यूनियन बैंक की जांच में लेटलतीफी, पुलिस ने खाताधारकों के आवेदन पर दर्ज किया मामला

यूनियन बैंक आफ इंडिया की गोटेगांव शाखा में खाताधारकों के लाखों रुपए निकाले जाने के मामले मेंं अभी तक बैंक प्रबंधन ने कोई कार्रवाई नहीं की है। दूसरी ओर पुलिस ने धोखाधड़ी का शिकार हुए खाताधारकों की शिकायतों पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ 420 एवं 409 के तहत एफआईआर दर्ज की है।

By: ajay khare

Published: 13 Oct 2021, 11:07 PM IST

narsinghpur/गोटेगांव. यूनियन बैंक आफ इंडिया की गोटेगांव शाखा में खाताधारकों के लाखों रुपए निकाले जाने के मामले मेंं अभी तक बैंक प्रबंधन ने कोई कार्रवाई नहीं की है। दूसरी ओर पुलिस ने धोखाधड़ी का शिकार हुए खाताधारकों की शिकायतों पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ420 एवं 409 के तहत एफआईआर दर्ज की है। गौरतलब है कि अभी तक करीब ढाई करोड़ की धोखाधड़ी की शिकायतें पुलिस और बैंक प्रबंधन तक पहुंच चुकी हैं। पत्रिका ने सबसे पहले इस धोखाधड़ी का खुलासा करते हुए कई खबरें प्रकाशित की थीं । जिसके बाद कई अन्य खाताधारकों ने अपने खातों की जानकारी ली और उनके खातों से रकम गायब होने का बड़ा मामला सामने आया था। खातेदारों ने पुलिस थाना गोटेगांव में इसकी शिकायतें की थीं।
बैंक प्रबंधन टरका रहा था मामला, एसपी के निर्देश पर दर्ज हुई एफआईआर
लाखों का बैंक घोटाला प्रकाश में आने के बाद बैंक के रीजनल मैनेजर राजीव तिवारी ने कलेक्टर और एसपी से मिलकर जानकारी दी थी कि इसकी जांच चल रही है जैसे ही जांच पूरी हो जाएगी बैंक इस मामले में एफआईआर दर्ज कराएगी। बैंक की जांच में लम्बा समय व्यतीत हो जाने पर खातेदारों का धैर्य टूट गया और उन्हें बैंक की कार्रवाई संदिग्ध नजर आने लगी तो एक बार फिर खातेदार कलेक्टर और एसपी से मिले। एसपी और रीजनल बैंक मैनेजर के बीच तीन पहले फिर से बात हुई। जिसमें बैंक प्रबंधन द्वारा जांच जारी रहने की बात फिर से कही गई । जिस पर एसपी ने पुलिस थाना प्रभारी गोटेगांव को मामला दर्ज करने निर्देशित किया । जो शिकायतें पुलिस थाना गोटेगांव में प्राप्त हुई थीं उसके आधार पर पुलिस ने अज्ञात कर्मचारी के खिलाफ धारा ४२० एवं ४०९ के तहत एफआईआर दर्ज की है। अभी तक प्राप्त शिकायतों में एक करोड़ ५५ लाख ३७ हजार रुपए का घोटाला सामने आया है।
८९ खाताधारकों के निकाले गए लाखों रुपए
यूनियन बैंक आफ इंडिया के रीजनल मैनेजर राजीव तिवारी का कहना है कि उनके पास ८९ मामले आए वे वह सभी सही पाए गए हैं। बैंक के खातेदारों के रुपए वापस करने की प्रक्रिया प्रारम्भ हो गई है । एक सप्ताह में उनके खाते में राशि वापस आने लगेगी। जिस कर्मचारी ने घोटाला किया है उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है इसलिए उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए जोनल कार्यालय भोपाल प्रकरण पहुंचा दिया गया है। बैंक के वरिष्ट अधिकारी की ओर से नामजद एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
बैंक प्रबंधन ने जो समय मांगा उसमें नहीं सौंपी रिपोर्ट
पुलिस थाना गोटेगांव के टीआई कमलेश चौरिया का कहना है कि बैंक अधिकारियों द्वारा जांच के लिए जो समय मांगा था उसके बाद भी अपनी जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी गई। बैंक की ढुलमुल कार्यप्रणाली को देखते हुए जो २९ शिकायतें विभिन्न खातेदारों की पुलिस को प्राप्त हुई थीं उनके आधार पर बैंक के अज्ञात कर्मचारी के खिलाफ धारा ४२०,४०९ के तहत मामला कायम किया गया है । अब बैंक वाले पुलिस को बताएंगे कि किन किन कर्मचारियों ने सांठगांठ कर खातेदारों के खातों में राशि ट्रांसफ र कर धोखाधड़ी की है।
सह आरोपी बनेंगे राशि हजम करने वाले
पुलिस ने बताया है कि जिन खातेदारों के खाते में धोखाधड़ी से राशि ट्रांसफर हुई है और उनके द्वारा बैंक को कोई जानकारी नहीं दी गई और खाते से राशि निकाल ली गई ऐसे खातेदार भी सह आरोपी की सूची में सम्मलित होंगे।
आरोपियों को बचा रहा बैंक प्रबंधन
इस बैक घोटाला में कौन कौन शामिल है इसकी जानकारी बैंक प्रबंधन छिपा रहा है। रीजनल मैनेजर का कहना है कि जिन्होंने घोटाला किया है उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और उन्हें निलम्बित कर दिया है और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने लिखा गया है । बैंक ने सिर्फ दो कर्मचारियों को ही प्रथम चरण में निलम्बित किया था यहां पर सवाल उठ रहे हंै कि २०१७ से जो घोटाला चल रहा था उसमें क्या दो ही कर्मचारी सम्मलित थे । बैंक अन्य प्रबंधन अन्य आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रहा है

वर्जन
यूनियन बैंक में खाताधारकों से लाखों रुपए की धोखाधड़ी के मामले में जो एफआईआर दर्ज की गई है उसकी जांच पुलिस द्वारा ही की जाएगी। इस मामले को आर्थिक अपराध अनुसंधान को सौंपने का अभी कोई विचार नहीं है।
विपुल श्रीवास्तव,पुलिस अधीक्षक

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