तीसरी लहर में बच्चों के उपचार के लिए नहीं जरूरी आईसीयू और डॉक्टर

तीसरी लहर से निपटने के लिए अस्पतालों में भी बच्चों के लिए पर्याप्त संख्या में आईसीयू बेड की व्यवस्था करने के निर्देश हैं पर यह निर्देश यहां केवल कागजी साबित हो रहे हैं ।

By: ajay khare

Published: 11 Sep 2021, 10:41 PM IST

अजय खरे.नरसिंहपुर.कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को ध्यान में रखते हुए सबसे ज्यादा बच्चों को सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया है। तीसरी लहर से निपटने के लिए अस्पतालों में भी बच्चों के लिए पर्याप्त संख्या में आईसीयू बेड की व्यवस्था करने के निर्देश हैं पर यह निर्देश यहां केवल कागजी साबित हो रहे हैं । जिला अस्पताल में फिलहाल जो हालात हैं उनमें सामान्य बच्चा वार्ड में बेड क्षमता से ज्यादा बच्चे भर्ती किए जा रहे हैं। यदि तीसरी लहर आती है तो यहां की सारी व्यवस्थाएं जवाब दे जाएंगी। सामान्य दिनों में जब बच्चों की संख्या ज्यादा है तो कोरोना की तीसरी लहर में क्या होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

२२ बेड पर ३५ बच्चे भर्ती
सामान्य रूप से बीमार बच्चों को भर्ती करने के लिए बनाए गए बच्चा वार्ड में २२ बेड हैं। यह फुल चल रहा है। पिछले 3 दिनों में हालात यह थे कि 22 बेड पर 35 बच्चे भर्ती किए गए। यद्यपि सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक यह सभी मरीज सर्दी, जुकाम और बुखार के हैं और उनमें से कुछ ऐसे हैं जिन्हें श्वास संबंधी समस्या होने पर भर्ती किया गया। बताया गया है कि ये सभी मरीज मौसम जन्य संक्रमण और बीमारियों के चलते यहां भर्ती किए गए।
८ बेड के आईसीयू में १६ बच्चे भर्ती
बच्चों के आईसीयू में 8 बेड जबकि वहां इस समय 16 बच्चे भर्ती किए गए हैं, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि मौसम बदलने के इस संक्रमण काल में जब आईसीयू में दोगुनी संख्या में भर्ती किए गए हैं तो तीसरी लहर में क्या हालात बनेंगे। गौरतलब है कि जिला अस्पताल में बच्चों के लिए ८ बेड की आईसीयू के अलावा १२ और बेड के आईसीयू की तैयारी अभी तक चल रही है, उसका काम पूरा नहीं हो सका है। यहां भी अस्पताल प्रबंधन और जिला प्रशासन की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी अधूरी नजर आती है।
बच्चा वार्ड में केवल २ डॉक्टर
जिला अस्पताल में एक ओर जहां बच्चों के उपचार के लिए व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं हैं वहीं दूसरी ओर बच्चों के उपचार के लिए पर्याप्त संख्या में डॉक्टर भी नहीं हैं। केवल २ डॉक्टरों के भरोसे यहां का बच्चा वार्ड है।
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वर्जन
बच्चों के उपचार के लिए सभी पर्याप्त व्यवस्थाएं हैं, ८ बेड का आईसीयू पहले से है और १२ वार्ड का एक और आईसीयू तैयार किया जा रहा है। इस समय बच्चा वार्ड की बेड संख्या से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। सभी का समुचित उपचार किया जा रहा है।
डॉ.अनीता अग्रवाल, सिविल सर्जन
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