अच्छे शिक्षक में अनुशासन,मानवीय संवेदना व्यवहारिक ज्ञान होना जरूरी

अच्छे शिक्षक में अनुशासन,मानवीय संवेदना व्यवहारिक ज्ञान होना जरूरी
शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

By: ajay khare

Published: 13 Mar 2018, 06:59 PM IST

अच्छे शिक्षक में अनुशासन,मानवीय संवेदना व्यवहारिक ज्ञान होना जरूरी
शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

नरसिंहपुर/करेली-आदर्श शिक्षण समिति करेली द्वारा इचरज बाई सभागार में शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें एजूकेटर एवं मोटिवेटर रश्मि राठौर एवं उनके सहयोगी प्रेरणा राठौर, रंजना सिंह द्वारा शिक्षकों को बच्चों के मानसिक विकास के साथ साथ तकनीकी कौशल का विकास करने के संबंध में दृश्य, श्रव्य माध्यम से रोचक ठंग से प्रशिक्षण दिया गया । प्रोजेक्ट के माध्यम से शिक्षा के विभिन्न आयामों को रोचक ठंग से समझया गया कक्षा में कराये जाने वाले गतिविधियों को रोचक बनाने के लिए एक शब्द, रिस्पांस कार्ड, थम्व अप डाउन, गैलरी वॉक, तथा कक्षा नियंत्रण हेतु बच्चों को अच्छे कार्य करने पर सम्मानित करना अच्छी पाठ योजना बनाना, कक्षा नियम बनाना, के साथ-साथ एक अच्छे शिक्षक के गुणों पर भी प्रकाश डाला गया। जिसमें एक शिक्षक की भाषा शैली अच्छा व्यक्तित्व, अनुशासन, दोस्ताना व्यवहार, विषय पर पकड़, प्यार , मानवीय संवेदना जैसे गुणों का होना आवश्यक हैं। इस अवसर पर अशासकीय विद्यालय संगठन, संरक्षक, अमितेन्द्र नारोलिया,उजाला नारोलिया प्राचार्य विक्रमादित्य इंटरनेशनल स्कूल, अर्पणा नारोलिया संचालक वर्चुअल क्लासेस नरसिंहपुर एवं उत्कृष्ठ विद्यालय जबलपुर के उपप्राचार्य डॉ. गिरीश मिराल विषेष रूप से उपस्थित थे।

नरसिंहपुर/करेली-आदर्श शिक्षण समिति करेली द्वारा इचरज बाई सभागार में शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें एजूकेटर एवं मोटिवेटर रश्मि राठौर एवं उनके सहयोगी प्रेरणा राठौर, रंजना सिंह द्वारा शिक्षकों को बच्चों के मानसिक विकास के साथ साथ तकनीकी कौशल का विकास करने के संबंध में दृश्य, श्रव्य माध्यम से रोचक ठंग से प्रशिक्षण दिया गया । प्रोजेक्ट के माध्यम से शिक्षा के विभिन्न आयामों को रोचक ठंग से समझया गया कक्षा में कराये जाने वाले गतिविधियों को रोचक बनाने के लिए एक शब्द, रिस्पांस कार्ड, थम्व अप डाउन, गैलरी वॉक, तथा कक्षा नियंत्रण हेतु बच्चों को अच्छे कार्य करने पर सम्मानित करना अच्छी पाठ योजना बनाना, कक्षा नियम बनाना, के साथ-साथ एक अच्छे शिक्षक के गुणों पर भी प्रकाश डाला गया। जिसमें एक शिक्षक की भाषा शैली अच्छा व्यक्तित्व, अनुशासन, दोस्ताना व्यवहार, विषय पर पकड़, प्यार, मानवीय संवेदना जैसे गुणों का होना आवश्यक हैं। इस अवसर पर अशासकीय विद्यालय संगठन, संरक्षक, अमितेन्द्र नारोलिया,उजाला नारोलिया प्राचार्य विक्रमादित्य इंटरनेशनल स्कूल, अर्पणा नारोलिया संचालक वर्चुअल क्लासेस नरसिंहपुर एवं उत्कृष्ठ विद्यालय जबलपुर के उपप्राचार्य डॉ. गिरीश मिराल विषेष रूप से उपस्थित थे।

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