दूसरी लहर में 60 शिक्षकों की कोविड ड्यूटी के दौरान मौत फिर भी कोरोना योद्धा का नहीं मिला दर्जा

कोरोना संक्रमण वाली जगहों पर शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने से कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से उनकी मौत हुई पर शासन ने उन्हें कोरोना योद्धा की श्रेणी में नहीं माना। जिसकी वजह से मौत के बाद उनके परिवारों को समुचित आर्थिक मदद नहीं मिल सकी ।

By: ajay khare

Published: 09 Jun 2021, 10:12 PM IST

नरसिंहपुर. कोरोना की दूसरी लहर में जिले के ६० शिक्षक काल के गाल में समा गए। ये वे शिक्षक थे जिनकी ड्यूटी कोरोना काल में कोविड केयर सेंटर, फीवर क्लीनिक, रेलवे स्टेशन, सीमावर्ती चैकपोस्ट, घर घर राशन वितरण, सर्वे से लेकर अन्य ऐसी जगहों पर लगाई गई थी जहां कोरोना संक्रमण का हर समय खतरा बना रहता था। इसके बावजूद इन शिक्षकों ने जान हथेली पर रख कर ड्यूटी की और अंतत: अपनी जान से हाथ धो बैठे। कोरोना संक्रमण वाली जगहों पर शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने से कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से उनकी मौत हुई पर शासन ने उन्हें कोरोना योद्धा की श्रेणी में नहीं माना। जिसकी वजह से मौत के बाद उनके परिवारों को समुचित आर्थिक मदद नहीं मिल सकी । दूसरी ओर निजी अस्पतालों में उपचार कराने के दौरान उनकी जीवन भर की जमा पूंजी अस्पताल का बिल चुकाने में खर्च हो गई और फिर परिवार के मुखिया के अब इस संसार में न रहने से परिजनों के सामने घोर आर्थिक संकट आ गया है।
पहली लहर में खत्म हुए थे १२ शिक्षक
एक साल पहले कोरोना की पहली लहर में जिले भर में करीब ६० शिक्षक कोरोना संक्रमित हुए थे जिनमें से करीब १२ शिक्षकों की कोरोना की वजह से मौत हो गई थी।
नहीं मिली सरकारी मदद, शिक्षा विभाग भी भूला
जिन शिक्षकों की कोराना की वजह से मौत हुई है उन शिक्षकों के परिजनों को अभी तक सरकारी आर्थिक मदद नहीं मिल सकी है। उनका परिवार भगवान भरोसे है। सुआतला में पदस्थ रहे शिक्षक भैरोंप्रसाद पाली का कोरोना संक्रमित होने के बाद लंबा उपचार चला। उनकी हालत गंभीर होने पर जबलपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया पर वहां उनकी सांसें थम गईं। निजी अस्पताल में उपचार में करीब १० लाख रुपए खर्च हो गए। परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं जिनके पालन पोषण और भविष्य संवारने वाला अब कोई नहीं है। शासन से समुचित मदद नहीं मिली। शिक्षा विभाग ने भी कोई सुध नहीं ली। गाडरवारा के माध्यमिक शिक्षक हरभजन सिंह राठौर करीब ४५ दिन अस्पताल में भर्ती रहे , सब जमा पूंजी उपचार में खत्म हो गई और वे चल बसे, परिवार के सदस्यों के सामने आर्थिक संकट आ गया है। नयाखेड़ा में पदस्थ रहे अजीत जाट का भोपाल के निजी अस्पताल में काफी दिनों तक उपचार चला, घर में जो भी रुपया था वह उपचार में खर्च हो गया अजीत इस संसार से विदा हो गए, अपने पीछे पत्नी और बच्चे छोड़ गए। अजीत के न रहने से उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। यदि शिक्षकों को कोरोना योद्धा का दर्जा मिला होता तो शासन से समुचित मदद मिल जाती।
शिक्षक संघ करेगा आर्थिक मदद
शासन द्वारा शिक्षकों की उपेक्षा के बाद शिक्षक संघ ने अपने स्तर पर दिवंगत शिक्षकों के परिजनों की आर्थिक मदद करने की पहल शुरू की है। सभी शिक्षकों की सूची तैयार कर सभी के योगदान से मदद की जा रही है।
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कोरोना काल में इन शिक्षकों की हुई मौत
धनपत ठाकुर, बरमान खुर्द जनशिक्षा केन्द्र चांवरपाठा, गोविन्द प्रजापति, अध्यापक इमलिया जन शिक्षा केन्द्र तेन्दूखेड़ा,राजकुमार पटैल, अध्यापक जनशिक्षा केन्द्र बिलहरा,सुनीता ठाकुर भामा,जितेंद्र अवस्थी जामुन पानी,रणधीर देवरी,भैरोपाली माशि सुआतला करेली, राधेश्याम कहार सहायक शिक्षक प्राथमिक शाला दिलवाड़ा संकुल सुखा खैरी, राजेश कुमार मेहरा उच्चतर माध्यमिक शिक्षक माध्यमिक शाला बारहा बड़ा, पदम सिंह राजगोड प्रधान पाठक माध्यमिक शाला चारगांव कला संकुल सूखा खैरी, रमेश कुमार मसकोले सहायक शिक्षक शासकीय प्राथमिक शाला मालनबाड़ा, निंबरी ठाकुर प्राथमिक शिक्षक प्राथमिक शाला बारहा बड़ा, रामकुमार तिवारी माध्यमिक शिक्षक शासकीय माध्यमिक शाला किरहकोटा, राजेश कुमार ठाकुर शिक्षक शासकीय हाई स्कूल खैरुवा, राम शंकर साहू सहायक शिक्षक गोटीटोरिया तेंदूखेड़ा, गोरेलाल चौधरी प्राथमिक शिक्षक शासकीय प्राथमिक शाला बरखेड़ा, धर्मेंद्र कुमार आरसे अध्यापक शासकीय हाई स्कूल कान्हरगावं।
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कहां कितने शिक्षक नहीं रहे
विकासखंड का नाम- संख्या
सांईखेड़ा-11
चीचली-08
चावरपाठा-12
करेली-04
नरसिंहपुर-10
गोटेगांव-15
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वर्जन
शिक्षकों को शुरू से ही कोरोना योद्धा का दर्जा देने की मांग की जाती रही है पर इसे अभी तक नहीं माना गया। विभाग से यह अपील है कि दिवंगत शिक्षकों की पेंशन, बीमा, एक्सग्रेसिया, जीपीएफ सहित अन्य स्वत्वों का भुगतान तत्काल कराएं आपदा में अवसर न तलाशें। दिवंगत शिक्षकों के परिजनों को तत्काल अनुकंपा नियु
िक्त दी जाए।
आनंद श्रीवास्तव, संभागीय सचिव, मध्यप्रदेश शिक्षक संघ
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