scriptMammu disappointed passengers said it was better than a lakh fast pass | मैमू ने किया निराश यात्रियों ने कहा इससे तो लाख भली थी फास्ट पैसेंजर | Patrika News

मैमू ने किया निराश यात्रियों ने कहा इससे तो लाख भली थी फास्ट पैसेंजर

. रेलवे द्वारा शुक्रवार से इटारसी कटनी एवं कटनी इटारसी फास्ट पैसेंजर की जगह चलाई गई मैमू ट्रेन ने अपने पहले ही सफर में यात्रियों को निराश किया। बैठने के लिए सीटें संकरी और कम डिब्बे होने के कारण यात्रियों को इसका सफर आरामदायक व सुविधाजनक नहीं लगा और अधिकांश यात्रियों की यही प्रतिक्रिया थी कि इससे तो इटारसी कटनी फास्ट पैसेंजर लाख गुना ज्यादा अच्छी थी।

नरसिंहपुर

Published: August 16, 2021 09:10:56 pm

नरसिंहपुर. रेलवे द्वारा शुक्रवार से इटारसी कटनी एवं कटनी इटारसी फास्ट पैसेंजर की जगह चलाई गई मैमू ट्रेन ने अपने पहले ही सफर में यात्रियों को निराश किया। बैठने के लिए सीटें संकरी और कम डिब्बे होने के कारण यात्रियों को इसका सफर आरामदायक व सुविधाजनक नहीं लगा और अधिकांश यात्रियों की यही प्रतिक्रिया थी कि इससे तो इटारसी कटनी फास्ट पैसेंजर लाख गुना ज्यादा अच्छी थी। यात्रियों को बैठने के लिए पर्याप्त संख्या में सीटें उपलब्ध थीं और हर डिब्बे में टॉयलेट भी थे। इसमें न तो खिड़कियां हैं और न ही सामान रखने को पर्याप्त जगह। पत्रिका ने इस ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों से बातचीत की तो अधिकांश यात्रियों ने यह कहा कि फास्ट पैसेंजर ज्यादा सुविधाजनक है उसे बंद न किया जाए और यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा देने के लिए मैमू को अलग समय पर चलाया जाए। जिससे यहां के छात्रों, छोटे व्यापरियों, अप डाउनर्स व छोटे स्टेशनों के ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सुविधा मिलेगी।
स्पेशल बनाकर चला रहे फास्ट पैसेंजर की बंद
इटारसी -कटनी फास्ट पैसेंजर ०५६७१ एवं कटनी -इटारसी फास्ट पैसेंजर ०५६७२ को कोविड काल में स्पेशल ट्रेन के रूप में चलाया जा रहा था। अब इसकी जगह रेलवे ने शुक्रवार से मैमू ट्रेन ०६६२०-०६६१९ शुरू कर दी है और फास्ट पैसेंजर को बंद कर दिया है। जो पैसेंजर चल रही थी उसमें 14 डिब्बे थे जबकि मैमू में कुल आठ डिब्बे हैं । इसकी सीटें पैंसेंजर की तुलना में कम सुविधाजनक और संकरी हैं जिससे यात्रियों को बैठने में परेशानी महसूस होती है। यात्रियों के लिए खड़े होकर यात्रा करने की भी व्यवस्था की गई है। इस नई नवेली ट्रेन में दरवाजे बड़े हैं जिससे एक साथ कई यात्री सुविधाजनक तरीके से ट्रेन में चढ़ उतर सकते हैं पर डिब्बों में खुली विंडो नहीं है उनमें सुरक्षा जाली लगी है जिससे यात्री स्टेशन के प्लेटफार्म पर वेंडरों से बाहर से कोई सामान चाय नाश्ता पानी की बोतल आदि नहीं खरीद सकते।
बाहर से अच्छी लगी पर अंदर जाने पर हुई निराशा
पहली बार इस ट्रेन से नरसिंहपुर जिले के अलग अलग स्टेशनों से यहां के लोगों ने जबलपुर कटनी व अन्य स्टेशनों के लिए यात्रा की तो नई ट्रेन देखकर उन्हें खुशी हुई और उत्साहपूर्वक ट्रेन के अंदर प्रवेश किया पर जब अंदर बैठने के लिए सीट नहीं मिली तो निराशा हुई। आसपास के २०-३० किमी जाने वालों का सफर तो आसान रहा पर जिन्हें नरसिंहपुर, करेली, गाडरवारा, बोहानी, श्रीधाम करकबेल से कटनी जाना था उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। लौटते समय कटनी से इटारसी तक जाने वाले कई यात्रियों को सीट न मिलने से खड़े खड़े सफर करना काफी कष्टप्रद साबित हुआ। खासतौर से सीनियर सिटीजन और बीमार व बच्चों के लिए मैमू का सफर कष्टदायक रहा। मैमू का सफर करने वाले यात्रियों की जुबानी
पत्रिका टीम ने नरसिंहपुर स्टेशन, श्रीधाम, करेली, गाडरवारा,बोहानी आदि स्टेशनों पर इससे सफर करने वाले मुसाफिरों से बात की तो अधिकांश लोगों ने यह कहा कि यह ट्रेन एक नई सुविधा हो सकती है पर फास्ट पैसेंजर को पहले की तरह चालू रखा जाए और उसे बंद न किया जाए।
श्रीधाम स्टेशन पर कालूराम पटेल ने कहा यह ट्रेन फास्ट पैसेंजर की तुलना में अच्छी व आरामदायक नहीं है। फास्ट पैसेंजर को चालू किया जाए, इस ट्रेन को उसके पीछे कुछ देरी के अंतर से चलाया जाए।
करेली स्टेशन से ट्रेन से चढ़े अरुण अस्थाना ने कहा इसमें डिब्बों की संख्या कम है जिससे अधिकांश लोगों को सीट नहीं मिली। यह सुविधाजनक नहीं है। इससे अच्छी तो फास्ट पैसेंजर ट्रेन थी।
गाडरवारा स्टेशन पर उतरे रामप्रकाश अहिरवार ने बताया उन्हें इटारसी से खड़े होकर आना पड़ा क्योंकि डिब्बे कम होने से सीट नहीं मिल सकी। उन्होंने कहा इसे चालू रखें पर फास्ट पैसेंंजर बंद न करें।
नरसिंहपुर स्टेशन पर उतरे अजय दुबे ने बताया कि वे इटारसी से इस ट्रेन में चढ़े थे डिब्बे कम होने से सीटें पहले ही भर गईं गाडरवारा में बैठने के लिए सीट मिली। दुबे का कहना था कि फास्ट पैसेंजर बंद कर मैमू चलाना गलत निर्णय है।
त्योहारों के समय होगी परेशानी
मैमू ट्रेन में केवल ८ डिब्बे होने की वजह से त्योहारों के समय यात्रियों का सफर काफी परेशानी भरा होगा। इसके पहले चलाई जा रही फास्ट पैसेंजर में १४ डिब्बे होने की वजह से अधिक संख्या में यात्री सफर कर पाते थे। ऊपर की सीट पर भी यात्री बैठ जाते थे। यात्री कम होने पर सीटें खाली होने पर यात्री आराम से सोकर अपनी थकान भी मिटा लेते थे।

वर्जन
रेलवे ने यात्रियों को और अधिक सुविधाएं देने व आरामदायक सफर के लिए फास्ट पैसेंजर की जगह मैमू ट्रेन चलाई है। फास्ट पैसेंजर को बंद कर दिया गया है।
संजय सोनकर स्टेशन मास्टर
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