न दवा मिली न दूध, हेल्पलाइन पर भी नहीं मिल रही मदद

प्रशासन ने रविवार से लोगों का घर से निकलना पूरी तरह बंद कर दिया। लोगों को होम डिलेवरी का आश्वासन दिया गया पर इसमें प्रशासन फेल साबित हुआ।

By: ajay khare

Published: 29 Mar 2020, 08:22 PM IST

नरसिंहपुर/गाडरवारा. प्रशासन ने रविवार से लोगों का घर से निकलना पूरी तरह बंद कर दिया। लोगों को होम डिलेवरी का आश्वासन दिया गया पर इसमें प्रशासन फेल साबित हुआ। लोग दवा और दूध जैसी जरूरी चीजों के लिए परेशान होते रहे। प्रशासन द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन जैसी व्यवस्थाएं कागजी साबित हुईं। परिस्थितियों का आंकलन किए बिना अचानक नई व्यवस्थाएं लागू करने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

रविवार को सैकड़ों घरों में दूध और जरूरी दवाओं की सप्लाई नहीं हो सकी। प्रशासन ने गांवों से आकर शहर में दूध की सप्लाई करने वाले दूधियों के लिए अनुमति व पेट्राल की व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया था जिसकी वजह से दूधिये अपने गांव से शहर के लिए दूध लेकर तो निकले पर उन्हें पेट्रोल नहीं मिलने से वे शहर तक नहीं आ सके। दूधिये घंटों परेशान होते रहे पर उनकी समस्या का निदान नहीं हो सका। प्रशासन ने जो हेल्पलाइन जारी की थी उस पर कोई सुनने वाला और जवाब देने वाला नहीं था। प्रशासन ने रविवार से बिना अनुमति दोपहिया वाहनों के चलने पर प्रतिबंध लगा रखा था। फोन लगाकर पूछने पर कई दूधवालों ने बताया कि वाहन न चलने की अनुमति न होने से वह शहर नहीं आए।
व्रत रखने वाले हुए परेशान
इन दिनों नवरात्र का पर्व चल रहा है। जिसमें कई लोग केवल दूध का सेवन कर उपवास करते हैं। वहीं कई घरों में बीमारों एवं बच्चों के लिए दूध जरूरी था। दूूध की आपूर्ति न होने से लोग परेशान व नाराज हुए और सोशल मीडिया पर प्रशासन की आलोचना करते रहे।
नहीं मिली दवाएं
क्रोनिक डिसीज से पीडि़त मरीजों को दवाओं के लिए प्रशासन का मोहताज होना पड़ा पर उन्हें कोई मदद नहीं मिल सकी। जिन लोगों की डायबिटीज, ब्लड प्रेसर , हार्ट व अन्य बीमारियों की दवाएं खत्म हो गई थीं उनके लिए लोग बार बार प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए वाटसएप नंबर पर पर्चे डालते रहे पर कोई रिस्पांस नहीं मिला।

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ajay khare Bureau Incharge
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