आसमान में छा रही धुंध, उर्वरा शक्ति हो रही नष्ट

आसमान में छा रही धुंध, उर्वरा शक्ति हो रही नष्ट

Narendra Shrivastava | Publish: Apr, 21 2019 12:03:38 AM (IST) Narsinghpur, Narsinghpur, Madhya Pradesh, India

गेहंू और गन्ना कटने के बाद किसान खेत में जला रहे नरवाई, आसपास के खेतों में आग लगने का बना रहता है खतरा

गाडरवारा। इन दिनों गर्मी के चलते एक जरा सी चिंगारी ही बड़े अग्रिकांड को अंजाम दे सकती है। इसके बाद भी नरवाई जलाने की घातक लापरवाही बरती जा रही है। ज्ञात रहे आजकल बड़े पैमाने पर किसानों द्वारा खेतों में फसल कटाई का काम जारी है। फसल काटने के बाद कटे हुए डंठल जिन्हें नरवाई कहा जाता है, वह खेत में लगे रहते हैं। इन्हें खेत से साफ कराने के बजाय अधिकतर किसान आग लगाकर खेत में ही जला देते हैं। साथ ही गन्ने की कटाई में अनेक किसानों तथा शुगर मिलों द्वारा गन्ना भी जलाकर काटा जाता है। इस प्रकार नरवाई एवं कचरा जलाने से जहां वातावरण में प्रदूषण फैलता है। वहीं हवा चलने से आसपास के गन्ने के खेतों में आग लगने का भी खतरा बना रहता है। अब तक ऐसी अनेक घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें नरवाई जलाना खेत में आग लगने की वजह बनी। बानगी के लिए पड़ोसी होशंगाबाद जिले में बीते दिनों हुआ जानलेवा अग्रिकांड इसी का परिणाम बताया गया है। जिसमें सैकड़ों एकड़ की फसल जलने के साथ अनेक लोगों की मौत हुई तथा कई लोग झुलस गए।

मित्र कीट उर्वरा क्षमता का होता है हृास
खेती के जानकार बताते हैं कि इस प्रकार खेतों को आग लगाने से अनेक प्रकार के मित्र जीवाणु एवं कीटों के साथ भूमि के पोषक तत्व जो ऊपरी परत में रहते हैं। आग लगने से सब नष्ट हो जाते हैं। इससे खेत की उर्वरता बढ़ाने के लिए रासायनिक खाद, उर्वरकों का इस्तेमाल करना पड़ता है। जो अंत में जमीन के लिए नुकसानदेह साबित होते हैं।

छाई रहती है धुंध की परत
ठंड के दिनों में खेतों में आग लगाने से धुआं वातावरण में छाया रहता है। इससे रात के समय धुंध की परत सी छाई दिखती है। जो पर्यावरण में तरह तरह से नुकसान पहुंचाती है। गौरतलब रहे कि प्रशासन द्वारा खेतों में नरवाई जलाने की मनाही है। लेकिन इसके बाद भी लगभग हर गांव में नरवाई जलाई जाती है।

खेत बखरना लाभदायक
बताया जाता है कि गन्ना गेहूं व अन्य फसलें काटने के बाद नरवाई को जलाने के बजाय यदि खेत में ही बखर कर मिट्टी में मिला दिया जाए तो अधिक उपयोगी साबित हो सकती हैं। आगजनी के भय एवं नरवाई जलाने के नुकसान देखते हुए अनेक जागरुक किसानों ने प्रशासन से किसानों को समझाइश देकर नरवाई जलाने पर पूरी तरह रोक लगाने की अपेक्षा व्यक्त की है।

इधर भौंरझिर में शॉर्ट सर्किट से जला सात एकड़ का गेहूं
भौंरझिर-गाडरवारा. ग्राम भौरझिर में शनिवार दोपहर हीरापुर वाले कमलेश महाराज, हेमराज राठौर, अजमेर कौरव के गेहूं के खेत में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। जिससे लगभग 7 एकड़ खेत का गेहूं जलकर खाक हो गया। ग्राम के लोगों ने मौके पर जाकर आग को काबू किया। वहीं फायर ब्रिगेड को सूचना के बाद देर तक नहीं पहुंची थी। इससे ग्रामवासियों ने मशक्कत कर आग पर काबू पाया।

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