदद की। करीब २० दिन तक एक से डेढ़ हजार लोगों को हाइवे पर फूड पैकेट बांटने के लिए आर्थिक योगदान कई संस्थाओं ने दिया। जिसकी वजह से यह काम इतने दिनों तक चल सका।

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