MP की स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल, तीन दिन तक करते रहे एंबुलेंस का इंतजार, फिर हाथठेला से ले गए अस्पताल

-तीन दिन तक सड़क पर पड़ा रहा गरीब ओमप्रकाश
-ग्रामीण युवक लगातार मिलाते रहे 108 नबर

By: Ajay Chaturvedi

Published: 05 Apr 2021, 02:33 PM IST

नरसिंहपुर. प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार लगातार तेज होती जा रही है, लेकिन शासन-प्रशासन का ध्यान केवल चालान काटने पर है। आम आदमी की सुविधाओं पर तनिक भी ध्यान नहीं रहा। हालत इतने बुरे हैं कि लोगों को अपने संक्रमित परिजन के लिए एंबुलेंस तक नहीं मिल रही। ऐसे में लंबा इंतजार करने के बाद उन्हें हाथठेले पर लाद कर अस्पताल पहुंचा रहे हैं।

इसका ताजा तरीन उदाहरण है सिहोरा गांव, जहां पर एक गरीब को अस्पताल पहुंचाने के लिए स्थानीय लोग तीन दिन से 108 नंबर डायल कर एंबुलेंस बुलाते रहे लेकिन, एंबुलेंस नहीं पहुंची। उधर मरीज की हालत दिन ब दिन बिगड़ती जा रही थी। ऐसे में थक-हारकर ग्रामीणों ने उसे लाकडाउन के दिन हाथठेले पर रखकर निजी अस्पताल पहुंचाया।

बताया जा रहा है कि सिहोरा गांव में ओमप्रकाश मिश्रा नामक व्यक्ति कई दिनों से बीमार चल रहा है। बेघर ओमप्रकाश सड़क किनारे पड़ा रहा। उसे बुखार के साथ-साथ उल्टी-दस्त की शिकायत थी। कहा जा रहा है कि इस व्यक्ति इलाज के लिए स्थानीय लोगों ने कई बार गाडरवारा व चावरपाठा के अस्पताल को सूचित किया लेकिन इसे भर्ती करने में रुचि नहीं दिखाई गई। स्थानीय युवाओं, मोनू पटवा, हर्षित जैन ने बताया कि पिछले तीन दिन से वह लगातार 108 एंबुलेंस पर डायल कर मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए सूचना दे रहे थे लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। रविवार को ओमप्रकाश की हालत इस कदर बिगड़ी की वह लगातार उल्टी, दस्त करने लगा। यह देखकर उन्होंने फिर से एंबुलेंस की सेवा मांगी लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची तो युवाओं ने हाथठेले का जुगाड़ कर गरीब मरीज को निजी अस्पताल ले जाकर इलाज कराया।

"सिहोरा क्षेत्र चावरपाठा विकासखंड के अंतर्गत आता है। फिलहाल वहां पर किसी मरीज को हाथठेले पर स्वास्थ्य केंद्र लाने की जानकारी मेरे संज्ञान में नहीं आई है, जहां तक बात एंबुलेंस की है तो इसका कॉल सेंटर भोपाल में है, वहीं से ये सेवाएं संचालित होती हैं। इस पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं है।"-डॉ. राकेश बोहरे, प्रभारी सिविल अस्पताल गाडरवारा

"सिहोरा क्षेत्र में ओमप्रकाश मिश्रा नामक मरीज के संबंध में उनके पास कोई जानकारी नहीं आई है। हो सकता है कि वह नजदीकी गाडरवारा के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया हो। हमारे पास यदि जानकारी आती तो हम उसके इलाज की व्यवस्था करते। जहां तक बात कोविड या अन्य बीमारियों की जांच की है तो मरीज कहीं पर भी जाकर परीक्षण करा सकता है। इसके लिए कोई बंधन नहीं है।"-डॉ. एसपी अहिरवार, सीबीएमओ, चावरपाठा

"मरीज को हाथठेले पर लेकर ले जाना पड़ा, इस बारे में फिलहाल मेरे पास कोई जानकारी नहीं है। हालांकि बीमारों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम सिहोरा क्षेत्र में सक्रिय है। हम लगातार लोगों को कोविड-19 के प्रति जागरूक रहने के लिए सचेत भी कर रहे हैं।"-मीनाक्षी जायसवाल, तहसीलदार सिहोरा

"एंबुलेंस सेवाएं भोपाल से संचालित होती हैं। आज ही मेरी भोपाल में बात हुई है, जल्द ही हमें कोविड या अन्य गंभीर बीमारों को अस्पताल पहुंचाने वाली विशेष एंबुलेंस व उनके चालकों के नंबर मिल जाएंगे। इन्हें हम सार्वजनिक करेंगे, ताकि बीमार लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके। सिहोरा के ओमप्रकाश मिश्रा के मामले की मैं जानकारी लेता हूं। उसकी कोविड समेत अन्य सभी जांच कराई जाएगी।"-डॉ. मुकेश जैन, सीएमएचओ, नरसिंहपुर।

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