एनकाउंटर स्थल पर पसरा रहा सन्नाटा, वन क्षेत्र में ग्रामीणों ने नहीं सुनी गोली की आवाज

एनकाउंटर स्थल पर पसरा रहा सन्नाटा, वन क्षेत्र में ग्रामीणों ने नहीं सुनी गोली की आवाज
gangster encounter

Abi Shankar Nagaich | Updated: 19 Aug 2019, 11:02:47 PM (IST) Narsinghpur, Narsinghpur, Madhya Pradesh, India

जब मवेशी चराने निकले तो पता चला कि कुछ हुआ है

 

नरसिंहपुर. कुमरोड़ा गांव से थोड़ी दूर नाले के पास जिस जगह पर पुलिस ने दो बदमाशों को मुठभेड़ में ढेर करने की बात कही है वहां दोपहर में सन्नाटा छाया था। पुलिस द्वारा घटनास्थल को घेर कर लगाए गए टेप पर लिखा था क्राइम सीन डू नॉट क्रास । जिससे यह पता चलता था कि यहां कुछ हुआ जरूर है पर न तो यहां कोई पुलिस वाला पहरे पर था और न ही आसपास कोई नजर आ रहा था जो यह बताता कि तडक़े तीन से चार बजे के बीच आखिर यहां क्या हुआ।

घटनास्थल से करीब 3 किमी दूर स्थित एक ढाबा पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि सुबह करीब 9 बजे जब पानी थमने पर चरवाहे मवेशी चराने गए तो नाले के पास कई पुलिस वाले खड़े थे जो वहां किसी को रुकने नहीं दे रहे थे। पानी से बचने के लिए गांव के एक व्यक्ति ने नाले के पास एक पेड़ के नीचे रुकने का प्रयास किया तो उसे पुलिस वालों ने डांट कर भगा दिया। गांव वालों को नहीं पता कि यहां आसपास पुलिस ने किसी बदमाश को मारा है। राम लखन ने बताया कि गांव वाले उस तरफ कम ही जाते हैं और बहुत सुबह तो वहां जाने का सवाल ही नहीं उठता। गांव वालों का कहना था कि उन्होंने गोली चलने की आवाज नहीं सुनी न किसी बदमाश का शव देखा।
घटनास्थल से करीब चार किमी दूर बसे कुमरोड़ा गांव में भी दोपहर तक इस घटना के बारे में किसी को कोई खबर नहीं थी। गांव के मुख्य मार्ग पर पान की दुकान चलाने वाले संतोष पटेल ने बताया कि हां कुछ हुआ तो था। सुबह करीब 10 बजे पुलिस की बहुत सी गाडिय़ां और एम्बुलेंस यहां से निकली थीं पर यह नहीं पता कि कोई बदमाश मारे गए हैं। भोजन करके टहलने निकले डालसिंह पटेल ने भी मुठभेड़ के बारे मेंं अनभिज्ञता जाहिर की। उनका कहना था एक तो घटनास्थल बहुत दूर है और फिर सुबह तीन चार बजे क्या हुआ किसको पता।

घने जंगल के बीच क्या हुआ आसानी से पता नहीं चलता
घटनास्थल नौरादेही अभ्यारण्य से घिरा हुआ है यहां सडक़ पर वन्य जीव तो फिर भी नजर आ जाते हैं पर इंसानों की चहल पहल कम ही नजर आती है। मुख्य मार्ग के आसपास बसे गांवों के लोग जरूर कहीं-कहीं सडक़ किनारे बसों का इंतजार करते नजर आते हैं। वन्य क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों को बाहरी दुनिया की खबर कम ही रहती है। इस वजह से यहां के लोगों को मुठभेड़ के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

वर्जन
मुठभेड़ को लेकर कोई शक की बात नहीं है, दोनों इनामी बदमाशों को पुलिस ने मुठभेड़ में ही मारा है। मृतक समीर की पत्नी ने जो आरोप लगाए हैं वे बेबुनियाद हैं।
डॉ.गुरुकरण सिंह, एसपी

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