नरसिंहपुर का गुड़ खा रहे हैं तो जरा ठहरें यहां बनता है जहरीला गुड़

जले हुए आटोमोबाइल ऑयल और घातक रसायनों से बना रहे थे जहरीला गुड़, प्रशासन ने की कार्रवाई खुलरी गांव स्थित मां रेवाश्री खांडसारी मिल में बनाए जा रहे गुड़ में मिले मृत पक्षी और कीड़े

By: Ajay Sharma

Published: 12 Jul 2021, 09:30 PM IST

नरसिंहपुर. अपने स्वाद और शुद्धता के लिए मशहूर यहां के गुड़ उद्योग को कुछ लोग किस तरह से बदनाम करने पर तुले हुए हैं इसका खुलासा तब हुआ जब प्रशासन की एक टीम ने एक गुड़ फैक्टरी पर छापा मारा। छापा मारने गए अफसरों की आंखें वहां का नजारा देख कर फटी रह गईं। यहां घातक रसायनों व अपशिष्ट पदार्थों को मिलाकर ऐसा जहरीला गुड़ बनाया जा रहा था जिसकी लोग कल्पना भी नहीं कर सकते। खाद्य विभाग ने फैक्टरी संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है, कार्रवाई के बाद से ही वह गायब है।करेली के समीपस्थ खुलरी गांव में स्थित रेवाश्री खांडसारी मिल में बेमौसम अप्राकृतिक गुड़ बनाने की जानकारी प्रशासन को एक शिकायत के माध्यम से मिली थी। शिकायत में यह बताया गया कि मिल में जले हुए इंजन ऑयल , उप्र की शुगर फैक्टरी के अवशिष्ट रावा व अन्य रसायनों से गुड़ बनाया जा रहा है। जिस पर कलेक्टर ने पुलिस, राजस्व व खाद्य सुरक्षा विभाग की को छापा मारने का निर्देश दिया। शिकायत में यह भी बताया गया था कि गुड़ को कड़ा करने के लिए इसमें लकड़ी का बुरादा भी मिलाया जा रहा है। भट्टियों को जलाने के लिए भारी संख्या में टायरों का इस्तेमाल हो रहा है। जिससे प्रदूषण फैल रहा है। शिकायतकर्ता धनंजय, अनूप, कमल राजपूत, रामेंद्र सिंह, अनूप ठाकुर, आशीष सिंह, देवेश राजपूत, धनंजय प्रताप, शिवपाल राजपूत, शिवकुमार बुंदेला आदि ने कलेक्टर से मिल संचालक के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून रासुका के तहत अपराध दर्ज करने की मांग की थी।
कलेक्टर वेदप्रकाश के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित गुप्ता ने पुलिस बल व राजस्व टीम के साथ खुलरी गांव स्थित रेवाश्री खांडसारी मिल में दबिश दी। गुड़ के सैंपल लेकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे। छापामारी की सूचना लगने पर मिल संचालक नदारद हो गया उसने फोन पर अफसरों को सफाई दी कि वह मवेशियों के लिए गुड़ बनाते हैं।
गुड़ की पारी में मरी हुई चिडिय़ा मिली
रेवाश्री खांडसारी मिल में गुड़ की एक बड़ी पारी में मृत चिडिय़ा मिली है। दूसरी परियों में भी मृत कीड़े मकोड़े पाए गए। इसके अलावा गीले गुड़ में जले हुए तेल व केमिकल पाए गए। बताया गया है कि ये जहरीला गुड़ जिले के आदिवासी अंचलों में सप्लाई किया जा रहा है।
मिल कर्मचारी ने गुड़ खाकर बताया इंसानों के लिए बनाते हैं
जहरीले गुड़ की शिकायत होते ही संचालक रजनीश कौरव इस गुड़ को पशुओं के लिए बनाने की जानकारी देने लगे थे पर उन्हीं के एक कर्मचारी गजराज सिंह ने जले तेल में डुबोकर रावा से बनाए गए गुड़ को कैमरे के सामने खाया और बताया कि इस गुड़ का निर्माण इंसानों के लिए ही किया जा रहा है। जानकारों के अनुसार मृत जीव जंतुओं, केमिकल व अवशिष्ट से बना इस तरह का गुड़ जानवरों के लिए भी बेहद खतरनाक है।
जिले की गुड़ ब्रांडिंग पर लगा रहा था बट्टा
भारत सरकार की योजना एक उत्पाद एक जिला के अंतर्गत जिले के गुड़ की भोपाल और इंदौर में लगे एक्सपो में ब्रांडिंग की गई थी। जिले को ख्याति मिली लेकिन इस तरह से अब यहां के गुड़ की साख पर बट्टा लगाया जा रहा था। जानकारी के अनुसार जिले में इस तरह की कुछ और खांडसारी हैं जहां अप्राकृतिक गुड़ का निर्माण किया जा रहा है।
विशेषज्ञ की राय
बारिश के मौसम में बनने वाला गुड़ एक तो अप्राकृतिक है। यदि उसमें जला तेल व केमिकल मिलाया जा रहा है तो ये इंसानों के साथ साथ पशुओं के लिए भी खतरनाक है। जिला प्रशासन इस पर तत्काल रोक लगाए व मिल संचालक पर भी सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

डॉ. संजीव चांदोरकर, आइएमए जिलाध्यक्ष,
वर्जन

कलेक्टर के निर्देश पर हमने खुलरी स्थित मां रेवाश्री खांडसारी मिल में छापा मारा । यहां अप्राकृतिक रूप से ऐसा गुड़ बनाया जा रहा था जो मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। कार्रवाई के दौरान मिल संचालक गायब रहा, मामले में मिल संचालक को नोटिस जारी कर प्रकरण को अपर जिला दंडाधिकारी न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
अमित गुप्ता, खाद्य सुरक्षा अधिकारी
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Ajay Sharma Desk
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