Narmada river : नर्मदा को प्रदूषण से बचाने 105 करोड़ की लागत से किया जाएगा सीवरेज मैनेजमेंट

118 किलोमीटर सीवर नेटवर्क से जोड़े जाएंगे 14 हजार घर

By: Sanjay Tiwari

Published: 07 Mar 2020, 12:35 PM IST

नरसिंहपुर। नर्मदा नदी की पवित्रता को बनाए रखने के लिए मध्यप्रदेश अर्बन सेनिटेशन एंड एन्वायरमेंट प्रोग्राम एमपीयूएसईपी के अफसरों ने यहां कलेक्टर के साथ मीटिंग कर अपना प्रजेंटेशन दिया जिसमें सीवरेज मैनेजमेंट की पूरी रूपरेखा बताई गई। प्रजेंटेशन के दौरान बताया गया कि स्वच्छ भारत मिशन के एक अभियान अंग के रूप में यहां 105 करोड़ की लागत से सीवरेज मैनेजमेंट सिस्टम बनाया जाएगा। 118 किलोमीटर सीवर नेटवर्क के द्वारा यहां के 14 हजार घरों को जोड़ा जाएगा।

एमपीयूएसईपी नर्मदा के किनारे बसे 4 अन्य शहरों , सेंधवा, बड़वानी, होशंगाबाद में भी सीवरेज संग्रह, सीवरेज उपचार और निपटान सहित स्वच्छता सेवाओं के प्रावधानों में सुधार करेगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पवित्र नदी की रक्षा, जनसंख्या के लिए निरंतर सीवरेज सेवाओं को सुनिश्चित करने हेतु स्थानीय निकायों को सुदृढ़ बनाना है। आज नवीन कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में डिप्टी टीम लीडर प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट हेक जंकर शर्मा ने कलेक्टर दीपक सक्सेना को पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से इसकी रूप रेखा बताई और विस्तृत जानकारी दी।

गौरतलब है कि वर्तमान में नरसिंहपुर के लिए कोई भी एकीकृत सीवरेज प्रणाली विद्यमान नहीं है। घरों एवं अन्य संस्थानों का सीवेज पवित्र नर्मदा नदी को दूषित कर रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अधिक स्वच्छता एवं बेहतर स्वास्थ्य निर्माण अवधि के दौरान सभी घरों को सीवरेज कनेक्शन विश्वस्तरीय तकनीक से सीवरेज पानी का उपचार एवं पुन: उपयोग, शहर की सुंदरता को बढ़ाना है। यह कार्य शहर में चरणबद्ध तरीके से होगा। जन साधारण को स्थानीय निकायों एवं सार्वजनिक अभियानों के माध्यम से परियोजना गतिविधियों के बारे में नियमित रूप से और समय समय पर सूचित किया जायेगा। उक्त सर्वे कार्य अप्रैल माह से प्रारंभ किया जाएगा। सर्वेक्षणकर्ता घर घर जाकर सर्वे कार्य करेंगे। सर्वेक्षणकर्ता को सहयोग कर अपशिष्ट जल निर्वहन के बारे में सही जानकारी प्रदान करें। साथ ही निर्माण अवधि के दौरान सहयोग करें। बैठक में पुष्पेन्द्र शर्मा, मनीष शर्मा जीआईएस एक्सपर्ट एएमसी, पिंकेश मिश्रा आईटी एक्सपर्ट एएमसी, सीएमओ किशन सिंह ठाकुर मौजूद थे।

कागजों पर सीवर ट्रीटमेंट
नर्मदा जयंती पर बरमान में 24 जनवरी को अंत्योदय मेला कार्यक्रम आयोजित किया गया था । जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्थानीय जन प्रतिनिधियों की मांग पर नर्मदा संरक्षण को लेकर घोषणा की थी कि गंदा पानी नर्मदा में नहीं मिले, इसके लिए बरमान सहित अन्य जिलो में नर्मदा के दोनों तटों पर सीवरेज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाये जायेंगे जो अगले डेढ़ साल में तैयार हो जायेंगे। उन्होंने नर्मदा के दोनों तटों पर 8 करोड़ पौधे लगाने की योजना बनाने की भी बात की थी। उनकी इस घोषणा पर योजना जरूर बनाई गई थी पर अभी तक उस पर कोई काम शुरू नहीं हो सका है। जिससे नर्मदा के प्रति श्रद्धा भाव रखने वाले स्थानीय लोगों में निराशा है।

कई जगहों पर नर्मदा में मिल रहा गंदा पानी
जिले में कई स्थानों पर नर्मदा नदी में गंदा पानी मिल रहा है। सबसे ज्यादा गंदगी बरमान में देखने को मिलती है। यहां सीढ़ी घाट पर बनाए गए सार्वजनिक शौचालय से निकलने वाला गंदा पानी एक नाली से होकर आगे नर्मदा में मिलता है। इसके अलावा यहां मकर संक्रांति व अन्य प्रमुख त्योहारों पर यहां आने वाले श्रद्धालुओं द्वारा की जाने वाली गंदगी भी नर्मदा में मिलती है। स्थानीय निकाय द्वारा घाटों की सफाई पर पूरा ध्यान न दिए जाने की वजह से घाटों पर लोगों द्वारा की जाने वाली गंदगी भी सीधे नर्मदा में मिलती है।

Sanjay Tiwari
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