रात ढाई बजे तक की शव की रखवाली, पटरियों पर एक किमी चल कर स्टेशन पहुंचाया शव

ह्यूमन स्टोरी-करेली के युवा वसीम नाज, आशिक अली, बिज्जू मेहरा, आमिर खान तालिब, सोनू को रात 9 बजे जानकारी मिली कि सोमवार बाजार के पास एक युवक ट्रेन से कट गया है जिसका शव पटरी पर पड़ा है।

By: ajay khare

Published: 28 Jan 2021, 09:33 PM IST

ajay khare.नरसिंहपुर. करेली के कुछ नौजवानों ने इंसानियत की एक ऐसी मिसाल पेश की जिसने गर्व से करेली वासियों का सिर ऊंचा कर दिया। घटना कुछ इस प्रकार थी, करेली के युवा वसीम नाज, आशिक अली, बिज्जू मेहरा, आमिर खान तालिब, सोनू को रात 9 बजे जानकारी मिली कि सोमवार बाजार के पास एक युवक ट्रेन से कट गया है जिसका शव पटरी पर पड़ा है। युवक तत्काल मौके पर पहुंचे,उन्होंने करेली पुलिस को सूचना दी, पुलिस ने जवाब दिया यह जीआरपी का मामला है। तब इनमें से दो युवक मौके पर लाश की रखवाली के लिए रुके क्योंकि वहां घूम रहे आवारा कुत्ते शव को अपना ग्रास बना सकते थे। शेष युवक जीआरपी पहुंचे और सूचना दी पर वहां से करीब डेढ़ घंटे तक जीआरपी का कोई जवान मौके पर नहीं पहुंचा। तब नरसिंहपुर के एक मीडिया ग्रुप में इसकी जानकारी डाली गई। मीडियाकर्मी ने जीआरपी जबलपुर से बात की। वहां से संदेश करेली स्टेशन के जीआरपी के पास पहुंचा तब रात 10.30 बजे हेड कांस्टेबल और दो कांस्टेबल मौके पर पहुंचे। तीनों ने लाश को देखा फिर हेड कांस्टेबल यह कह कर चल दिया कि वह लिखापढ़ी के लिए कागज लेने जा रहा है। काफी देर तक वह नहीं लौटा तब एक कांस्टेबल उसे बुलाने गया। काफी देर तक कांस्टेबल नहीं लौटा तब दूसरा कांस्टेबल उसे बुलाने की बात कह कर चल दिया। अब तक रात के १२ बज चुके थे। युवकों ने लाश के पास एलईडी लाइट की व्यवस्था की, आग जलाई और कड़ाके की ठंड में शव की सुरक्षा करते रहे। देर रात 12.30 बजे जीआरपी फिर मौके पर पहुंची और फिर लिखापढ़ी कर पंचनामा आदि बनाया। इस दौरान सोशल मीडिया के माध्यम से एक युवक के ट्रेन से कटने की जानकारी वायरल हुई जिसके बाद करेली की इमामबाड़ा निवासी एक महिला मौके पर पहुंची जिसका पति काफी देर से घर से गायब था और उसे फोन नहीं लग रहा था। कपड़ों से उसने मृतक की पहचान की। मृतक की पहचान गुना निवासी रमजानी खान के रूप में हुई जिसकी उम्र 35 वर्ष थी और लॉक डाउन के बाद से यहां रह कर अपना जीविकोपार्जन कर रहा था। अब तक रात के2.30 बज चुके थे। अब शव को मौके से उठाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की समस्या आई। युवकों ने स्ट्रेचर पर शव को रखा और पटरी से होकर करीब १ किमी चलकर शव को जीआरपी की सुरक्षा में स्टेशन पर पहुंचाया। कड़ाके की ठंड में इंसानियत की अलख जगाते रहे युवक शव को जीआरपी की सुरक्षा में रख कर रात तीन बजे के बाद अपने घर लौटे। इन युवकों की मानव सेवा को जिले भर में सराहा जा रहा है।

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