पुलिस में तनाव की थर्ड डिग्री,अपने ही खिलाफ मामला दर्ज कर रही पुलिस

लाइन में खतरे में अनुशासन,आए दिन हो रहे विवाद, पहुंच रहे थाने और अदालत

By: ajay khare

Published: 04 Jan 2018, 07:51 PM IST

नरसिंहपुर। दूसरों के झगड़े निपटाने वाली पुलिस अपने ही अंदर के झगड़ों से नहीं निपट पा रही है। पुलिस कर्मचारियों और कतिपय अफसरों के बीच इस कदर तनाव बढ़ रहा है कि आपसी मामले मारपीट और कोर्ट तक पहुंच रहे हैं । ऐसे में पुलिस को अब खुद ही तनाव मुक्त होने की जरूरत पड़ रही है। जानकारी के अनुसार सबसे ज्यादा तनाव का वातावरण पुलिस लाइन में है। यहां आपसी तनातनी दुव्र्यवहार और मारपीट के मामले सामने आ रहे हैं । सूत्रों की मानें तो रक्षित निरीक्षक और पुलिस वालों के बीच तनाव इस कदर बढ़ चुका है कि एक दूसरे की कॉलर पकडऩे मारपीट और पुलिस में मामला दर्ज कराने की घटनाएं हो चुकी हैं । इतना ही नहीं कुछ मामले कोर्ट में प्राइवेट इस्तगासा दायर करने तक पहुंच गए हैं । इस सब के बावजूद पुलिस विभाग में तनाव कम होने की बजाय और बढ़ता जा रहा है। जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले प्रधान आरक्षक जगदीश सिंह टेकाम और रक्षित निरीक्षक दिनेश मर्सकोले के बीच पहले कहासुनी हुई फिर बात एक दूसरे की कॉलर पकडऩे तक पहुंची और उसके बाद घमासान में बदल गई और जमकर मारपीट हुई। जिसके बाद रक्षित निरीक्षक ने कोतवाली में एफआईआर दर्ज करा दी। दूसरों के झगड़ों में रिपोर्ट दर्ज करने वाली पुलिस को खुद अपने ही झगड़ों को लेकर रिपोर्ट दर्ज करनी पड़ी। इस मामले में जांच के बाद संबंधित प्रधान आरक्षक जगदीश सिंह की नियमानुसार गिरफ्तारी भी की गई। मामला यहीं नहीं थमा, प्रधान आरक्षक जगदीश सिंह टेकाम ने कोर्ट में प्राइवेट इस्तगाशा दायर कर दिया है। बताया गया है कि वरिष्ठ अफसरों ने दोनों पक्षों को बात को वहीं खत्म करने के लिए मनाने का प्रयास किया पर एक पक्ष रिपोर्ट दर्ज कराने पर अड़ गया जिसके बाद कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई। लाइन में करीब 70 लोगों का पुलिस बल है पुलिस कर्मियों और एक अफसर के बीच भारी तनाव का वातावरण है। जानकारी के अनुसार लाइन में आए दिन स्टाफ और अफसर के बीच अनुशासन की मर्यादाएं टूटनेके वाकये हो रहे हैं। ये शिकायतें उच्च अधिकारियों के पास भी पहुंच रही हैं। इससे पूर्व लाइन में एक एसडीओ से दुव्र्यवहार का मामला भी काफी चर्चा में रहा था। लाइन के श्याम ड्राइवर की मौत को लेकर उसकी पत्नी भी लाइन के अफसरों पर प्रताडऩा का आरोप लगा चुकी है। पुलिस लाइन में आपसी मनमुटाव और दुव्र्यवहार और मारपीट के मामलों से तंग आकर यहां पदस्थ रहे पुलिस अधीक्षक मुकेश श्रीवास्तव ने आरआई को अपना व्यवहार सुधारने की लिखित चेतावनी तक दे डाली थी। दूसरी ओर एक निरीक्षक द्वारा सेट पर पुलिस अधीक्षक श्रीवास्तव से बदतमीजी करने का मामला भी सामने आ चुका है जिसमें निरीक्षक को निलंबित किया गया था। स्टेशन गंज थाना प्रभारी रहे एसएल झारिया रात में किसी तनाव के चलते जनता के बीच अपने पुरुषार्थ के प्रदर्शन को लेकर आरोपों के घेरे में रहे और उन्हें लाइन अटैच किया गया। झारिया ने एक सोशल ग्रुप में कुछ आपत्तिजनक पोस्ट कर दी थी जिसके बाद विभाग ने उन्हें लाइन अटैच कर दिया था उनका मामला अभी भी चल रहा है।
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वर्जन
रक्षित निरीक्षक दिनेश मर्सकोले और हवलदार जगदीश सिंह टेकाम के बीच मारपीट के मामले में कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई थी जिसमें गिरफ्तारी भी हुई थी।
अखिलेश दाहिया, कोतवाली थाना प्रभारी
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वर्जन
लाइन में स्टाफ के साथ कहासुनी, मनमुटाव नोक झोंक,मामूली बात है ये सब तो चलता ही रहता है। लाइन में मेरे व्यवहार से कोई परेशान नहीं है। ये कोई गंभीर विषय नहीं है। मैं इस सिलसिले में बाद में बात करूंगा।
दिनेश मर्सकोले, रक्षित निरीक्षक
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इनका कहना है
तनाव को कम करने के लिए स्टाफ और सीनियर के बीच लगातार संवाद स्थापित किया जा रहा है इसके अलावा योगा, स्पोर्ट्स आदि कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। ताकि यदि कोई समस्या है तो उसका उचित निराकरण हो सके। आवास की बड़ी समस्या थी जो इस सात तक २०० मकान बनने के बाद खत्म हो जाएगी। फिलहाल लाइन में अब तनाव की कोई स्थिति नहीं रही।
डॉ.मोनिका शुक्ला, एसपी

 

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