कोरोना की दूसरी लहर में अनाथ हुए बच्चों को अवैध रूप से गोद लेने पर होगी 6 माह की सजा व जुर्माना

कोई व्यक्ति अथवा संस्था जो वैधानिक प्रक्रिया अपनाये बिना यदि ऐसे निराश्रित बच्चे को देता या लेता है, तो उसको 6 माह का कारावास या 10 हजार रुपये का जुर्माना या दोनों ही सजा हो सकती है।

By: ajay khare

Updated: 26 Jul 2021, 09:32 PM IST

नरसिंहपुर.कलेक्टर वेद प्रकाश ने बताया है कि कोविड 19 संक्रमण के कारण अनाथ हुये एवं परिवार को खोने वाले बच्चों के संबंध में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा अनुशंसा जारी की गई है। ऐसा देखा गया है कि कई गैर सरकारी संगठन उन बच्चों के बारे में विज्ञापन कर रहे हैं, जो अनाथ हो गये हैं अथवा जिन्होंने कोविड संक्रमण के फलस्वरूप अपने परिवार को खो दिया है। बहुत से लोग ऐसे बच्चों को गोद लेने अथवा देने के संबंध में सोशल मीडिया पर भी मुहिम चला रहे हैं। जबकि इस स्थिति में ऐसे बच्चों को किशोर न्याय अधिनियम 2015 के तहत देखरेख और संरक्षण का जरूरतमंद बालक घोषित कर अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्यवाही कर बाल कल्याण समिति के समक्ष संरक्षण के लिए प्रस्तुत किया जाना चाहिये। गोद लेना एवं देना एक वैधानिक प्रक्रिया है, जिसका पालन किया जाना अनिवार्य है। गोद लेने एवं देने के लिए सम्पूर्ण भारत में एकमात्र एवं एकीकृत तरीका है जिसे केन्दीय दत्तक ग्रहण अधिकरण के माध्यम से ही सम्पन्न कराया जाता है। कोई व्यक्ति अथवा संस्था जो वैधानिक प्रक्रिया अपनाये बिना यदि ऐसे निराश्रित बच्चे को देता या लेता है, तो उसको 6 माह का कारावास या 10 हजार रुपये का जुर्माना या दोनों ही सजा हो सकती है।
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