कोरोना काल में जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को बखूबी संभाल रही हैं सौ से ज्यादा नर्सें

अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर विशेष- जिला अस्पताल में 124 नर्स कार्यरत हैं जिनमें से 50 नर्स कोविड में अपनी सेवाएं दे रही हैं। कई नर्सों को कोरोना मरीजों की सेवा के दौरान कोरोना संक्रमण का शिकार होना पड़ा पर वे स्वस्थ होकर फिर से अपनी ड्यूटी पर जा पहुंचीं

By: ajay khare

Published: 11 May 2021, 10:55 PM IST

नरसिंहपुर. इस कोरोना काल में सरकारी अस्पतालों की नर्सों ने जिले की स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाओं में अपना महत्वूपर्ण योगदान दिया है। पिछले साल शुरू हुए कोरोना संक्रमण की पहली लहर और अब दूसरी लहर में ये साबित किया है कि वे मरीजों की सेवा के लिए समर्पित हैं। डॉक्टरों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिस तरह से नर्सों ने इस आपदा काल में काम किया है वह तारीफ के काबिल है। जिला अस्पताल में 124 नर्स कार्यरत हैं जिनमें से 50 नर्स कोविड में अपनी सेवाएं दे रही हैं। कई नर्सों को कोरोना मरीजों की सेवा के दौरान कोरोना संक्रमण का शिकार होना पड़ा पर वे स्वस्थ होकर फिर से अपनी ड्यूटी पर जा पहुंचीं और अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रही हैं। इनमें से तो कई नर्सें ऐसी थीं जो अपने घर परिवार से दूर यहां अकेले रह रहीं थीं और इस बीच कोरोना संक्रमण का शिकार होने पर वे होम क्वारंटीन रहीं। ये कोरोना योद्धा स्वयं का संक्रमण से बचाव करते हुए कोविड मरीजों की सेवा में अनवरत निष्ठा के साथ जुटी हुई हैं। वे कोरोना मरीजों की जरूरतों का पूरा ध्यान रखती हैं। जिला चिकित्सालय नरसिंहपुर की स्टाफ नर्स नाजनीन बानो कोरोना पॉजिटिव हो गईं। उपचार के बाद स्वस्थ होने पर नाजनीन बानो फिर से जिला चिकित्सालय में अपने काम पर लौट आईं और मरीजों की सेवा में तत्परता से जुट गईं । सिस्टर अंजना जिला अस्पताल में पिछले एक वर्ष से इंचार्ज मेट्रेन सिस्टर का कार्य देख रही हैं और कोविड मरीजों के बीच रहकर पूरे वार्ड की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। वर्तमान में ३० से स्टाफ नर्स कोविड पॉजीटिव हैं।
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